जय हो नर्मदा मैया जय हो नर्मदा हो...नर्मदा माँ गीत -

ग्राम-सालीवाडा, तहसील नैनपुर, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से कलीराम धुर्वे नर्मदा नदी से समबन्धित एक गीत सुना रहे है:
जय हो नर्मदा मैया जय हो नर्मदा हो-
अमरकंटक तिरत चारो धाम हो माँ-
जय हो नर्मदा मैया जय हो नर्मदा हो...

Posted on: Dec 30, 2017. Tags: KALIRAM DHURWE SONG VICTIMS REGISTER

स्वरोज़गार के लिए मेरा लोन 2016 में स्वीकृत हुआ था, पर बैंक दो साल से सिर्फ घुमा ही रहा है...

टोला तेंदुआ, ग्राम-गंनई, पोस्ट-पुरैल, जिला-सिंगरौली (मध्यप्रदेश) से ध्यान सिंह बता रहे हैं, उद्योग विभाग से उनके नाम पर 2016 में लोन स्वीकृत हुआ है जिस संबंध में उन्होंने अपना फाईल लेकर 24 मई 2017 को नजदीकी बैंक में गए जिस पर मैनेजर व्यस्त हूँ बताकर वापस कर दिया, पुनः तीन महीने बाद 3 दिसंबर 2017 को बैंक जाने पर मैनेजर पुनः 21दिसंबर का डेट देकर वापस कर दिया और 21 दिसंबर को जाने पर 15 जनवरी का डेट देकर वापस कर दिया गया, इस तरह से वे परेशान होकर सीजीनेट के सभी सुनने वालो साथियों से अपील कर रहे है कि दिए गए नंबर पर बात कर उनके नाम पर स्वीकृत लोन दिलाने में मदद करे जिससे वे अपना स्वरोजगार कर सके| बैंक मैनेजर@8966811715. ध्यान सिंह@9165239050.

Posted on: Dec 30, 2017. Tags: DHYAN SINGH SONG VICTIMS REGISTER

जीवन को सीमित मत रखना, खाने और पाखाने तक...कविता -

मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार महेश ठाकुर चकोर की एक रचना सुना रहे हैं:
जीवन को सीमित मत रखना-
खाने और पाखाने तक-
जात-धर्म के दुश्चिंतन तक-
छल प्रपंच बहाने तक-
सड़ी-गली जो परम्पराएं-
चल उनको दफनाएं हम-
विषमता पाखण्ड अभाव-
को चल दूर भगाएं हम-
करते हम संघर्ष रहेंगे-
हर लब के मुस्काने तक-
जीवन को सीमित मत रखना-
खाने और पाखाने तक-
आज धर्म के नाम अमानुष-
ने कोहराम मचाया है-
सारे इंसां हैं दहशत में-
ऐसा रूप बनाया है-
दम ना लेंगे खाओ क़समें-
नामो-निशां मिटाने तक-
जीवन को सीमित मत रखना-
खाने और पाखाने तक-
दहशतगर्दों के आगे हम-
अपना शीश झुकाते हैं-
उन्हें नष्ट करने की सोचो-
तलवे हम सहलाते हैं-
चलो लड़ाई लड़ें मिलकर-
भय जग से भग जाने तक-
जीवन को सीमित मत रखना-
खाने और पाखाने तक-
जात-पात में बंटकर हम ने-
मानवता का नाश किया-
हैवानियत मिटे ऐसा-
कभी नहीं प्रयास किया-
क़फ़न बांधकर सर में निकलो-
आदमियत के आने तक-
जीवन को सीमित मत रखना-
खाने और पाखाने तक...

Posted on: Dec 30, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

हमारे गाँव में पानी का नल है पर वह हर घर में आना चाहिए जिससे किसी को भी बाहर न जाना पड़े...

ग्राम भैसाकट्टा, तहसील-चारामा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से गाँव की बहनें शीला बघेल, सरिता बघेल और रुकमणी महावीर सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा की सपना वट्टी से बात कर रही हैं वे बता रही हैं कि उनके गाँव में पानी का नल है पर वे सभी के घर में नहीं है वे चाहते है कि हर घर में नल की सुविधा होनी चाहिए जिसे किसी को पानी लेने के लिए बाहर न जाना पड़े इस संबंध में उन्होंने सरपंच, सचिव के पास कई बार अपनी बात को रखा लेकिन इस पर कभी ध्यान नही दिया गया इसलिए वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबरो पर बात कर निवेदन करे जिससे पानी कि समस्या का समाधान हो सके: सरपंच@9406341135 PHE@9406285493.

Posted on: Dec 30, 2017. Tags: SAPNA WATTI SONG VICTIMS REGISTER

हमसे पूछेला चूड़ी कंगनवा, कबले अईहे सजनवा की मनवा लागत नईखे...भोजपुरी गीत -

मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक भोजपुरी गीत सुना रहे हैं :
हमसे पूछेला चूड़ी कंगनवा, कबले अईहे सजनवा की मनवा लागत नईखे – दम तोड़ेला दिल के सपनवा झर -झर बहे नयनवां की मनवा लागत नईखे – चिट्ठी न पाती भेजला जब से गईल परदेश हो – कवना करनवां से सजना तू हु भूलवल अपना देश हो – कजरा सूखल गजरा टूटल काँट भईल सूखी तनवा – बड़ा निरमोही बाड़े आवेले न रात के सपनवां – अखियाँ से बहतारे लोड़बा रे बन के अरमनवा – परदेश राजा अभियो से आजा साल भर भईले गवनवा...

Posted on: Dec 30, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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