सेवा जोहारो हो मोरो धरती दाई...गोंडवाना गीत -
ग्राम-धुमाधाड, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राजपाल मरावी एक गोंडवाना गीत सुना रहे है:
सेवा जोहारो हो मोरो धरती दाई-
सेवा जोहारो हो मोरो धरती अन्न उपजैया-
तोर कुरामा खेल काय के जीवन ला बितायन-
सेवा जोहारो हो मोरो धरती दाई...
Posted on: Dec 10, 2017. Tags: RAJPAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
हे मेरे प्यारे वतन हे मेरे बिछड़े चमन...देशभक्ति गीत -
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता झंडा दिवस के सम्बन्ध में एक गीत सुन रहे है:
हे मेरे प्यारे वतन हे मेरे बिछड़े चमन-
तुझपे दिल कुर्बान तू ही मेरी आरजू तू-
ही मेरी आबरू तू ही मेरी जान-
माँ दिल बनके कभी सीने से लग जाती है तू-
और नन्नी से बेटी बनके आ जाती है तू-
जितना याद आता है मुझको उतना तडपाती है तू-
हे मेरे प्यारे वतन ये मेरे बिछड़े चमन...
Posted on: Dec 10, 2017. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER
सतगुरु जी से जिनका संबंध है, उनका हर घड़ी आनंद ही आनंद है...भजन-
ग्राम-छुल्कारी, पोस्ट-पसला, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से लल्लू केवट एक सतगुरु भजन सुना रहे हैं :
सतगुरु जी से जिनका संबंध है – उनका हर घड़ी आनंद ही आनंद है –
संत ऋषियों की वाड़ी को मानो – प्रेम भक्ति की महिमा को मानो – जिनको सत्संग हरदम पसंद है – छोटी ममता का कर के किनारा – ले के सतगुरु जी का सहारा...
Posted on: Dec 10, 2017. Tags: LALLU KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : अर्जुन छाल से बवासीर का उपचार -
ग्राम-भानबेडा, ब्लाक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से वैद्य चन्नुराम नाग बवासीर का इलाज बता रहे हैं. अर्जुन छाल को छत्तीसगढ़ में कौवा के नाम से जाना जाता है| यह एक झाड है सादा लकड़ी से दूसरा रूप आता है और ये पानी के किनारे रहता है और सफ़ेद-सफ़ेद रहता है उसके छाल को निकालकर लाना है और उसको खलबट्टा में कुचल लेना है और उसके रस को 2-3 में चाय जैसा लेना है फिर मासा बवासीर हो या खून बवासीर हो वे रामबाण दवाई है | इसको हमेशा खाना है जिसको ब्लड प्रेशर है वे लोग इसको पीसकर सुखाकर रखिये और रोज खाली पेट ठन्डे पानी के साथ खाइए फिर मासा बवासीर या खून बवासीर हो इससे आदमी को आराम मिलता है| बाबूलाल नेटी@7770943206.
Posted on: Dec 10, 2017. Tags: CHANNURAM NAG SONG VICTIMS REGISTER
अभी खबर दिल्ली से आई...बाल कविता -
ग्राम-खोदापाका, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सीमा तान्डिया एक बाल कविता सुना रही है:
अभी खबर दिल्ली से आई-
मक्खी रानी उसको लाई-
टिड्डे ने हाथी को मारा-
हाथी क्या करता बेचारा-
घुस बैठा मटके के अंदर-
उसे देखकर हाथी रोया-
रोते-रोते ही वह सोया-
रुकी नहीं आंसू की धारा-
मटका बना समंदर खारा-
लगे डूबने हाथी बंदर...

