लॉक डाउन में खाने की समस्या हो रही है...मदद करें-
नत्थूपुरा बुराड़ी, दिल्ली से मनोहर वर्मा बता रहे हैं कि वे लॉक डाउन में परिवार के साथ हैं उन्हें खाने की समस्या हो रही है, घर में छोटे बच्चे हैं, काम बंद है जिसके कारण दिक्कत हो रही है, इसलिये वे सीजीनेट के श्रोताओं से निवेदन कर रहे हैं कि भोजन उपलब्ध कराने में मदद करें: संपर्क नंबर@9205305086. (187940)
Posted on: May 04, 2021. Tags: CORONA PROBLEM DELHI MANOHAR VARMA NATTHUPURA BURADI
संत रविदास जन्म कहानी...
दिल्ली से राजेश कुमार पाठक माघ मास पूणिमा को बताते हुये, रवि संत रवि दास के जन्म के बारे में बता रहें है, जमाना उनसे इतनी मोहबत करते है कि लोग उने अपनी भाषा में गुरु संत रवि दास कहते है, संत रवि दास दलित परिवार थे दलित परिवार कहते हुये बहुत निसंकोच होता है भांषा ही शब्द है बड़े बड़े राज्य नेट सुभष का चन्द्रहंस वर्ग एक अपने ही छोटे भाई को दलित बोलता है, दलित प्रतिनिधित्व के उस शब्द को सुन लिया गया है पराया समाज के लोग आंच लगते है मुझे तो नहीं पता कि उच नीच का भेद इस समाज के अपनों को गरीब कहने वाले लोग मेरे समझमे तो दलित वो होता है जो अपने विचारों से जुडा हुआ होता है, संत रवि रवि दास अपने तपस्या से आपने आचार-विचारो से ये जगत को बता दिया है, अदित्य भगवान सूर्य के किरण गरीब के घर में गुस जाता है, और अम्बनी अडानी के घर में घुस जाती है, इसी प्रकार परमात्मा के घर न कोई उच है
न नीच हर का भाजे सो हर का होए, और जात पात न कोए . (JP)
Posted on: Apr 23, 2021. Tags: DELHI RAJESH PATHAK
होली त्यौहार पर संदेश...
दिल्ली से राजेश पाठक होली त्यौहार के आने पर संदेश दे रहे हैं, होली त्यौहार खुशियों का त्यौहार है, इसमे बुराई को खत्म कर खुशियाँ मनाई जाती है| वे संदेश दे रहे हैं इस त्यौहार को ऐसे मनाये जिससे सभी को खुशी हो, बुराई का समावेश न हो| नशा आदि के सेवन से बचें|
Posted on: Mar 27, 2021. Tags: DELHI HOLI RAJESH PATHAK
आदि देव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर...सूर्य वंदना-
दिल्ली से राजेश कुमार पाठक एक गीत सुना रहे हैं:
आदि देव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर-
सप्ताश्वरथ मारुढ़ं प्रचण्ड-
कश्यपात्पजम्। श्वेत पद्मधरं तं देवं तं सूर्यं...(AR)
Posted on: Mar 21, 2021. Tags: DELHI PATHAK RAJESH-KUMAR SONG
महिला दिवस पर संदेश...
राजेश पाठक दिल्ली से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सभी को बधाई देते हुये संदेश दे रहे हैं| जीवन मे जन्म से लेकर मृत्यु तक हर इंसान का महिला के साथ किसी न किसी रूप मे संबंध (रिस्ता) होता है|समाज में महिलाओ को इतना अबला समझा गया कि उनके लिये एक दिन ही दे दिया गया| आज के दिन हमे (समाज) को यह संकल्प लेना चाहिये कि न केवल आज बल्की हर दिन नारी का है|
