कभी तो इंडिया को भूलकर भारत की तस्वीर को देखो...कविता -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार सुनील तेलामरी की रचना सुना रहे है:
कभी तो इंडिया को भूलकर भारत की तस्वीर को देखो-
कभी लाचार और बेबस के दिल में रोज उठती पीर को देखो-
यहां दो वक्त की रोटी की चिंता में गुजरते दिन-
गरीबी, भूख,महंगाई से जकड़ी जुल्म की जंजीर को देखो-
चलो ये माना हमने साइबर युग आ गया है-
मगर कोई बदल पाया नही, इंसान की तक़दीर को देखो-
तेरे ऊँचे महल ये शानो-शौकत इनके दम से है-
फनाह हो जाएगी ये सल्तनत है, आ में तासीर को देखो-
कभी तो इंडिया को भूलकर भारत की तस्वीर को देखो...
Posted on: Jan 14, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
डोंगरगढ़ बमलाईला गाँव की चितला माई ला मै बंधो...रामायण गीत -
ग्राम-रिचुवा, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से अमिता बाई दर्रो एक रामायण गीत सुना रही है:
डोंगरगढ़ बमलाईला गाँव की चितला माई ला मै बंधो-
महामाईला गाँव की चितला माई ला-
देवता धामी के डेरा रे संगी शंकर के बस्रेरा-
चलो दीदी चलो भाई बहनी पूजा करे के बेरा-
डोंगरगढ़ बमलाईला गाँव की चितला माई ला मै बंधो...
Posted on: Jan 14, 2018. Tags: AMITA BAI DARRO SONG VICTIMS REGISTER
किसान स्वर : जैविक खेती से आप स्वस्थ रह सकते हैं और रासायनिक खाद से खेती खर्च बढ़ता है ...
ग्राम-पेंड्रावन, पोस्ट-सभनपुर तहसील-नरहरपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमोला पटेल, सरिता सिन्हा जैविक खेती के बारे में बता रही है कि जैविक खाद कैसे बनाना है और जैविक और रासायनिक खाद में क्या अंतर है.जैविक खाद का प्रयोग जो करेगा उसका स्वास्थ्य ठीक रहेगा और खेतो का नुकसान नही होगा और लागत भी कम लगेगा और रासायनिक खाद का प्रयोग करने से शरीर का भी नुकसान होता है और खेतो का भी नुकसान होता है| जैविक खाद से अच्छा सेहत बना रहेगा और कुपोषित नही होगा। जैविक खाद बनाने की विधि गोबर, गौ मूत्र, गुड, बेसन, कडवा वाला पत्ता जैसे नीम, करंजी, बेडा, हर्रा, जितने भी कडवे वाले पत्ते है उनका उपयोग करना है और कीटनाशक दवाई बनाने में उपयोग करना है. सपना वट्टी@9424520839.
Posted on: Jan 14, 2018. Tags: RAMOLA PATEL SARITA SINHA SONG VICTIMS REGISTER
देख तो संगी देख तो साथी...कविता -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
देख तो संगी देख तो साथी-
आमा हर कैसन मोरे है-
ओकर संग-संग म-
महुआ हर अपन दांत ला किसोड़े है-
संग-संग में सेमर परसा गलो-
लॉन्ग होके बक बकावत है-
हेमन जम्मो ला देख के-
छार तेंदू मोह मोहात है...
Posted on: Jan 14, 2018. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER
सुबह जागिये, कह रही हैं हवाएं, मुझ जैसी न होती कोई भी दवाएं...कविता-
मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार महेश ठाकुर चकोर की एक रचना सुना रहे हैं जिसमे कहा गया है कि सुबह जागने से बहुत फायदा मिलता हैं:
सुबह जागिये कह रही हैं हवाए-
मुझ जैसी न होती कोई भी दवाएं-
सुबह जागिये कह रही हैं हवाए-
सूरज की किरणें बुलाने हैं आई-
विटामिन c देखो लुटाने हैं आई-
विटामिन c हड्डी को बलवान बनाये-
सुबह जागिये कह रही हैं हवाएं...

