सच्चे गुरु की महिमा की कथा...
मक्खन साह लुबना नाम का एक बड़ा व्यापारी एक बार हजारों का माल लेकर जहाज से वापस लौट रहा था तभी अचानक समुद्र में तूफान आ गया, मक्खन साह सिक्ख गुरुओ में श्रद्धा रखते थे उन्होंने अपने डूबते जहाज को बचाने के लिए प्रार्थना किया और कहा मै 500 सोने के सिक्के भेट करूँगा, उसकी प्रार्थना स्वीकार हुई, जहाज बचकर सामान गोदाम तक पहुंच गया, मक्खन साह अपने वचन को पूरा करने के लिए वकाला पहुंचे वहां कई ढोंगी गुरु को बैठे देख वह असली गुरु को पहचान ना सका और सभी के पास जाकर दो दो सोने की मोहरे भेट करता गया. किसी ने बताया बाबा टेगा जी अँधेरी कोठरी में तपस्या में लीन रहते हैं मक्खन उनके पास जाकर 2 सोने के सिक्के लेकर भेट किया गुरु जी ने कहा 500 का वादा कर दो मोहरे भेट किये, जिससे असली गुरु की पहचान हो गई वह बहुत खुश हुआ...
Posted on: Dec 27, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
दिन भर चाहे जहाँ रहियो हमार पिया...लोकगीत -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक लोकगीत सुना रहे है:
दिन भर चाहे जहाँ रहियो हमार पिया-
रात को घर चले अइयो हमार पिया-
आज के रतिया जो घर नहीं अइयो-
बोर बहे पछ्तइयो हमार पिया-
दिन भर चाहे जहाँ रहियो हमार पिया...
Posted on: Dec 26, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
बिरहा के आगि आला गेला यही तोन में...निर्गुण गीत-
रवि कुमार एक निर्गुण गीत सुना रहे है:
बिरहा के आगि आला गेला यही तोन में-
कौन साखी मार देहली तोह्ना ये राम-
कौन साखी मार देहली तोह्नावा ये अर्जी-
बिरहा के आगि आला गेला यही तोन में...
Posted on: Dec 26, 2017. Tags: RAVI KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
युग की जड़ता के खिलाफ एक इन्कलाब है...गीत-
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार अशोक भार्गव की एक रचना सुना रहे है:
युग की जड़ता के खिलाफ एक इन्कलाब है-
हिन्द के जवानों का एक सुनहरा ख्वाब है-
भारतीय सांस्कृतिक क्रांति मानवीय सांस्कृतिक क्रांति-
विश्व में हमारी पहुँच बढ़ रही है आज पर-
दूर हो रहा है घर पडोसी का-
आदमी को आदमी के करीब लाएगी-
भारतीय सांस्कृतिक क्रांति मानवीय सांस्कृति क्रांति...
Posted on: Dec 26, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
तरही जाए पापी, तरही जाए पापी जो आया है शरण...भजन गीत -
रवि कुमार एक भजन गीत सुना रहे है:
तरही जाए पापी, तरही जाए पापी जो आया है शरण-
गंगा से निर्मल है गुरु का चरण-
गुरुदेव का महिमा अगम निराला है-
सब कुछ पाया उसने जो भी शरण आया है-
तन मन धन जो कर दे सब कुछ अर्पण-
गंगा से निर्मल है गुरु का चरण...





