गाँधी जो हमारे चाँद सितारे...देशभक्ति गीत -
ग्राम-मेनखेडा, तहसील-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से प्रियंका कुंजाम एक गीत सुना रही है:
गाँधी जो हमारे चाँद सितारे-
गाँधी जी न होते किसी के सहारे-
जिस दिन गांधी जी का जन्म हुआ था-
उस दिन सारे जहां खुश हुये था-
जिस दिन गाँधी जी को चलना सीखाया-
उस दिन सारे जहां खुशियाँ मनाय...
Posted on: Jan 19, 2018. Tags: PRIYANKA KUNJAM SONG VICTIMS REGISTER
हम लोगो का पेंशन नहीं मिल रहा है शिकायत करने पर कोई सुनते नहीं है, कृपया मदद करें...
ग्राम-कहाड़गोंदी, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सोनूराम, मिश्रीलाल बता रहे है कि उनकी उम्र 70-75 साल है लेकिन पेंशन नहीं मिल रहा है और एक साथी आँखों से दिव्यांग है उनकी उम्र 27 साल है लेकिन उनको भी कोई पेंशन नहीं मिल रहा है वे लोग शिकायत किये थे तो बन जायेगा बोलते है लेकिन आज तक नहीं बना है और उनका कहना है कि मिलना चाहिए | इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन अधिकारियो से बात करके उनका पेंशन दिलवाने में मदद करें : सरपंच@9575668543, उप सरपंच@9174446978, सचिव@8965893941. कन्हैयालाल@7719930515.
Posted on: Jan 19, 2018. Tags: SONG SONURAM AND MISHRELAL VICTIMS REGISTER
ये भगवान तुझे प्रणाम तुझे प्रणाम...गीत -
ग्राम-कोटेला, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से दिव्या भारती एक गीत सुना रही है:
ये भगवान तुझे प्रणाम तुझे प्रणाम-
सबको करते है नमस्ते-
हँसते-हँसते सबको-
फूलो से हम हसना सीखे-
सबको करते टाये-टाये...
Posted on: Jan 19, 2018. Tags: DIVYA BHARTI SONG VICTIMS REGISTER
आंगनवाडी दूर है, जाना जरुर है...आंगनवाडी कविता -
ग्राम-तेलंमा, ब्लाक-भानुप्रतापपुर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से मोना पटेल, दामिनी पटेल एक कविता सुना रहे है:
आंगनवाडी दूर है जाना जरुर है-
मम्मी को टाटा पापा को बाय-बाय-
आंगनवाडी जाउंगी अच्छी बच्ची कहलाउंगी-
कुए में पानी मम्मी मेरी रानी-
पापा मेरे राजा फल खाए ताजा-
सोने की खिड़की चांदी का दरवाजा-
उसमे से निकला मेरा भैया राजा...
Posted on: Jan 18, 2018. Tags: MONA PATEL DAMINI PATEL SONG VICTIMS REGISTER
पापा मुझको वीर भगत या खुदीराम बना दो ना...रचना -
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार राजेश चौधरी की रचना सुना रहे है:
पापा मुझको वीर भगत या खुदीराम बना दो ना-
आजादी के लिए मरुंगा मैं-
मुझे शहीद बनादो ना-
कास मुझे भी फाँसी मिलतीं-
कालापानी मुझको मिलता-
कहलाता मैं वीर सेनानी-
यह हक मुझे दिलादो ना-
आंग्रेज़ो को मार भगाता-
गोरों पर आतंक मचाता-
सीना में बारूद छूपाये-
दुश्मनों का महल उड़ाता-
ऐसा सबक सिखादो ना-
धरती माँ के काम मैं आउ-
दुश्मन को मैं मार गिराऊं-
वह ब्रामस्त्र दिलादो ना – देश के खातिर मेरे सर को-
सीमा पर चढ़ा दो ना-
चंद्रशेखर आजाद हमारे-
पुण्यभूमि को प्राप्त हुये-
राजगुरू और बिश्मिलाखां-
हँसते हँसते प्राण दिए-
मैं भी चाहू उनसा बनना-
पापा मुझे बना दो ना...


