धानी रंग मोरा रूमलवा हो राजाजी कहवाँ भुलवला न...बिहार से झूमर गीत
सुनील कुमार ग्राम-मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर,बिहार से एक झूमर गीत सुना रहे हैं-
धानी रंग मोरा रूमलवा हो राजाजी कहवाँ भुलवला न-
खेते भुलवला खालिहाने भुलवला-
या धन कटनी के बिचवा हो राजाजी-
बागे भुलवला बगीचे भुलवला-
या मालिनिया के बिचवा हो राजाजी-
कोठे भुलवला अटरिया भुलवला-
या सौतनिया के बिचवा हो राजाजी-
धानी रंग मोरा रूमलवा हो राजाजी...
Posted on: Dec 14, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
किताबें कुछ कहना चाहती है, तुमारे सांथ रहना चाहती है...कविता -
बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं :
किताबें कुछ कहना चाहती है, तुम्हारे सांथ रहना चाहती है – किताबो में रॉकेट का राज है किताबो में साइंस की आवाज है – किताबो में कितना बड़ा संसार है, किताबो में ज्ञान का भण्डार है – किताबो में सबका राज है किताबो में सबका का ज्ञान है – दुनियां के इंसानो को आज को काम की एक एहसास की हर पल की – किताबे कुछ कहना चाहती है, पढने वालों के सांथ रहना चाहती है...
Posted on: Dec 13, 2017. Tags: SONG SURESH KUMAR VICTIMS REGISTER
हमारे पारा में बिजली नहीं है, आवेदन देते हैं तो सिर्फ आश्वासन मिलता है कृपया हमारी मदद करे...
ग्राम-ढाडकरवा (मुवारीपारा), पोस्ट-देवकी, थाना-चंदोरा, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से सुरेन्द्र कुमार बता रहे है कि उनके गाँव में बिजली लगवाने के लिए उन्होंने ग्राम सुराज में आवेदन दिया था तो बोले थे कि एक से डेढ़ महीने के अन्दर लग जायेगा लेकिन इंतजार करते करते नहीं लगा तो उन्होंने फिर से सूरजपुर जनदर्शन में आवेदन दिया तो उन्होंने भी एक से डेढ़ माह के अंदर लग जायेगा बोले थे लेकिन अभी 3-4 माह हो गए अभी तक नहीं लगा इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन अधिकारियो से बात कर बिजली लगवाने में मदद करें : सचिव@9294796029, सरपंच@8458854495, बिजली अधिकारी@8120047650. सुरेन्द्र कुमार@8223935637.
Posted on: Dec 13, 2017. Tags: SONG SURENDRA KUMAR VICTIMS REGISTER
आई ऋतु जब बसंत की, तन मन सब खिल उठा...कविता-
बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं :
आई ऋतू जब बसंत की तन मन सब खिल उठा – तरु-तरु, डाली-डाली, अंग-अंग महक उठा – आई ऋतू जब बसंत की कोयल छिपकर आमो के पत्तो में – मनहोर गजल सी कूकती सबके मृदुल ह्रदय को छू गई – प्रकृति ने सिंगार है किया आज रंग बिरंगे महकते फूलो से – सामने पड़े है मोर किसानो में है उत्साह का शोर – मिल गया श्रम का मोल होली धुरेड़ी में सब मग्न हुए...
Posted on: Dec 13, 2017. Tags: SONG SURESH KUMAR VICTIMS REGISTER
एक मंच मिला है हमको अपनी बात बताने को...सोशल मीडिया पर कविता -
बिजुरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से राकेश कुमार सोशल मीडिया पर एक स्वरचित कविता सुना रहे हैं :
एक मंच मिला है हम को अपनी बात बताने को – कुछ सुनने को कुछ सुनाने को – खुशियों से हम भर सकते थे फूलो सा जीवन कर सकते थे –
हुवा समय तक कुछ तक ऐसा ही, सबने इसका उपयोग किया – अब ये कैसी क्रांति आई है इसमें हुई बुराई है – कोई धर्म पर लगा कलंक रहा, कोई किसी को गाली देता हैं...

