भोपाल: अनशनरत दिव्यांगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, आन्दोलन जारी रखने का निर्णय...
भोपाल से शिवकुमार बता रहे है कि आज मध्यप्रदेश के दिव्यान्गों के आन्दोलन का 27 वां दिन था और इसमें तीन दिन का आमरण अनशन और क्रमिक 17 दिन की भूख हड़ताल शामिल है. वे बता रहे हैं कि आज पुलिस ने हमारे आन्दोलन को खतम करने के लिए हम लोगो को गिरफ्तार करके गांधी नगर जेल ले गई और फिर छोड़ दिया फिर भी उनका आन्दोलन रुकने वाला नही है चाहे 27 से 54 दिन क्यों न हो जाये हमारा आन्दोलन ऐसा ही चलता रहेगा और सरकार से हम कामना करते है कि सरकार हमारी मांगो को सुनेगी अगर नही सुनेगी तो हम लोग ऐसे ही धरना प्रदर्शन और आन्दोलन जारी रखेंगे. शिवकुमार@9713884284
Posted on: Jan 15, 2018. Tags: SHIVKUMAR SONG VICTIMS REGISTER
क्यों इतना लाचार आदमी...कविता -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार मुन्ना गुरु की रचना सुना रहे है:
क्यों इतना लाचार आदमी-
आज हुआ बेजार आदमी-
कितना नीचे और गिरेगा-
बिकने को तैयार आदमी-
पैरों तले जमीन नहीं है-
उड़ता पंख पसार आदमी-
मौत धड़ल्ले बाँट रहा है-
जीवन का हकदार आदमी-
काट रहा है अपनी ही जड़-
खुद लेकर तलवार आदमी...
Posted on: Jan 15, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
कभी तो इंडिया को भूलकर भारत की तस्वीर को देखो...कविता -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार सुनील तेलामरी की रचना सुना रहे है:
कभी तो इंडिया को भूलकर भारत की तस्वीर को देखो-
कभी लाचार और बेबस के दिल में रोज उठती पीर को देखो-
यहां दो वक्त की रोटी की चिंता में गुजरते दिन-
गरीबी, भूख,महंगाई से जकड़ी जुल्म की जंजीर को देखो-
चलो ये माना हमने साइबर युग आ गया है-
मगर कोई बदल पाया नही, इंसान की तक़दीर को देखो-
तेरे ऊँचे महल ये शानो-शौकत इनके दम से है-
फनाह हो जाएगी ये सल्तनत है, आ में तासीर को देखो-
कभी तो इंडिया को भूलकर भारत की तस्वीर को देखो...
Posted on: Jan 14, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
सुबह जागिये, कह रही हैं हवाएं, मुझ जैसी न होती कोई भी दवाएं...कविता-
मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार महेश ठाकुर चकोर की एक रचना सुना रहे हैं जिसमे कहा गया है कि सुबह जागने से बहुत फायदा मिलता हैं:
सुबह जागिये कह रही हैं हवाए-
मुझ जैसी न होती कोई भी दवाएं-
सुबह जागिये कह रही हैं हवाए-
सूरज की किरणें बुलाने हैं आई-
विटामिन c देखो लुटाने हैं आई-
विटामिन c हड्डी को बलवान बनाये-
सुबह जागिये कह रही हैं हवाएं...
Posted on: Jan 13, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
लाज आँखिन से ओकरा ढरकिये गइल...भोजपुरी कविता -
सुनील कुमार संजय सिंह दीवान के साथ एक भोजपुरी रचना सुना रहे हैं:
लाज आँखिन से ओकरा ढरकिये गइल-
गाँठ पर गाँठ बान्हल सरकिये गइल-
उ कबो नाहीं तकलस चुहानी का ओर-
तबो संवचल सहेजल खरकिये गइल-
रंग पोतलस महीनन ले सउंसे बदन-
बीचे हंसन के कउआ बरकिये गइल-
भीत माटी के सजलस चनेसरी गज़ब-
सुनके धरती के आहट दरकिए गइल-
मन के बछरू के सजलस तबो ना सजल-
एगो छिउंकि चलल उ छरकिये गइल...



