आओ-आओ गुरूजी पधारो मेरे अंगना...शिव भजन
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से गुड्डी देवी एक शिव भजन सुना रही है :
आओ-आओ गुरूजी पधारो मेरे अंगना-
टूटली मडैया है कि माटी के अंगनवा-
सोने सुलाही गंगा जल पानी-
पैर पखारन गुरूजी अपने अंगनवा-
सोने की थाली कपूर के बाती-
आरती उतारण गुरु अपने अंगनवा-
सोने की थाली छप्पन रंग मेवा-
भोग लगाऊँ गुरु अपने अंगनवा-
आओ-आओ गुरूजी पधारो मेरे अंगना...
Posted on: May 16, 2017. Tags: GUDDI DEVI SONG VICTIMS REGISTER
यदि कोई समाज अपना इतिहास नहीं देखता, जानता, खासकर आदिवासी तो उसका जीवन व्यर्थ है...
ग्राम-भादा ,पंचायत-रोहतास, जिला-रोहतास (बिहार) से मनोज उरांव रोहतासगढ़ किले के इतिहास के बारे में बता रहे है. वे बता रहे हैं कि यह जिला मुग़ल शासन काल के समय में बनाया गया था इस जिले में आदिवासी समाज ने भी शासन किया है जिसकी पहचान है कि यहाँ पर करम पेड़ लगे हुए हैं लेकिन कुछ समय पश्चात् यहाँ से बहुत बड़ा आदिवासी समाज अन्य प्रदेशों के लिए पलायन कर गया. वे कह रहे हैं यहीं नहीं बल्कि छत्तीसगढ़, झारखण्ड आदि प्रदेशों में भी आदिवासी की यही हालत हैं हम सभी आदिवासी समाज तथा लोगों को बताना चाहते हैं कि यहाँ आकर आदिवासियों का इतिहास जरूर देखें यदि कोई पुराना इतिहास नहीं देखता है तो उसका जीवन व्यर्थ है | मनोज@7321824966
Posted on: May 16, 2017. Tags: MANOJ ORAON SONG VICTIMS REGISTER
साले मडा जीवते चकावाडे, ये वाडे-वाडे-वाडे न जीड ते...गोंडी विवाह गीत -
ग्राम हमालगाँव पाटागुडा, पंचायत-दसनापुर, तहसील-इन्द्रवेली, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से चन्द्रमोहन गेडाम एक गोंडी गीत सुना रहे है जो शादी के उत्सव में गाया जाता है :
साले मडा जीवते चकावाडे-
ये वाडे-वाडे-वाडे न जीड ते-
नगदी उधार, नगदी उधार-
ढोले इन्दा लाता-
ढोले इन्दा लाता गे वाडे न-
डोडा डेयसी लाता पाटा...
Posted on: May 16, 2017. Tags: CHANDRA MOHAN GEDAM SONG VICTIMS REGISTER
दादा भौजी सुन लीहो, सुन लीहो काकी...सीजीनेट गीत -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार सीजीनेट पर एक गीत सुना रहे है :
दादा भौजी सुन लीहो, सुन लीहो काकी-
सब कोई बोलिह नहीं रहे कोई बाकी-
हाय रे हाय रे सूरजपुर से कैलाश पोया बोले-
सुनील कुमार बिहार से बोले-
सूचना क्रांति के बहे बयार-
लोकतांत्रिक मीडिया के मालिक-
सीजीनेट स्वर में बोले-
हाय रे हाय रे बस्तर से सुमनलता बोले-
बालाघाट से सरला श्रीवास बोले,
मोबाइल रेडियो के बहे बयार-
शहर हो या गांव जवार-
बुल्टू रेडियो में बोले-
हाय रे हाय रे गोंडी, कुडुक,कुई-
भाषा आदिवासी स्वर में बोले...
Posted on: May 16, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
इस समाज की क्या है मूरत, अनपढ़ हैं... शिक्षा पर कविता -
ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया से शिक्षा पर एक कविता सुना रहे हैं :
इस समाज की क्या है मूरत, अनपढ़ हैं-
माताएं-बहाने आखिर क्यों अनपढ़ हैं-
घर-घर में कर दो ऐलान-
लड़की-लड़का एक सामान-
इन पर कोई भी हमला न होने देंगे-
अपनी लोक कलाओं को न खोएंगे-
पढ़ा-लिखा जब होगा गावं-
तभी मिलेगा सुखी की छावं-
बच्चे हैं हिस्सा समाज का-
इनको भी आधार मिले-
शिक्षा का बल साथ अगर-
फिर आसान हर एक सफ़र है-
यही हम औरतों को हक़ मिलेगा-
एक जोर से दस टकों को परवाना खुलेगा-
इस समाज की क्या है मूरत अनपढ़ हैं...


