हांथी आया झूम के धरती माँ को चूम के...बाल कविता

बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से लाला मंजुला एक कविता सुना रही हैं :
हांथी आया झूम के धरती माँ को चूम के-
टांगें इसके मोटी है आँखें इसकी छोटी है-
खाना पत्ति खाती है लंबे सूंढ़ हिलाती है-
सुप्पा जैसे इसके कान देखो देखो इसके शान...

Posted on: Mar 17, 2018. Tags: LALA MANJULA SONG VICTIMS REGISTER

बेटी चली पराई घर मात-पिता का घर छोड़ी...गीत

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छात्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक कविता सुना रहे हैं :
बेटी चली पराई घर मात-पिता का घर छोड़ी-
सखी सहेली सबको छोड़ी आई सास ससुर की घर-
अपने दिल पर पत्थर रखकर छोड़ चली पिया का घर-
सास ससुर ननद देवर सबका बनाया अपना घर-
पर लोभी सास ससुर ने उसको कर दिया घर से बेघर-
भेडीयों के बीच में आई लूट लिये जीवन भर की कमाई...

Posted on: Mar 17, 2018. Tags: KANHIYALAL PADIHARI SONG VICTIMS REGISTER

सरकार अमीरों से गठबंधन कर, किसानो की कृषि भूमि को लुटवा रही है...हमारे गाँवों की कहानी

रायगढ़ छत्तीसगढ़ से कन्हैयालाल पडिहारी बोल रहे हैं : कोलाहल से दूर खुशहाल किसान, खिलखिलाते बच्चे, सर पर मटकी लिए पनिहारिन, शुद्ध हवा, पानी, बरगद का पेड, पेड के नीचे ग्राम सभा...अब वो सब शहर में बदल रहा है जो दुखद है. आज के समय में सरकार अमीरों से गठबंधन कर, किसनो की कृषि भूमि को उद्योगों में बदल रही है और किसान उसके कुचक्र में फंसता जा रहा हैं, उनके जीवन जीने के साधनों को, रोजी रोटी को खत्म किया जा रहा है, हमारे द्वारा चुना गया हमारा प्रतिनिधि हमारा शोषक हो जाता है, और असहाय किसान उस पर कोई आवाज नही उठा पाता, यदि कोशिश भी करता है तो उन्हें प्रताड़ना सहना पड़ता है जो किसान जनता का दुर्भाग्य है | कन्हैयालाल पडिहारी@9981622548.

Posted on: Mar 16, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER

फुंगे उडिले सोगा हे ये नूर फुंगे ले पुन्गार... गोंडी विवाह गीत

ग्राम-लाहेरे तहसील-भामरागढ़,जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से लालसू नगोटी के साथ गाँव के कुछ युवक-युवतियां हैं जो घोटुल के सामने नाच रहे हैं और माडिया गोंडी में गीत गा रहे हैं और ये विवाह गीत हैं :-
फुंगे उडिले सोगा हे ये नूर फुंगे ले पुन्गार-
पुन्गार वेलो चिरोठा फुंगे उडिले सोगा ये...

Posted on: Mar 15, 2018. Tags: LALSU NAGOTI SONG VICTIMS REGISTER

पेड लगा लो पानी रोको, होही तभी गुजारा जी...वन गीत

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से कन्हैयालाल केवट एक गीत सुना रहे हैं :
पेड लगा लो पानी रोको, होही तभी गुजारा जी-
पेड पौधा ले वर्षा होथे, हमर जीवन के सहारा जी-
संगवारी जी कैसे बचाबो परान-
जंगल के बिना पानी नई बरसाही-
जंगल के बिना वर्षा नही होही, कहां पाबो कोदो-कुटकी धान-
जंगल मिलथे पूटू अऊ पिहारी सब्जी गजब मीठाथे गा भईया-
जंगल के तेंदू, भेलवा खाये ले पाचन शक्ति बढाथे गा भईया...

Posted on: Mar 15, 2018. Tags: KANHAIYALAL KEWAT

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