यहो यहो नारयनी तोर आरती उतारन हो...भजन -
ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से सोनू केवट एक भजन गीत सुना रहे हैं :
यहो यहो नारयनी तोर आरती उतारन हो – जगतारन जगमा ओ अम्बे मईया – तोर आशीष पा जम्मो तरगे, तरगे भारत भुईयां – यहो यहो नारयनी तोर आरती उतारन हो – जगतारन जगमा ओ अम्बे मईया...
Posted on: Dec 07, 2017. Tags: SONG SONU KEWAT VICTIMS REGISTER
हे मेरे वतन के लोगो जरा आँखों में भर लो पानी...देशभक्ति गीत -
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता झंडा दिवस के उपलक्ष में एक देशभक्ति गीत सुना रहे है :
हे मेरे वतन के लोगो जरा आँख में भर लो पानी – जो शहीद हुए है उनकी जरा याद करो कुर्बानी – जब घायल हुआ हिमालय खतरे में पड़ी आजादी – दस-दस को एक ने मारा वो वीर थे भारतवासी – ये धन्य तेरी ये बढाई और धन्य तेरी ये कुर्बानी – जो शहीद हुए है उनकी जरा याद करो कुर्बानी...
Posted on: Dec 07, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
कहीं नहीं जाना यहीं चली आना...भक्ति गीत
शैलजा मिश्र जिला-रीवा, मध्यप्रदेश से एक भक्ति गीत सुना रही हैं:
कहीं नहीं जाना यहीं चली आना-
कहाँ की तैयारी है वो माँ शेरावाली है-
तेरे दुवारे मैया एक लंगड़ा पुकारे-
लंगड़े को पैर देना माँ अरज हमारी है-
तेरे दुवारे मैया बाँझन पुकारे-
बाँझन को पुत्र देना माँ अरज हमारी है-
तेरे दुवारे मैया अंधा पुकारे-
अंधे को आँख देना अरज हमारी है-
कहीं नहीं जाना...
Posted on: Dec 07, 2017. Tags: SONG Shailja Mishra VICTIMS REGISTER
माटी होही तोर चोला रे संगी...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-लांजित, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मनबोध सिंह मरकाम एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
माटी होही तोर चोला रे संगी-
माटी मे उपजे माटी मै बाढ़े-
मत बन ककरो दुश्मन बैरी-
जना हैं एक दिन तोला रे संगी-
माटी होही तोर चोला...
Posted on: Dec 06, 2017. Tags: MANBODH SINGH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : महुए के फल और फूल से वनवासी को भोजन, दवा, तेल,आय सब कुछ मिलता है...
भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से राकेश कुमार दोहरे वनोपज देने वाले एक पेड़ के विषय में बता रहे हैं वे बता रहे हैं महुवा एक ऐसा पेड़ है जिसके फूल और फल दोनों का उपयोग किया जा सकता है, वनों में निवास करने वाले आदिवासी उस पेड़ के फूल का उपयोग शराब बनाकर दवा के रूप में प्रयोग करते है लेकिन इसका ज़्यादा सेवन करने से इसके दुष्परिणाम भी होते है. महुवे को चने के सांथ फरा बनाकर खा भी सकते हैं. उसके फल से तेल निकाला जाता है जिसे सर्दी के मौसम में शरीर को कोमल रखने के लिए उपयोग में लिया जाता है. इसके खली से मुह के छाले का इलाज किया जाता है सांथ ही तेल का उपयोग दिये जलाने में कर सकते है गाँव के निवासियों का ये आय का एक अच्छा साधन है |राकेश कुमार@9617339569.

