भर-भर अंगरी में फुलवा सजाईब...तिरंगा गीत -

ग्राम-मडमा, पोस्ट-कृष्णानगर धमनी, जिला-बलरामपुर रामानुजगंज (छत्तीसगढ़) से मीना यादव एक गीत सुना रही हैं:
भर-भर अंगरी में फुलवा सजाईब-
झंडा तिरंगा के आरती उतारब हो-
झंडा से झंडा फहरे मिडिल, हाई स्कूल मा-
झंडा फहरावे चलना शिक्षक अस आवत है-
झंडा के रसी धरके झंडा फहरावन हो-
भर-भर अंगरी में फुलवा सजाईब...

Posted on: Dec 20, 2017. Tags: MEENA YADAV SONG VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर: बंजर भूमि में भी कम लागत में, कम मेहनत से लाख से अच्छी कमाई की जा सकती है...

ग्राम-चौड़ी, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से कुंदन कुमार साहू बता रहे है कि बंजर भूमि में भी लाख की खेती से कम लागत में अच्छी आय कर सकते हैं वे दिखा रहे हैं कि यह सेमियालता का पौधा है और उसमे लाख कीट का संचालन किया जाता है और इसमें उत्पादन अच्छा होता है और आजीविका के लिए अच्छा साधन है सेमियालता बंजर भूमि में भी उगता है और एक साल बाद उसमे कीट का संचालन कर सकते है और साल में दो बार काम मेहनत में फसल ले सकते हैं यह खेती कम समय कम लागत में कर सकते है ये पौधा नाइट्रोजन गैस भी छोडती है इससे मिटटी की उपज अधिक बढ़ जाती है इसमें कीट कोमल डाली में लगती है लाख की दो वेराइटी होती है कुष्मी और रंगीनी।

Posted on: Dec 20, 2017. Tags: MAHENDRA UIKEY SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

तोता हूँ मैं तोता हूँ, हरे रंग का होता हूँ...बाल कविता -

ग्राम-लांजी, विकासखंड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दिलबर सिंह मरकाम एक बाल कविता सुना रहे है:
तोता हूँ मैं तोता हूँ हरे रंग का होता हूँ-
चोच मेरी लाल है रे चोच मेरी लाल है-
चोच मेरी लाल है मस्त मेरी चाल है-
मीठे-मीठे फल खाता हूँ-
फुर फुर करके उड़ जाता हूँ-
ऊपर में पंखा चलता है-
नीचे में दीदी सोती है-
सोते-सोते भूख लगी-
खा लो दीदी मुंगफली-
मुंगफली में दाना नहीं...

Posted on: Dec 20, 2017. Tags: DILBAR SINGH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER

ऐ मेरे वतन के लोगो जरा आंख में भर लो पानी...देशभक्ति गीत -

भंडारपारा, जिला-जशपुर (छत्तीसगढ़) से रोशन एक्का अपने मित्रो के सांथ एक देशभक्ति गीत सुना रही हैं :
ऐ मेरे वतन के लोगो जरा आंख में भर लो पानी – जो शहीद हुऐ हैं उनकी जरा याद करो कुर्बानी – जब घायल हुआ हिमालय खतरे में पड़ी आजादी – जब तक थी सांस लड़े वे भी फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा सो गये अमर बलिदानी – जब देश में थी दिवाली वो खेल रहे थे होली...

Posted on: Dec 19, 2017. Tags: ROSHAN EKKA SONG VICTIMS REGISTER

सुत उठ के करथन भईया बूता काम गा...छत्तीसगढ़ी कविता -

भोरमदेव वनांचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से अमित साहू एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं :
सुत उठ के करथन भईया बूता काम गा – छत्तीसगढ़ के दुलरवा बेटा हमन किसान गा – सात किलो चाउर मिलत है भूख में हन परेशान गा – धोखा मा चुन पारेन हमन रमन सरकार गा – हर गरीब किसान के हक मरगे महगाई में हन परेशान गा – छत्तीसगढ़ ला कईथे भईया धान के कटोरा गा – अपन सोच ला बदल के वोट देना है भईया – किसान के हित में करे काम गा...

Posted on: Dec 19, 2017. Tags: AMIT SAHU SONG VICTIMS REGISTER

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