तरही जाए पापी, तरही जाए पापी जो आया है शरण...भजन गीत -
रवि कुमार एक भजन गीत सुना रहे है:
तरही जाए पापी, तरही जाए पापी जो आया है शरण-
गंगा से निर्मल है गुरु का चरण-
गुरुदेव का महिमा अगम निराला है-
सब कुछ पाया उसने जो भी शरण आया है-
तन मन धन जो कर दे सब कुछ अर्पण-
गंगा से निर्मल है गुरु का चरण...
Posted on: Dec 26, 2017. Tags: RAVI KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
चूडियो के ख़नक ने घायल किया...कविता -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
चूडियो के खनक ने घायल किया-
अपनों के चीख पुकार को अनसुना किया-
वक्त के बेहरम हाथो ने मजबूर किया-
अपनों को अपने से बहुत दूर दिया-
पायल की झंकार और जुल्फों की पुकार-
कर दिया हमारा दूर से शिकार-
लूट लिया हमसे अपनों का प्यार-
देखा उसकी आँखों में झलकता प्यार...
Posted on: Dec 26, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
तरी नारी नानी नाना रे नानी नरे सुहा हो...सुहा गीत -
ग्राम-तेलम्मा, पंचायत-भेजा, तहसील-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से गाँव की दो दीदियाँ मोतिन बाई और कमला बाई एक सुहा गीत सुना रही है:
तरी नारी नानी नाना रे नानी नरे सुहा हो-
तरिव नारी नाहा नरे सुहा हो-
एक शहर में एक रानी राजा नरे सुहा हो-
वही राजा के एक जन बेटा नरे सुहा हो-
तरी नारी नानी नाना रे नानी नरे सुहा हो...
Posted on: Dec 26, 2017. Tags: BASTIRAM NAGWANSHI SONG VICTIMS REGISTER
कीचड़ में फंसे शेर की कहानी...
भगतपारा, ग्राम पंचायत-धुमाडांड, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी आज आप सभी को एक कहानी सुना रहे हैं : बहुत समय पूर्व की बात है जंगल में एक शेर रहता था जो जंगली जानवरों को खाता था और सभी उससे डरते थे. एक बार सावन के महीने में शेर कीचड़ में जाकर फंस गया तब उसके पास कई जानवर आये हिरन आदि आये उसे छू कर गए लेकिन शेर फंसे होने के कारण उनका शिकार नही कर सका तभी एक चरवाहा वही से गुजर रहा था उसी समय शेर ने उनसे मदद मांगी उस पर चरवाहे ने कहा तुम मेरे गायों को परेशान करते हो यदि तुम मेरे गायों को नुकसान नही पहुचावोगे तो मै तुम्हे निकाल दूंगा उसके बाद शेर ने किसी को कोई नुकसान नही पहुँचाया |
Posted on: Dec 26, 2017. Tags: ROOPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
धन्य है वे जो मन हीन दीन है...ईशा मसीह का उपदेश-
सुनील कुमार ईशा मसीह की वाणी सुना रहे है:
धन्य है वे जो मन हीन दीन है-
क्योंकि स्वर्ग पे राज उन्ही का है-
धन्य है वे जो लोग शोक करते है-
क्योंकि वे शांति पायेंगे-
धन्य है वे जो नम्र है-
क्योंकि वे पृथ्वी के अधिकारी होंगे-
धन्य है वे जो धर्म के भूखे और प्यासे होंगे है-
क्योंकि वे तृप्त किये जायेंगे-
धन्य है वे जो दयावान है दया की जाएगी...



