सेवा जय सेवा बड़ा देवा सेवा जय सेवा...गोंडवाना गीत

ग्राम-पेनारी, पोस्ट-देवाधाड़, ब्लाक-खडगवा, तहसील-खडगवा,जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से अजमेर सिंह श्याम एक गीत सुना रहे है :
सेवा जय सेवा बड़ा देवा सेवा जय सेवा – पहली जोहारो माता पितान ला-
दूसरी जोहारो घर के देवी देवन ला-
तीसरी जोहारो गाव के खेरवा – चोथा जोहारो गाव गोसाईन – पाचवा जोहारो बावन गढ़ के देवी देवतन ला ...

Posted on: Mar 30, 2017. Tags: AJMER SINGH SHYAM SONG VICTIMS REGISTER

सूरज अब जल्दी ही जाता है जाग, दिनभर बरसता है धरती पर आग...कविता

ग्राम-छतरपुर, पोस्ट-गजराज, विकासखण्ड-घुगरी, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से मोहन मरावी एक कविता सुना रहे है:-
नीम की टहनियों पर, मचल उठा बोर-
आया है उमस भरा गर्मी का दौर-
सूरज अब जल्दी ही जाता है जाग-
दिनभर बरसता है धरती पर आग-
हवा नही रख पाती गर्मी का दौर-
आया है उमस भरा गर्मी का दौर...

Posted on: Mar 30, 2017. Tags: MOHAN MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे उजड़े चमन, तुझ पे दिल कुर्बान...गीत

ग्राम पंचायत कोल्वी, जनपद पंचायत-जैतहरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से सुखसागर सिंह पावले के साथ में स्कूल की बच्चियां है जिनका नाम विध्या केवट, दीपिका रज्जक है दोनों एक गीत सुना रही है:
ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे उजड़े चमन-
तुझ पे दिल कुर्बान-
तू है मेरी आरजू, तू है मेरी आबरू-
तू ही मेरी जान है-
माँ का दिल बेहके कभी, सिने से लग जाता है तू-
और नही कभी दिल नहीं लगता, बन के याद आता है तू-
जितना याद आता है मुझको, उतना तड़पाता है तू-
तुझ पे दिल कुर्बान है, तुझ पे दिल कुर्बान है...

Posted on: Mar 30, 2017. Tags: SONG SUKHSAGR SINGH PAVLE VICTIMS REGISTER

दिल में हो सीजीनेट बुल्टू रेडियो तो कोई खास कैसे होगा...कविता

ग्राम-सल्लेया कला, पोस्ट-सावरी बाजार,तहसील-मोहखेड़,जिला-छिन्दवाडा (मध्यप्रदेश ) से कविता धुर्वे एक कविता सुना रही है:
दिल में हो सी जी नेट बुल्टू रेडियो तो कोई और खास कैसे होगा – यादो में आपके सिवा कोई पास कैसे होगा-
हिचकिया कहती है साथियों आप याद करते हो-
पर बुल्टू रेडियो में बोलेंगे नहीं तो अहसास कैसे होगा...

Posted on: Mar 30, 2017. Tags: KAVITA DHURVE SONG VICTIMS REGISTER

किसी घर में सभी कोई अगर मिलजुल कर काम करें तो घर में कभी आर्थिक तंगी नहीं आती-कहानी...

पुरुषोत्तमपुर ,मुज्जफरपुर (बिहार) से बाबुल कुमार एक कहानी सुना रहे है जिसमें वे बता रहे है कि बहुत समय पहले की बात है एक बार एक व्यक्ति एक संत के पास पहुंचा और बोला मेरी आमदनी कम है मेरे बच्चे भूखे मर रहे है. संत ने पूछा बच्चे क्या करते है? उसने जवाब दिया वे किस के नोकर है क्या जो काम करेगे? इस पर संत ने जवाब दिया घर का बोझ उठाने के लिए सबको स्थिति के अनुसार कुछ न कुछ करना पड़ता है ये बात उसे समझ में आ गयी और उसने सब को काम दिया उसके बाद उसकी समस्या ख़त्म हो गई और उसने उस संत को धन्यवाद कहा इससे यह सीख मिलती है जिस घर में सभी मिलकर काम करते है उन्हें कभी तंगी नहीं आती | बाबुल कुमार@7079719619

Posted on: Mar 30, 2017. Tags: BABUL KUMAR SONG VICTIMS REGISTER

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