बधाई हो उन देशवासियों को जो देश के लिए जीते हो...नववर्ष पर कविता -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी नववर्ष के उपलक्ष्य में कविता सुना रहे हैं :
बधाई हो उन देशवासियों को-
जो देश के लिए जीते हो-
बधाई हो उन देशवासियों को-
जो देश के लिए मरते हो-
नया साल मुबारक हो-
उनको जो दिल से देश को प्यार करते हैं-
दिल से बधाई है उनको-
जो बच्चो के हित के लिए काम करते है-
धन्यवाद देता हूँ उनको – जो जनता को अपना संतान समझते है-
नमन उनका करता हूँ-
जो देश के लिए शहीद हुए...
Posted on: Jan 02, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
कोई नहीं पराया मेरा, घर सारा संसार है...कविता -
ग्राम-तिरकादंड, विकासखंड-चारामा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से शशि मंडावी एक कविता सुना रही है:
कोई नहीं पराया मेरा-
घर सारा संसार है-
मैं न बंधाऊं देशकाल की-
जंग लगी जंजीर में-
मैं न खड़ा हूँ जात पात की-
ऊँची नीची भीड़ है-
मैं बस कहता हूँ जात पात की-
ऊँची लगी भीड़ में-
कोई नहीं पराया मेरा...
Posted on: Jan 02, 2018. Tags: SHASHI MANDAVI SONG VICTIMS REGISTER
धरती दाई की जय जोहार...धरती गीत
रूपलाल मरावी, भगतपारा, ग्राम पंचायत-ढूमाडांड, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से धरती माँ पर आधारित एक गीत गा रहे हैं :
धरती दाई की जय जोहार-
सुनो माता हमे पुकार-
आंधी को रोकने के लिए तूफ़ान बनूँगा-
धरती दाई से खेले-कूदे, फले-फूले बढ़े हैं-
धरती माता सब को अन्न खिलाये-
आदिवासी हर मोड पे बलिदान देने के लिए तैयार-
धरती दाई की जय जोहार...
Posted on: Jan 01, 2018. Tags: Ruplal Marawi SONG VICTIMS REGISTER
दृष्टिबाधित साथियों की भूख हड़ताल भोपाल मध्यप्रदेश में जारी, सभी साथियों से मदद की अपील...
निरमपार्क भोपाल (मध्यप्रदेश) से शिव कुमार बता रहे हैं कि आज दृष्टि बाधित साथियों के आंदोलन का 13वां दिन और भूख हड़ताल का 5वां दिन है जल सत्याग्रह और आहुति हवन कार्क्रम के बाद भी कोई निष्कर्ष नही निकला है जिसके बाद आज उन्होंने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी को राम दरबार के फोटो के सांथ जो उन्होंने वहां लगाया है एक प्रेम पत्र भेजा है, शाम को कैंडल मार्च निकालने का निर्णय लिया गया है. सांथ ही सरकार के प्रति वे अपने विश्वास को व्यक्त करते हुए कह रहे हैं कि सरकार एक दिन हमारी मांगे जरुर पूरी करेगी और सीजीनेट को सहयोग के लिए धन्यवाद दे रहे हैं. उन्हें आशा है कि इन संदेशों को सुनकर और आम लोग दृष्टिबाधित साथियों की समस्याओं से एकजुट होंगे, मदद करेंगे |शिवकुमार@9713884284.
Posted on: Jan 01, 2018. Tags: SHIV KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
रे सुगना अब मत बाग अगोर रे सुगना, सूरज उगी न रतिया जागी न उतरी अब भोर...निर्गुण गीत -
सुनील कुमार मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से डॉ कुमार विरल की एक रचना सुना रहे हैं :
रे सुगना अब मत बाग अगोर रे सुगना – सूरज उगी न रतिया जागी न उतरी अब भोर –
खटते खटते खून जरईले जीते जी मर गईले – खटते खटते खून जरईले हासिल न भईले तोर – छूटल माटी गांव भूलाईल शहर नगर छिछिआईल – अजगर मुँह फईलवले बाटे सपना हो गईले थोड़ – रे सुगना अब मत बाग अगोर...


