हमारे गाँव का नाम भेजरी धान के नाम पर पड़ा, हम गोबर खाद की मदद से कई देसी धान उगाते हैं...
ग्राम-भेजरी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से जगदीश यादव, बीज बचाओ-कृषि बचाओ यात्रा के दौरान उनके साथ गाँव के किसान सुन्दरलाल जी से मुलाक़ात की जिनसे परम्परागत फसलों के बारे में जानकारी ले रहे हैं इस गावं का नाम भेजरी धान के कारण पड़ा था क्योकि यहाँ पर बेझारी धान की फसल की पैदावार की जाती है इसमें इसमें मुख्यत गोबर खाद का उपयोग किया जाता है, और साथ में मिट्टी भी मिलायी जाती है जिससे इसकी पैदावार ज्यादा होती है जबकि सरकारी बीजों में यूरिया खाद का उपयोग किया जाता है वे बगरी, बर्रा, नवारी, लोहण्डी आदि किस्म के देसी धान उगाते हैं यहाँ पर धान के अलावा कोदो, कुटकी, उरद ,अरहर आदि फसलों की उपज भी होती है | जगदीश यादव@7697448583
Posted on: May 24, 2017. Tags: JAGDISH YADAV SONG VICTIMS REGISTER
ये धरती, ये जंगल, ये नदियां, ये पेड़ों के झुरमुट...प्रकृति कविता -
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं :
ये धरती, ये जंगल, ये नदियां, ये पेड़ो के झुरमुट-
इनके आगोश में रहकर मिलता स्वर्ग का सुख-
इनकी रक्षा करें, ये हमारे रक्षक-
इनको कर लो थोडा नमन...
Posted on: May 24, 2017. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
मेरा बन्ना आयो रे शीशे की मोटर कार से...बघेली बन्ना गीत -
जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से फूल कुमारी तिवारी बघेलखंडी भाषा में एक बन्ना गीत सुना रही हैं यह गीत विवाह के समय गाया जाता है :
मेरा बन्ना आयो रे शीशे की मोटर कार से-
बीच बजरिया में मिल गई बन्नी कहाँ चली तू गोरी-
मै मिलने आयी रे पापा की चोरी-चोरी-
बीच बजरिया में मिल बन्नी कहाँ चली तू गोरी-
मै मिलने आयी रे चाचा की चोरी-चोरी-
बीच बजरिया में मिल बन्नी कहाँ चली...
Posted on: May 24, 2017. Tags: PHOOL KUMARI TIWARI SONG VICTIMS REGISTER
भेड़िया आया, भेड़िया आया: मूर्ख गडरिया की कहानी...
ग्राम-उभेगाँव, जिला-छिन्दवाड़ा (मध्यप्रदेश) से माला धुर्वे एक पंचतंत्र की कहानी सुना रही हैं- एक गडरिया था जिसका नाम सोहन था वो भेड़ चराता था एक दिन उसको मजाक सूझा वह जोर से चिल्लाया भेड़िया आया, भेड़िया आया.. सभी किसान भाग कर आये लेकिन वहां कोई भेड़िया नहीं था, किसानों ने पूछा- कहाँ है भेड़िया ,गडरिया ने कहा- मैं मजाक कर रहा था, सभी किसान चले गये, फिर एक दिन ऐसे ही और किया फिर किसान आये और चले गए, लेकिन एक दिन पुनः गडरिया ने चिल्लाया कि भेड़िया आया, भेड़िया लेकिन कोई भी उसके पास नहीं आया और भेड़िया एक भेड़ को उठा ले गया तब उसने कहा कि यदि मैंने झूठ नहीं बोला होता तो आज मेरी भेड़ को भेड़िया नहीं ले जाता | माला धुर्वे@8719877544
Posted on: May 24, 2017. Tags: MALA DHURVE SONG VICTIMS REGISTER
हो हो हो हाय खेती करना हैं यार...किसानी करमा गीत -
ब्लाक-बैहर, जिला-बालाघाट (मध्यप्रदेश) से सरला श्रीवास एक करमा गीत गा रही है जो खेती -किसानी पर आधारित है :
हो हो हो हाय खेती करना हैं यार-
वन भूमि के खाली जमीन में खेती करना हैं रे-
हा हा हाय खेती करना यार-
वन भूमि के खाली जमीन में खेती करना हैं रे-
बाँध बनायेंन नागर जोतेंन और बोयेन धान भैया और बोयेन धान-
भाई-बहन सब भूखे मरन.बचाबच प्राण खेती करना हैं यार-
वन- भूमि के खाली जमीन में खेती करना हैं रे-
नाकेदार पुलिस आवे धरके बन्दुक हाथ,भैया धरके बन्दुक हाथ-
दाई-बहिनी रगड़ा देवाय भागीं बचाके जान,खेती करना हैं यार-
हो हो हो हाय खेती करना हैं यार...
