संगी चिडया बोले, बनके चिडया बोले बनके...कर्मा गीत -
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक पारंपरिक कर्मा गीत सुना रहे है:
संगी चिडया बोले बनके-
चिडया बोले बनके-
घरे यहाँ ढेकी जांता टूटे जाते
अन्ते चिडया बोले-
घरे आये ढेकी मुसर छुटे जाते-
अन्ते चिडया बोले...
Posted on: Sep 16, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
एकजुट अब होआ भाई...कर्मा लोकगीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कर्मा लोकगीत सुना रहे है :
एकजुट अब होआ भाई-
सब हमार धरती ला बचाई-
चुनाव जीतके कुर्सी में बैठ जाते-
ये देश ले कर जा महंगाई-
तब हमार धरती ला बचाई-
ये सभी देश ला मशीन मंगाई-
एकजुट अब होआ भाई...
गाँव-गाँव सर्वे करवाई-
Posted on: Sep 15, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
Impact: Officer said no toilet -no ration, After reporting we got our ration...
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया बता रहे हैं कि उनके गाँव में छटवां और सातवाँ महीने का राशन नहीं मिला था सरपंच कहता था कि एसडीएम साहब ने कहा है कि जब तक बाथरूम और टायलेट के लिए आप लोग गड्ढा नहीं खोदोगे तब तक राशन नहीं मिलेगा तो उसके बाद मैं सीजीनेट में सातवाँ महीने में रिकॉर्ड कराया इसके बाद दस रोज के अंदर हमें राशन मिल गया अभी आठवाँ महीने का भी राशन दे दिए हैं | इलसिए मैं सीजीनेट के सभी उन साथियों को जिन्होंने अधिकारियों को फोन कर के दबाव डाला और अधिकारियों को धन्यवाद दे रहे हैं जिन्होंने गरीब ग्रामवासियों की मदद की जो राशन का सस्ता गल्ला नहीं मिलने के कारण बेहद तकलीफ में थे | कैलाश सिंह पोया@9753553881
Posted on: Sep 15, 2017. Tags: FOOD KAILASH SINGH POYA RATION CARD SONG VICTIMS REGISTER
ग्राम सभा में सब बोले, बन्द जबानो को खोले...कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया ग्राम सभा को लेकर एक कविता सुना रहे है:
ग्राम सभा में सब बोले, बन्द जबानो को खोले-
साफ रहेगा जल जीवन, स्वस्थ रहेगा जन-जन उतना-
एक आदमी एक औरत को, हमने तो जाना-
एक चादर का ताना पूजा है, चादर का बाना...
Posted on: Sep 01, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
ले मशाले चल पड़े है, लोग मेरे गाँव के, अब अँधेरा जीत लेंगे, लोग मेरे गाँव के...गीत
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक जागृति गीत सुना रहे हैं :
ले मशाले चल पड़े है, लोग मेरे गाँव के-
अब अँधेरा जीत लेंगे, लोग मेरे गाँव के-
पूछती है झोपड़ी और, पूछते है खेत भी-
कब तलक लूटते रहेंगे, लोग मेरे गाँव के-
ले मशाले चल पड़े है, लोग मेरे गाँव के-
बिन लड़े कुछ भी नही मिलता यह जानकर-
अब लड़ाई लड़ रहे है, लोग मेरे गाँव के – लाल सूरज अब उगेगा, देश के हर गाँव में-
अब इकट्टा हो चले है, लोग मेरे गाँव में...
