रोते रोते गोपाल चुप होते नही, उसकी मम्मी की गोद में लहलाते नही...बाल गीत-
ग्राम पंचायत-धूमाडाँड़, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से एक बालिका फुलबती श्याम एक गीत सुना रही है:-
रोते रोते गोपाल चुप होते नही, उसकी मम्मी की गोद में लहलाते नही-
उसके पापा जरा भर भी लेते नही, रोते रोते गोपाल चुप होते नही-
उसकी मौसी की गोद में लहलाते नही, उसके मौसा जरा भर भी लेते नही-
रोते रोते गोपाल चुप होते नही, उसकी मम्मी की गोद में लहलाते नही...
Posted on: Apr 23, 2017. Tags: RUPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : पाठा बीमारी का घरेलू उपचार -
ग्राम-ताराडांड, ब्लॉक-जैतहरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से बाबूलाल सिंह नेटी बता रहे हैं कि पाठा एक ऐसी बीमारी है जो फोड़े की तरह होता है जानलेवा हो सकती है इस बीमारी की इलाज सरल है, आप पीपल का पौधा किसी पेड़ में अगर है तो उसे उखाड़ने के बाद उसकी जड़ सहित घर ले आए उसकी जड़ को दो भाग बना ले पहला भाग को पीसकर आधा गिलास पानी में सुबह-सुबह पी जाये दूसरे दिन ठीक वही प्रक्रिया आपको करना है, जो पहले दिन किये है आप दूसरे टुकड़े को फिर पानी में पीसे और पीसने के बाद उसका रस पानी में डालकर आधा पानी ले और पी जाये दो दिन के अंदर आपकी बीमारी ठीक हो जाएगी | अधिक जानकारी के लिए फोन करे बाबूलाल @9713997981
Posted on: Apr 23, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER
जुग जुग जिओ रे भाई, की जंगल कांदा कुशा कर खाई...ग्राम गीत-
ग्राम-देवरी, थाना-चंदोरा, जिला-सूरजपुर, (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक ग्राम गीत सुना रहे है:-
जुग, जुग जिओ रे भाई, कर कांदा महुआ केकर खाई-
जुग, जुग जिओ रे भाई-
चारा, तेंदू, चाड कर खाई, जुग, जुग जिओ रे भाई-
जंगल कर कांदा फल, बहुत शरीर कर सफ़ाई-
जुग, जुग जिओ रे भाई-
की जंगल कांदा कुशा कर खाई-
जुग, जुग जिओ रे भाई...
Posted on: Apr 22, 2017. Tags: KAILASH SINGH SONG VICTIMS REGISTER
राजाओं का राजा है, वो प्रभुओं का प्रभु है... भक्ति गीत -
ग्राम-छोटे सिबद, जिला-जांजगीर चाम्पा (छत्तीसगढ़) से शशिकान्त कुर्रे एक भक्ति गीत
सुना रहे है:-
राजाओं का राजा है, वो प्रभुओं का प्रभु है-
प्रभु इशु मशी, प्रभु इशु मशी-
राजाओं का राजा है, वो प्रभूओं का प्रभु है-
प्रभु इशु मशी, प्रभु इशु मशी...
Posted on: Apr 22, 2017. Tags: SASHIKANT KURRE SONG VICTIMS REGISTER
पृथ्वी दिवस: ऐसे ही छेड़खानी होती रही तो पृथ्वी से जीव जन्तु वनस्पति का खात्मा ही हो जायेगा...
पृथ्वी दिवस १९७० में पहली बार मनाया गया था, इसका उद्देश्य लोगो को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना था | पृथ्वी पर अक्सर उत्तरी ध्रुव पर कई किलोमीटर तक बर्फ पिघलने से सूर्य की पराबेगनी किरणों को रोकना वाली ओजोन परत में छेद होना सुनामी जैसे भयंकर प्राकृतिक आपदा होना इन सभी के लिए मनुष्य ही जिम्मेदार है, अगर ऐसे ही पृथ्वी के साथ छेड़खानी होती रही तो पृथ्वी से जीव जन्तु वनस्पति का खात्मा ही हो जायेगा | पृथ्वी दिवस मात्र मनाने का दिन नही है बल्कि यह दिन चिन्तन मनन का है कि कैसे प्राकृतिक आपदाओं से बचा जाए और पर्यावरण को कैसे बचाया जाए ताकि हम स्वस्थ रह सके तथा आने वाली पीढ़ी भी सुरक्षित रह सके. सुनील कुमार@9308571702
