स्वास्थ्य स्वर : रक्त शुद्धि का घरेलू नुस्खा-
ग्राम-रहेंगी, तहसील-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा रक्त शुद्धि हेतु या रक्त विकारो को दूर करने का घरेलु नुस्खा बता रहे हैं, 100 ग्राम अनंत मूल का चूर्ण, 50 ग्राम सौंफ और 10 ग्राम दालचीनी सभी को मिलाकर पीस लें, उसके बाद एक कप दूध में एक चम्मच शक्कर और एक चम्मच चूर्ण मिलाकर चाय की तरह उबालें और छानकर 2 से 3 बार नियमित सेवन करें, इससे रक्त शुद्धि में लाभ हो सकता है, और त्वचा संबंधी समस्या में भी आराम मिल सकता है, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : चंद्रकांत शर्मा@9893327457.
Posted on: Sep 30, 2018. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA HEALTH MUNGELI SONG SWARA SWASTHYA VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : गाय के दूध के फायदे और उपयोग-
सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी गाय के दूध के फायदे बता रहे हैं, गाय का दूध रोग नाशक होता है, उसमे कैरोटिन होता है, जो विटामिन A की पूर्ति कर आंखो की रोशनी को बढ़ता है, दूध ह्रदय के लिए भी लाभदायक है, इसका सेवन प्रतिदिन कर सकते हैं, दूध और घी का प्रयोग पूजा पाठ में भी किया जाता है, गाय का दूध सूर्य की रोशनी से शक्ति प्राप्त करता है जो मनुष्य मात्र के लिए औषधि का काम करता है, स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए संपर्क कर सकते हैं : रमाकांत सोनी@ 9424167683.
Posted on: Sep 30, 2018. Tags: CG HEALTH MILK MUNGELI RAMAKANT SONI SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : बवासीर का घरेलू नुस्खा -
भोरमदेव वनांचल, ग्राम-रौचंद, विकासखण्ड-बोडला, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य अमित साहू आज हमें बवासीर रोग से बचने का एक घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, वे कह रहे हैं कि यदि किसी को बबासीर हो और उसमे रक्त बहता हो, तो एक पाव चने को हल्का भूनकर चूर्ण बना ले, उसके बाद उसमे काला नमक मिला लें और करंज के 3 ग्राम पत्ते को घी में भून लें, जब पत्ते अच्छे से सूख जाए तो उसमे तीन चम्मच चने का चूर्ण मिलाकर सुबह खाली पेट सेवन करे, इससे पेट साफ़ हो सकता है और बबासीर की समस्या में आराम मिल सकता है, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : अमित साहू@8964931287.
Posted on: Sep 30, 2018. Tags: AMIT SAHU BODLA CG HEALTH KABIRDHAM PILES SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : गूंजा या रत्ती के पौधे का औषधीय गुण और प्रयोग-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय गुंजा या रत्ती के औषधीय गुणो और उसके उपयोग के बारे में बता रहे हैं, गुंजा के पत्तो और मिश्री को एक साथ चबाकर-चबाकर चूसने से कंठ विकार अर्थात गले की बीमारी में लाभ मिल सकता है,
दूसरा : दांत में कीड़े होने पर गुंजा के जड़ का दातुन के रूप में प्रयोग कर सकते हैं, इसके रस से दांत के कीड़े नष्ट हो सकते हैं, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
Posted on: Sep 27, 2018. Tags: HEALTH MP RAGHWENDRA SINGH RAI SONG SWARA SWASTHYA TIKAMGARH VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : नागरमोथा घास के औषधीय गुण और प्रयोग-
जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेन्द्र सिंह राय नागरमोथा घास के औषधीय गुण को बता रहे हैं, नागर मोथा को गोंदला की जड़ के नाम से भी जाना जाता है, उसके जड़ का उपयोग सिर के बालो को धोने के लिए किया जाता है,
दूसरा: नागरमोथा को तीली के तेल में पकाकर, भृंगराज या घमरा चारा और अवाले के चूर्ण को मिलाकर बालो में लगाने से बाल संबंधी विकार दूर हो सकता है, केवल तीली के तेल में पकाकर भी बाल संबंधी समस्या में उपयोग कर सकते हैं,
तीसरा: घाव हो जाने पर नागरमोथा के जड़ को देशी घी में घिस कर उस स्थान पर लगाने से घाव ठीक हो सकता है : राघवेन्द्र सिंह राय@9424759941.
