हमारे गाँव का आंगनवाडी भवन 6 साल से जर्जर स्थिति में है, शिकायत करने पर कोई सुनते नही है...
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-काशीपुर, पंचायत-पुरी, ब्लाक-चारामा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां बाबूलाल नेटी की मुलाकात गाँव के धनसाय सोरी से हुई है जो बता रहे हैं उनके गाँव में आंगनवाडी भवन है जो पिछले 6 सालो से जरजर स्थिति में है भवन में अभी 10-12 बच्चे वहां अध्ययन करते हैं. इस संबंध में उन्होंने जनपद और कलेक्टर कार्यालय में आवेदन किया लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्यवाही नही हुई है इसलिए वे सीजीनेट सुनने वाले सांथियों से अपील कर रहे हैं इन नंबरो पर बात कर निवेदन करे जिससे आंगनवाडी भवन का सुधार हो सके:C.E.O@8770708980. धनसाय सोरी@7089923670.
Posted on: Jan 05, 2018. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER
बेटा न होते बेटी मोरे अंगना में रहते वो...विवाह गीत -
ग्राम-हटका चारामा, ब्लाक-नरहरपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से शांति सोडी एक विवाह गीत सुना रही है:
बेटा न होते बेटी मोरे अंगना में रहते वो-
आज न ताऊ बेटी हो गए परदेशनन हो-
दाई दादा के नोनी बेटी कहलाये हो-
सास ससुर के नोनी बहु कहलादे हो-
जनर हो जनर वो मोरा नोनी दुलोहरिन-
शंकर हावे पारबती तोला मिले सुन्दर पति...
Posted on: Jan 05, 2018. Tags: SHANTI SODI SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : कौउहा और मदुरा के छाल के रस से घाव का इलाज -
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-हटका चारामा, ब्लाक-नरहरपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां बाबूलाल नेटी की मुलाक़ात गांव के वैद्य से हुई है मनसा जी बता उन्हें रहे हैं किसी हथियार जैसे टंगिया या बसूला जिसका गाँव के लोग रोज़ अपने काम के लिए उपयोग करते हैं उससे कट जाने पर या किसी से भी चोट लगने पर कउहा की छाली या मदुरा की छाली को कुचल कर उसके रस को घाव पर 4 दिन तक लगातार लगाने से घाव ठीक हो सकता है, इसके लिए किसी दवाई की ज़रुरत नहीं है. इस तरह से वे बता रहे हैं कि वनो में निवास करने वाले आदिवासी अलग-अलग तरीके से वन की मदद से ही अपना इलाज करते आ रहे हैं |
Posted on: Jan 05, 2018. Tags: BABULAL NETI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
सरहद पर शहीद होने वालो के नाम...देशभक्ति कविता -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
सरहद पर शहीद होने वालो के नाम-
हर रोज एक दीप जलाना-
शहीदों के नाम पर जो भला लगे-
एक गीत दिल से गुनगुना लेना-
भूल न जाना उन शहीदों को-
देश के खातिर जो दी बलिदानी-
हंस-हंसकर इन्होने तुफानो में भी-
जान को कुर्बान कर फहरा दी-
चट्टान बनकर सब कुछ झेले-
देश के खातिर अपना बलिदानी दी-
मरते दम तक अपना साहस न छोड़े-
अपना तन मन सब कुछ लूटा दी...
Posted on: Jan 05, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
शुसुलतानी हिरोंदी मुंदी हो डारा पाना में सुधारों...ददरिया गीत -
ग्राम-रानी डोंगरी, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से केजई बाई एक ददरिया गीत सुना रही है:
शुसुलतानी हिरोंदी मुंदी हो-
डारा पाना में सुधारों-
जवानी चुन्दी हो रचा-
सांस गारी देते ससुरा सन्याती-
नन्द मुंहजोरी देवर बाबु मोर-
सैयामा रेलाती लाठी ला-
कौना झोके परोसनी यारो लेते...

