लालच नही करना चाहिए, जो हमारा है वो हमें किसी भी रूप में हो, मिल ही जाता है...कहानी

एक गाँव में तीन दोस्त थे एक मूर्तिकार दूसरा चित्रकार और तीसरा ब्राम्हण था ब्राहमण तंत्र-मंत्र में निपुण था, वे जिस जगह रहते थे, धंधा ठीक से नही चलने के कारण उन्होंने दूसरे जगह जाने का सोचा और जगह छोड़कर जाने लगे, जाते हुए तीनो एक शहर में रुके, वहां चोर-लुटेरे बहुत थे, इसलिए तीनो ने 4-4 घंटा जागकर रात बिताने का तय किया, पहले मूर्तिकार ने पहरा दिया, फिर चित्रकार ने उसके बाद ब्राहमण ने, मूर्तिकार सोचा क्यों ना काम किया जाय और एक सुंदर मूर्ति बनाया, जब चित्रकार की बारी आई तो उसने रंगकर उसे और सुंदर बना दिया, उसके बाद ब्राम्हण ने अपने मंत्र विद्या से उसे जीवित कर दिया, जिससे मूर्ति एक सुंदर कन्या में परिवर्तित हो, लेकिन अब तीनो में उसे पाने को लेकर विवाद होने लगा, तब तीनो एक न्यायाधीश के पास पहुंचे और अपनी समस्या बताई न्यायाधीश ने कहा गढ़ने वाला तो माता-पिता होता है, जीवन देने वाला भगवान होता है, और सजाने वाला पति होता है इसलिए कन्या सजाने वाले को मिलना चाहिए|इससे हमें सीख मिलती है किसी चीज का लालच नही करना चाहिए, जो हमारा है वो हमें ही मिलता है चाहे वो किसी भी रूप में हो| कन्हैयालाल पडिहारी@9981622548.

Posted on: Mar 12, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIHARI SONG VICTIMS REGISTER

नंद के नंदा आनंद कंदा बाल मुकुंदा हे जगवंदा...भजन

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक भजन गीत सुना रहे हैं :
नंद के नंदा आनंद कंदा बाल मुकुंदा हे जगवंदा
जब-जब बढा धरती का भार तूने लिया अवतार
कली काल का हुआ विस्तार, कब लोगे अवतार
नंद के नंदा आनंद कंदा हे बाल मुकुंदा हे जग वंदा...

Posted on: Mar 12, 2018. Tags: KANHIYALAL PADIHARI SONG VICTIMS REGISTER

सुना रे सुना रे भैया रे बहिनी मोर...सरगुजिया गीत

ग्राम पंचायत-शारदापुर, खुटनापारा, पोस्ट-सुलसुली, विकासखंड-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से महीलाल रंते एक सरगुजिहा गीत सुना रहे हैं :
सुना रे सुना रे भैया रे बहिनी मोर-
अपन दुःख कतको सुनावे भाई सुना रे बहिन मोर-
सुख के खुसिया मनावे तै सुना रे बहिन मोर-
दुखिया के दुःख में जलावे तै सुना रे बहिनी मोन-
बनल के सब तो बलवे सुना रे बहिन मोर-
बिगड़ल के एको ना सुहावत सुना रे बहिन मोर...

Posted on: Mar 12, 2018. Tags: MAHILAL RANTE SONG VICTIMS REGISTER

नेता घर-घर जाता, पैर पकड़कर मांगता...व्यंग्य रचना

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक व्यंग्य रचना सुना रहे हैं :
नेता घर-घर जाता पैर पकड़कर मांगता-
किसी को कुछ नहीं देता अपने ही घर भरने के फिराक में रहता-
पांच साल में एक बार आता, सांथ में 100-50 शहर घुमाता-
मीठी-मीठी बाते करता अपना झोली भरके ले जाता-
फिर दर्शन नही देता छुप-छुप कर रहता-
कभी सामने नही आता अपना मुह घुमा लेता...

Posted on: Mar 11, 2018. Tags: KANAHIYALAL PADIHARI SONG VICTIMS REGISTER

झनी रो तै झनी रो मोर कोरा के बेटी...बेटी गीत

तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक बेटी गीत सुना रहे हैं :
झनी रो तै झनी रो मोर कोरा के बेटी-
मै तोला जनम करे हों तोला मै पालूं पोसू ओ-
मोर कोरा मा धरिके तोला दूध पियाहूँ-
तोला पढ़ाहूं लिखाहूँ आगू बढाहूँ-
तोर गोड मा तोला खड़े करहुं-
बडबिहा करके तोला डोली मा बिठाहूँ – रेंगे के डहर ला घलो मै बताहूँ ओ...

Posted on: Mar 09, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIHARI SONG VICTIMS REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »