जाल में झुलना झूलै मेकरा...आदिवासी प्रकृति गीत
ग्राम-कौवानार, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम, छत्तीसगढ़ से भूप सिंह टेकाम एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं. गीत मकड़ी और मकड़ा के जीवनचर्या पर आधारित है. जैसे चिड़िया-पक्षी गर्मी के समय कहीं भी बसेरा कर लेते है लेकिन बरसात में अपने घोंसलों में लौट जाते हैं, वैसे ही मकड़ी और मकड़ा भी अपने जाल बुनते है:
केकरा अव में कहान बदिन-
मिलके एक दिन काम करीन-
हाय-हाय रे केकरा नरवा के तीर मा बिल्ला बनाए-
हाय-हाय रे केकरा रुखवा ऊपर में जाल बिछाय-
केकरा के गोड़ कुकुर मकोड़, मेकरा भागे है पाटा तोर-
केकरा के डाढ़ा लचावे डोकरा-
जाल में झुलना झूलै मेकरा-
हाय-हाय रे केकरा नरवा के तीर मा बिल्ला बनाए-
केकरा बिल्ला मा ढोड़िया घुसे है-
मेकरा के जाल में माछी फंसे है-
मेकरा के बिला में सांप घुसे है-
मेकरा के जाल में माछी फंसे है-
केकरा ला पकडे दौड़ें छोकरा-
जाल में झुलना झूलैं मेकरा-
जाल में झुलना झूलै मेकरा-
हाय-हाय रे केकरा नरवा के तीर मा बिल्ला बनाए...
Posted on: Sep 14, 2015. Tags: Bhup Singh Tekam SONG VICTIMS REGISTER
माटी मोर मितान रे माटी मोर मितान... छत्तीसगढ़ी गीत
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के मामड़ा गाँव से रमण सिंह ठाकुर छत्तीसगढ़ी भाषा में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
माटी मोर मितान रे माटी मोर मितान-
यही हमार बरदाई ददा ये यही हमार एशियान रे-
माटी मोर मितान रे माटी मोर मितान-
माटी के कोरां मा हर बेटा मन वीर-जवान होथे-
ये माटी खातिर संगी कौनों बलिदान होथे-
माटी मोर मितान रे माटी मोर मितान-
यही मा उपजेन यही मा बाढ़ेन यही मा जिनगी बिताएन रे-
माटी के मरजाद रखे बर मानुष तन ला पाएन-
माटी मोर मितान रे माटी मोर मितान...
Posted on: Sep 12, 2015. Tags: Raman Singh Thakur SONG VICTIMS REGISTER
Our houses to be broken for widening road but not on list for compensation...
We got notices that our houses will be demolished for road widening but many of us are not in the list for compensation say villagers of Puras village in Gud tehsil of Rewa district in Madhya Pradesh to Brijesh Singh. If our houses are broken and we don’t get compensation then how will we live, they ask. Officers are not paying attention. You are requested to call Collector@9425903973 and Commissioner@9425088190 to help them. Brijesh Singh@7697093375.
Posted on: Sep 05, 2015. Tags: BRIJESH SINGH ROAD SONG VICTIMS REGISTER
हाय रे हाय रे हाय, गरीबी छाया है हाय...गरीबी गीत
ग्राम-नयगवां रैयत, पंचायत-नंदराम, ब्लॉक-मवई, जिला-मंडला, मध्यप्रदेश से धन सिंह परते एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं. गीत में आदिवासियों के वर्तमान स्थिति पर बात की जा रही है:
हाय रे हाय रे हाय गरीबी छाया हैं हाय-
अरे आदिवासी मूलनिवासी बड़ा गरीबी छाया है रे-
आदिवासी मूलनिवासी या भुइयां के लाल देख ले-
अरे आदिवासी दिवस मनाथन, आते या हर साल गरीबी छाया है यार-
पैसा के लाने काम करत हैं, सडक कुआं ना हर मोरे भइया-
अरे मूड़ मा लकड़ी पीठ में बागा, बेचन चले शहर मा गरीबी छाया हैं यार-
अरे झूठ कपट ना लोभ लक्त ना, शोक नहीं तो मन मा रे भैया-
अरे खेत मा नागर-बैला हांके, लगे लंगोटी तन मा गरीबी छाया है यार-
अरे आदिवासी मूलनिवासी बड़ा गरीबी छाया है रे...
Posted on: Aug 29, 2015. Tags: Dhan Singh Parte SONG VICTIMS REGISTER
Impact: We're getting subsidized grain after message on Swara, many thanks...
Many in my village were not getting eligibility slips for ration cards to get subsidized grain from 4 months then we recorded a message on CGNet Swara and after that now all of 25 of them have received their slips says village women from Naigava Raiyat under Nandram panchayat in Mawai block of Mandla district in Madhya Pradesh to Dhan Singh Parte. They are happy and thanking officers and colleague of CGNet Swara for helping them. Dhan Singh@8305930352.
