मैं तो दूंढ आयो चारो धाम, राम नहीं पायो...भजन -

ग्राम-धुम्मा, पोस्ट-बगऊ, थाना-कवरजी, जिला-सीधी (म.प्र.) से अश्वनी पटेल एक गीत सुना रहे हैं:
मैं तो दूंढ आयो चारो धाम, राम नहीं पायो-
एकता ढूडयो अयोध्या नगर में यहाँ राम-
यहाँ राम लिहिन अवतार राम नहीं पायो-
मैं तो दूंढ आयो चारो धाम...

Posted on: Jan 15, 2018. Tags: ASHVANI PATEL SONG VICTIMS REGISTER

कोयल बोली कुकू बिल्ली बोली म्याऊ...बाल कविताएं -

ग्राम-हरदोहा, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा (म.प्र.) से अशोक कोरी के साथ छात्र सुमित और अजय हैं जो कुछ बाल कविताएं सुना रहे हैं:
कोयल बोली कुकू बिल्ली बोली म्याऊ-
चीटी बोली सुनना हैं तो आना मेरे गाँव-
बंदर कूदे डाली-डाली बरगद देता छाँव-
2.
लाला जी ने केला खाया, उसका छिल्का वहीँ गिराया-
तोंद फुलाकर कदम बढाया, पाँव के नीचे छिल्का लाया-
लाला जी गिरे धडाम, मुहं से निकला हायराम, हायराम...

Posted on: Jan 15, 2018. Tags: ASHOK KORI SONG VICTIMS REGISTER

बदहाली सड़के बदहाली गाँव...कविता -

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सूना रहे है:
बदहाली सड़के बदहाली गाँव-
घपला हो रहा है पाँव-पाँव-
अंधियारे में खिलता गाँव-
कहां गया विकास का नाव-
खम्बा है पर बिजली नही-
स्कूल कॉलेज है पर शिक्षक नही-
स्वास्थ्य केंद्र है लेकिन दवा नही...

Posted on: Jan 15, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

मनुष्य जन्म अनमोल रे माटी में ना घोल रे...गीत -

ग्राम-सिंहपुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से हेम सिंह मरकाम मनुष्य के जन्म से सम्बंधित एक गीत सुना रहे है:
मनुष्य जन्म अनमोल रे माठी में ना घोल रे-
अब तो मिला है फिर ना मिलेगा कभी नही, कभी नही रे-
तू सत्संग में जाया कर गीत प्रभु का गाया कर-
शाम सबेरे बैठ के बन्दे प्रभु का ध्यान लगाया कर-
नही लगता कुछ मोल रे माठी में ना घोल रे-
अब तो मिला है फिर ना मिलेगा कभी नही, कभी नही रे...

Posted on: Jan 15, 2018. Tags: HEMSINGH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER

स्वर्ग से सुन्दर देश हमारा, भारत जिसका नाम...देशभक्ति गीत -

पटेल नवगढ़ कनोली खादी भण्डार मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से कंचन और चंचल एक देशभक्ति गीत सुना रही है:
स्वर्ग से सुन्दर देश हमारा, भारत जिसका नाम-
धरती अम्बर पर्वत नदियाँ है जो इसकी शान-
स्वर्ग से सुन्दर देश हमारा भारत जिसका नाम-
हम भारत के रहने वाले भेद भाव ना जाने-
जाति धर्म को छोड़ के सारी आगे बढ़ना जाने-
हर कष्टों को दूर करे हम हो मुश्किल आसान-
धरती अम्बर पर्वत नदियाँ है जो इसकी शान-
हो हम सबकी शत कर्मो से रोशन इसका नाम-
शक्ति मिले हम सबको यहां पे दे दो यह वरदान-
गुलशन बन जाए जग सारा कर दो यह एहसान..

Posted on: Jan 15, 2018. Tags: KANCHAN CHANCHAL SONG VICTIMS REGISTER

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