बोलकार बना हो, अप्पन गांव के बात दूर फैलाव हो...सीजीनेट गीत -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार सीजीनेट के सम्बन्ध में एक गीत सुना रहे है:
बोलकार बना हो-
अप्पन गांव के बात दूर फैलाव हो-
गीत संगीत रीति रिवाज-
परंपरा के बताव हो-
अप्पन गांव के बात दूर फैलाव हो-
सीज नेट जन पत्रकारिता-
सूचना क्रांति के जान हो-
आपन दुख सुख के सबके बताव हो-
Posted on: Jan 21, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
हमारे गाँव में शौचालय आधा- अधूरा बना है, उसके कारण खुले में शौच करने जाना पड़ता है...
ग्राम-हिल्चुर, पंचायत-दमकसा, ब्लाक-दुर्गकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से रामकुमार उइकाबोल रहे है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत सरकार घर-घर शौचालय देने का प्रावधान है लेकिन उनके गाँव में ऐसी स्थिति है कि सरपंच के द्वारा शौचालय बनाकर आधा अधूरे छोड़ दिए है है उसके कारण गाँव के लोगो को खुले में शौच करने जाना पड़ता है इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन नम्बरों में बात कर शौचालय बनवाने में मदद करें: सचिव@7770731358, रोजगार सहायक @7587477416, दुर्गकोंदल C.E.O.@7587054500, संपर्क@9406208904.
Posted on: Jan 21, 2018. Tags: RAMKUMAR UIKA TEMARAM BOGA SANTLAL UIKA SONG VICTIMS REGISTER
पापा मुझको वीर भगत या खुदीराम बना दो ना...रचना -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार राजेश चौधरी की रचना सुना रहे है:
पापा मुझको वीर भगत या खुदीराम बना दो ना-
आजादी के लिए मरुंगा मैं-
मुझे शहीद बनादो ना-
कास मुझे भी फाँसी मिलतीं-
कालापानी मुझको मिलता-
कहलाता मैं वीर सेनानी-
यह हक मुझे दिलादो ना-
आंग्रेज़ो को मार भगाता-
गोरों पर आतंक मचाता-
सीना में बारूद छूपाये-
दुश्मनों का महल उड़ाता-
ऐसा सबक सिखादो ना-
धरती माँ के काम मैं आउ-
दुश्मन को मैं मार गिराऊं-
वह ब्रामस्त्र दिलादो ना – देश के खातिर मेरे सर को-
सीमा पर चढ़ा दो ना-
चंद्रशेखर आजाद हमारे-
पुण्यभूमि को प्राप्त हुये-
राजगुरू और बिश्मिलाखां-
हँसते हँसते प्राण दिए-
मैं भी चाहू उनसा बनना-
पापा मुझे बना दो ना...
Posted on: Jan 18, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
घर-घर अलख जगायेंगे हम बदलेंगे जमाना...जागरूकता गीत -
जिला-बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक जागरूकता गीत सुना रहे है:
घर-घर अलख जगायेंगे हम बदलेंगे जमाना-
बदलेंगे जमाना भाई बदलेंगे जमाना-
निश्चय हमारा द्रंडता अटल है-
काया की रग-रग में निष्ठा का बल है-
जाग्रति शंक बजायेंगे हम बदलेंगे जमाना-
घर-घर अलख जगायेंगे हम बदलेंगे जमाना...
Posted on: Jan 18, 2018. Tags: SONG SURESH KUMAR VICTIMS REGISTER
इस दहेज़ ने ही फैलाया भारी अत्याचार है...दहेज़ प्रथा विरोधी कविता -
जिला-बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक दहेज़ प्रथा विरोधी कविता सुना रहे है:
इस दहेज़ ने ही फैलाया-
भारी अत्याचार है-
इस दानव को मार भगाओ-
यह समाज का भार है-
पुत्र जन्म लेते ही घर में-
लहर ख़ुशी की छा जाती-
लेकिन कन्या इस धरती पर-
एक समस्या बन जाती-
कैसे हाथ करेंगे पीले-
जब अभाव घर में धन का...



