पीड़ितों का रजिस्टर: पुलिस का मुखबिर बताकर नक्सली जंगल में ले गये, अभी तक नौकरी नहीं मिला...
ग्राम-गुर्दाटोला, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुन्दरलाल पटेल बता रहें हैं कि वे ब्लाक के अंदर काम कर रहे थे| उनको पुलिस का मुखबिर बता कर जंगल में ले गए, और हाथ पैर को बाँध कर घायल होते तक मारे और चार दिन का मोहलत दिए थे, चार के बाद सुन्दरलाल पटेल वहां से भाग कर आये| अभी वे भानुप्रतापपुर में रहते हैं, उनको तीन बार से नौकरी का आदेश मिला था, पर अभी तक उनको नौकरी नही मिला हैं,सम्पर्क नम्बर@7805009679. (184023)
Posted on: Feb 09, 2021. Tags: KANKER CG SONG VICTIMS REGISTER VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: 2011 में पिताजी को नक्सलियों ने जान से मारा, छोटे भाई को मुआवजा और नौकरी मिला...
जिला-बीजापुर (छत्तीसगढ़) से महादेव बता रहें हैं कि 2007 में नक्सलियों ने घर में आकर हमला किये और पिताजी के पैर को काट दिए थे| उस समय महादेव छोटे थे, पढ़ाई कर रहे थे| पिताजी लंगड़ा होने के बावजूद भी अपने परिवार को अच्छे से सम्भाल के रखते थे| परिवार भैरमगढ़ रहते थे 2011 में गाँव के खेतों को देखने गए थे, इसकी जानकारी नक्सली लोगों को पता चला तो वे आकर पिताजी को कुल्हाड़ी और चाक़ू से जान से मार दिए| इसका मुआवजा मेरे छोटे भाई को नौकरी मिला हैं|सम्पर्क नम्बर 9407752476. (183944)
Posted on: Feb 09, 2021. Tags: BIJAPUR CG SONG VICTIMS REGISTER VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: पिता को नक्सलियों ने जान से मार दिए, अब हमारे पास कोई रोजगार नही है...
जेलवाडा, जिला-बीजापुर, (छत्तीसगढ़) से लक्खू हपका बता रहे हैं कि उनके पिता जी पहले गाँव के सरपंच थे, नक्सलियों ने बिना कारण ही उनके पिता जी को सन 2005 में जान से मार दिए| जिससे वे बहुत परेशान थे, बाद में उन्हें सरकार ने एक लाख रूपये की सहायत राशि दिए, कोई नौकरी नही दिए हैं| वे चाहते हैं उन्हें कोई सरकारी रोजगार मिल जाए जिससे वे आपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें|
Posted on: Feb 05, 2021. Tags: BIJAPUR CG SONG VICTIMS REGISTER VICTIM REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: मै पहले गाँव का मुखिया था, नक्सलियों के आतंक से डर कर गाँव छोड़ दिये...
श्यामनगर अंतागढ़, ब्लाक-अंतागढ़, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) मंगल सिंह सोरी बता रहे हैं कि वे अपने गाँव के मुखिया थे, नक्सलियों को भी अपना योगदान दे रहे थे जैसे उन्हें खाना, चावल दाल, सब्जी आदि| फिर नक्सलियों ने उन्हें बहुत परेशान कर रहे थे| इसलिए ये साथी नक्सलियों से आहत होकर अपने परिवार के साथ अन्तःगढ़ में आकार रहने लगे उन्हें शासन के तरफ से अब कोई मदद नही मिला| वे सरकार से मदद की मांग करते हैं कि उन्हें कोई दैनिक रोजगार दे जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें |
Posted on: Feb 05, 2021. Tags: KANKER CG SONG VICTIMS REGISTER VICTIM REGISTER
पीडितो का रजिस्टर : मझे पुलिस का मुखबिर समझकर नक्सलियों के द्वारा भगाया गया है...
ग्राम-आलप्रस, जिला-कांकेर छत्तीसगढ़ से रमेश कुमार नुरेटी बता रहे है कि 2009 में नक्सलियों के द्वारा मुझे पुलिस का मुखबिर समझकर भगाया गया है | अब कोयलीबेडा में आकर रहे है | तब से बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है पहले गाँव रहकर खेती करते थे लेकिन जब से नक्सलियों ने भगाया है तब से बन्नी मजदूरी करके जीवन यापन कर रहे है | बहुत परेशानी हो रही है | इसलिये उनका कहना कि शासन कुछ मदद मिल जाता तो अच्छा होता | संपर्क@8605609687.
