सुख का दाता सब का साथी शुभ का यह संदेश है...मध्यप्रदेश गीत -
ग्राम-सरईमाल, जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से विवेक कुमार एक उनके राज्य पर एक गीत सुना रहे हैं :
सुख का दाता सब का साथी शुभ का यह संदेश है – माँ की गोद, पिता का आश्रय मेरा मध्यप्रदेश है – विंध्याचल सा भाल नर्मदा का जल जिसके पास है – यहां ज्ञान विज्ञान कला का लिखा गया इतिहास है – उर्वर भूमि, सघन वन, रत्न, सम्पदा जहां अशेष है – स्वर-सौरभ-सुषमा से मंडित मेरा मध्यप्रदेश है – चंबल की कल-कल से गुंजित कथा तान, बलिदान की – खजुराहो में कथा कला की, चित्रकूट में राम की...
Posted on: Dec 19, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIVEK KUMAR
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाईल में : श्वेत प्रदर या पानी की बीमारी का इलाज -
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम पंचायत-गोटुलमुंडा, पोस्ट- तरई घुटिया, ब्लाक-दुर्गुकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां बाबूलाल नेटी की मुलाक़ात गाँव के वैद्य राज घंसूराम टेकाम जी से हुई है जो आज उन्हें महिलाओं को आम होने वाले बीमारी श्वेत प्रदर या पानी का स्थानीय जड़ी बूटी से इलाज बता रहे हैं. वे बता रहे हैं कि आंवला, हर्रा, बहेरा इन तीनो को 15-20 की संख्या में लेकर कूट लेना चाहिए और दही के सांथ मिलाकर रात भर रख देना चाहिए दवा को तीन खुराक बनाकर खाली पेट में रोज सुबह 3 दिन सेवन करने से श्वेत पानी की समस्या से राहत मिल सकता है | वे यह दवा बहुत लोगों को दे चुके हैं और इसमें फायदा होता है
Posted on: Dec 19, 2017. Tags: GHANSURAM TEKAM SONG VICTIMS REGISTER
वाह रे बनाने वाला कैसा रेल बनाया रे...गीत -
ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-फुनगा, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से रेवालाल केवट अपने रेल यात्रा के अनुभव को गीत के माध्यम प्रस्तुत कर रहे हैं :
वाह रे बनाने वाला कैसा रेल बनाया रे बनाने वाला – काहेन के तोर रेल बने है काहेन के तोर पटरी – लोहेन के तोर रेल बने है सीमेंट गिट के पटरी – वाह रे बनाने वाला कैसा रेल बनाया रे बनाने वाला...
Posted on: Dec 19, 2017. Tags: REWALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
बेटी है जान बेटी है ज्ञान बेटी है विज्ञान...बेटियों पर कविता -
जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू बेटियों के ऊपर एक कविता सुना रहे है:
बेटी है जान बेटी है ज्ञान बेटी है विज्ञान-
बेटी ही सृष्टि की निर्माता बेटी ही सम्मान-
बेटी ला पढ़ा दो भैया बेटी ला पढ़ा दो गा-
नन्ही ला पढ़ा दो भैया नन्ही ला पढ़ा दो गा-
छत्तीसगढ़ में नाम कमाई-
देश में आगे बढ़ा दो गा-
बाबू के मुकाबला अब नोनी घलो कर ही गा-
एक कोल नहीं दो कुल्ला अब वो जगाई गा...
Posted on: Dec 19, 2017. Tags: AMIT SAHU SONG VICTIMS REGISTER
पारंपरिक गोंडी लोक नृत्य रेला पाटा के बारे में बातचीत...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम-उमरपाल तीजू,पोस्ट-सिवनी उत्तर बस्तर छत्तीसगढ़ में वीर नारायण शहादत दिवस के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे गोंडी संस्कृति महोत्सव में शामिल हुए रेला पाटा दल के अध्यक्ष बैजनाथ जी से बात कर रहे हैं जो बता रहे हैं वे एक साल से रेला पाटा अर्थात रेला संगीत लोकनृत्य समूह चला रहे हैं इनके समूह में 30 लोग हैं जिसमे 16 महिलाएं हैं. पुरुष, महिला, बच्चे सभी इस दाल में इसमें शामिल हैं वाद्य यंत्र में तम्बूरा, मंजीरा, डफली, मांदर आदि का प्रयोग किया जाता है. वाद्ययंत्रों को वे खुद नही बनाते कारीगर से बनवाते हैं वहां पर उनके गाँव के बाहर उनका पहला कार्यक्रम है शादी में भी वे अपना कार्यक्रम करते हैं रेला पाटा गोंडी परंपरा से जुड़ा एक लोक नृत्य है जिसमे लोग समूह में नाचते हैं|


