पीड़ितों का रजिस्टर: 2006 में गए थे 2011 में नारायणपुर आके आत्मसमर्पण किए...
बज्जूराम कचलाम ग्राम पंचायत-करमरी, जिला नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से बता रहे हैं उनका पुराना गांव गोटाबेनूर जिला नारायणपुर पहले नक्सली संगठन में काम करते थे उन्होंने 1 साल नक्सलियों के साथ बिताए 2006 में गए थे 2011 में नारायणपुर आके आत्मसमर्पण किए। पहले ही उनके माता पिता को नक्सलियों से गांव से भागा दिए थे। चर्च जाते थे पहले चर्च के कारण उन्हें आना पड़ा। उनके माता पिता नारायणपुर हैं कर के फिर फिर नक्सली संगठन से वापस आ गए।
Posted on: Mar 21, 2022. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: अपना गांव छोड़कर 2011 में गुड़रीपारा नारायणपुर में रह रहे हैं
ग्राम पंचायत कैसपुर, जिला नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से निगुरलाल सलाम बता रहे हैं उनके गांव में नक्सलियों ने ज्यादा परेशान करते थे। उनका बात नहीं मानने से मारने की धमकी देते थे। संगठन में काम करने बोलते थे। फिर उन्होंने अपना गांव छोड़कर 2011 में गुड़रीपारा नारायणपुर में रह रहे हैं। उनके बड़े भाई पुराने गांव में ही रहते हैं और खेती बाड़ी का काम करते हैं। कभी कभी आना जाना करते हैं अभी उतना कोई दिक्कत नहीं है। नारायणपुर में नगरपालिका में काम करते हैं। उन्हें सरकार के तरफ से कोई उन्हें सहयोग नहीं मिला है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@7587755922.
Posted on: Mar 20, 2022. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER
आज नगर में है होली हो...गीत-
ग्राम-वीरपुर, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से बुद्धि देवी एक गीत सुना रही हैं:
आज नगर में है होली हो-
आज नगर में है होली-
एक जन हाथ गगन पिचकारी-
एकन हाथ अबीर वारे-
कला आज नगर में है होली-
कृष्ण के हाथ गगन पिचकारी-
राधा के हाथ अबीर वारे...
Posted on: Mar 18, 2022. Tags: BUDDHI DEVI HOLI MP SONG
होली की हार्दिक शुभकामनाएं दे रहे हैं...
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी होली की हार्दिक शुभकामनाएं दे रहे हैं:
होली का रंग उमगो के साथ और शालीनता के साथ मनना चाहिए ध्यान रहे कुछ जगह रंग गुलाल के जगह अन्य चीजो का भी प्रयोग करते हैं-
Posted on: Mar 18, 2022. Tags: CG GANDHI HAPPY HD HOLI RAIPUR
बिहान योजना की जानकारी दे रहे हैं
ग्राम पंचायत चितापूर 2, ब्लाक-दरभा, जिला-बस्तर (छतीसगढ़) से जिगेस्वरी नाग बता रहे हैं| उनके घर में दो ही सदस्य हैं, माँ और बेटी| इनके पिताजी की मृत्यु हो चुकी है| घर चलाने के लिए माँ महुआ, इमली का धंधा करती है| उन्ही मजदूरी के पैसों से खेती के काम में उपयोग करते हैं| घर में सिर्फ महिलायें ही रहती और ऐसे में बहुत परेशानी का सामना करना होता है| काम के समय गाँव में कोई मदद नहीं करते, गाँव के लोगों को पैसे देकर काम करवाते हैं| वे भी बिहान योजना के अंतर्गत लोगों को खेती बाड़ी का काम सिखाती हैं| इसमे लोगों को खेती करने के तरीके सिखाए जाते हैं||संपर्क नंबर7974334613.
