रेला रे रेला रे रे रेला रे रेला...गोंडी गीत -
ग्राम-कुडाल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से रमती दर्रो एक गोंडी गीत सुना रही है:
रेला रे रेला रे रे रेला राला रे रेला-
साय रे रे रेला साय रे रे रेला-
एन्देना गर्सेना नाटे गुटुक वायेना-
साय रे रे रेला साय रे रे रेला...
Posted on: Jan 18, 2018. Tags: RAMTI DARRO SONG VICTIMS REGISTER
घर-घर अलख जगायेंगे हम बदलेंगे जमाना...जागरूकता गीत -
जिला-बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक जागरूकता गीत सुना रहे है:
घर-घर अलख जगायेंगे हम बदलेंगे जमाना-
बदलेंगे जमाना भाई बदलेंगे जमाना-
निश्चय हमारा द्रंडता अटल है-
काया की रग-रग में निष्ठा का बल है-
जाग्रति शंक बजायेंगे हम बदलेंगे जमाना-
घर-घर अलख जगायेंगे हम बदलेंगे जमाना...
Posted on: Jan 18, 2018. Tags: SONG SURESH KUMAR VICTIMS REGISTER
हम 7 लोगो ने 2015-16 में मेड बंधान में काम किया था उसका मजदूरी भुगतान नहीं हुआ है......
वार्ड क्रमांक 5 ग्राम-धीरी, पोस्ट-जैतपुरी, तहसील-बैहर, जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से जगदीश कुमार मरकाम के साथ में उत्तम सिंह उइके बता रहे है कि 2015-16 में मेड बंधान लगभग 50-60 लोगो ने काम किये थे उसमे से 7 लोगो का भुगतान नही हुआ बाकि लोगो का हो गया है लगभग एक साल हो गया है तो उनका कहना है कि मजदूरी भुगतान मिलना चाहिए | इसलिए साथी सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन नम्बरों में बात करके मजदूरी भूगतान दिलवाने में मदद करें ब्लाक C.E.O.@9553656742.8959086077, जिला C.E.O@9926823123.जगदीश कुमार मरकाम@9171543176
Posted on: Jan 18, 2018. Tags: JAGDISH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
वीर तुम बढ़े चलो, वीर तुम बढ़े चलो...कविता -
ग्राम-पंचायत,कुढ़ालखोरा, ब्लाक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर उत्तर बस्तर (छत्तीसगढ़) से करण सिंह और खुमेश्वर कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
वीर तुम बढ़े चलो, वीर तुम बढ़े चलो-
हाथ में ध्वजा रहे, बादल सजा रहे-
ध्वजा कभी झुके नही, डल कभी रुके नही-
सामने पहाड़ हो, सिंह की दहाड़ हो-
तुम निडर से डरो नही, तुम सामने झुको नही...
Posted on: Jan 18, 2018. Tags: KARAN SINGH SONG VICTIMS REGISTER
इस दहेज़ ने ही फैलाया भारी अत्याचार है...दहेज़ प्रथा विरोधी कविता -
जिला-बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक दहेज़ प्रथा विरोधी कविता सुना रहे है:
इस दहेज़ ने ही फैलाया-
भारी अत्याचार है-
इस दानव को मार भगाओ-
यह समाज का भार है-
पुत्र जन्म लेते ही घर में-
लहर ख़ुशी की छा जाती-
लेकिन कन्या इस धरती पर-
एक समस्या बन जाती-
कैसे हाथ करेंगे पीले-
जब अभाव घर में धन का...
