छोटानागपुर गीत : ऊँचा निचा पहाड़ पर्वत, नदी नाला...
जिला-मुंगेर (बिहार) से दीपक कुमार एक नागपुरिया गीत सुना रहे है:
ऊँचा निचा पहाड़ पर्वत, नदी नाला-
हाय रे हमर छोटा नागपुर-
काले धुए ने गेले संगी-
काले छुवेरे ने गेले संगी भाषा मुगोटा-
हरी हरी चाय, के बागान-
मोरे चुनर छोटा नागपुर-
बन जंगल कतई सुंदर सरह फूल फूलेला-
ऊँचा निचा पहाड़ पर्वत-
नदी नाला वो, ये है हमर छोटा नागपुर...
Posted on: Nov 21, 2019. Tags: BIHAR DEEPAK KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
हिमालय की गुफाओं से यही आवाज आती है...देशभक्ति गीत-
जिला-मुंगेर, प्रखण्ड-असरगंज (बिहार) से दीपक कुमार एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं:
हिमालय की गुफाओं से यही आवाज आती है-
ये धरत किसकी खून से आज लाल हो गई-
जागो नव जवान, जागो नव जवान-
देश आज जाग उठा है वक्त की आवाज से-
दिल भी आज दहल उठा शेर की दहाड़ से-
कितनी माँ की लाल इस धरा पे मिट गये-
नापाक इस धरा पे किसके पैर आ पड़े-
जागो नव जवान जागो नव जवान...
Posted on: Sep 15, 2019. Tags: BIHAR DEEPAK KUMAR MUNGER SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : नीबू का औषधि के रूप में प्रयोग
अहमदाबाद (गुजरात) से डॉक्टर दीपक आचार्य नीबू के औषधि के रूप में उपयोग के बारे में बता रहे हैं, नीबू आदिवासी क्षेत्रो में आसानी से मिल जाता है और जानकारों के अनुसार आदिवासी क्षेत्र में नीबू को कई प्रकार से उपयोग में लाया जाता है| नीबू पीलिया बीमारी से बचने के लिए सहायक है इसके लिए नीबू के रस में लेंटी पीपल (लॉन्ग पेपर) काली मिर्ची (ब्लैक पेपर) और एक चुटकी काला नमक मिलाकर इसे दिन में रोजाना दो से तीन बार पीड़ित को देने से 15 दिनों के अन्दर पीलिया रोग ठीक हो जाता है|आधा चम्मच नीबू का रस लेकर उसमे हल्दी और दूध की मलाई मिलाकर फोड़े फुंसी वाली त्वचा पर लगाने से फोड़े फुंसी की बीमारी दूर हो जाती है|दीपक आचार्य@7926467407
Posted on: Feb 09, 2019. Tags: DEEPAK ACHARYA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: बदलते मौसम में बच्चों को होने वाले सर्दी जुखाम के पारम्परिक नुस्खे...
डॉ दीपक आचार्य इस बदलते मौसम में बच्चों को होने वाली सर्दी जुखाम के पारम्परिक नुस्खे बता रहे है: मध्यप्रदेश के पातालकोट के चावलपानी गाँव है जहाँ के आदिवासी धनिया, जीरा और बज जिसे बजनाक भी कहा जाता है इन तीनों को मिला कर काढा बना लेते हैं और रात में खाना खाने के बाद देते हैं जिससे सर्दी खासी में आराम मिलता है.पातालपुर के चेम्पिपुर गाँव में बज के कंदे को बच्चों के मुंह में रख दिया जाता है जिससे छाती के बने कफ धीरे धीरे बाहर निकल जाता है.प्याज का रस और शहद भी सर्दी और खासी भी बहुत लाभदायक होता है, एक बड़ा चम्मच प्याज का रस लें और डेढ़ चम्मच शहद मिला कर चार घंटे रख दे फिर सर्दी जुखाम से पीड़ित बच्चों को पिलाएं काफी आराम मिलता है.पातालकोट के करेयाम गाँव के आदिवासी बाजरे की रोटी बनाते हैं और इसके साथ लहसुन, बैंगन और मेथी के सब्जी के साथ खाते हैं. इनका मानना है कि ऐसे भोजन करने से पेट कि गर्मी निकलती है जिससे सर्दी पर असर पड़ता है.डांग गुजरात के आदिवासी एलोवेरा के पत्तियों को भुन कर उसका रस निकालते हैं.इस रस में शहद और लौंग का चूर्ण मिला देते हैं. दिन में दो बार बच्चों को देने से काफी आराम होता है.
Posted on: Sep 24, 2018. Tags: AHMEDABAD COUGH DEEPAK ACHARYA GUJRAT HEALTH SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : लौकी के औषधीय गुण
अहमदाबाद, गुजरात से दीपक आचार्य आज हम लोगो को लौकी के औषधीय गुण के बारे में बता रहे हैं: लौकी में वसा की मात्रा कम होती है इसको मुख्य रूप से मधुमेह जैसे पीड़ित मरीजों को खिलाना चाहिए, इसमें कार्बोहाइड्रेड की मात्रा अधिक होने से आसानी से पाचन क्रिया हो जाती है, इनकी सब्जी खाने से सिर का दर्द और शरीर के गर्मी दूर हो जाती है, इसकी रायता, जो तुरंत तैयार किया जाये, उसको पीने से दस्त करे रोगियो को आराम मिलता है, लौकी को उबालकर खाने से नकसीर (नाक से खून निकलना) जैसे बीमारी से छुटकारा मिला सकता है. वे कह रहे हैं कि इन सब्जियों को एक औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाना चाहिए जो लगभग सभी घरों में पाया जाता है| दीपक आचार्य@7926467407.
