स्वास्थ्य स्वर : घाव का औषधीय उपयोग-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल घाव का औषधीय उपयोग बता रहे हैं, गंध प्रसारणी का पत्ता का रस को रूई में निचोड़ कर घाव में 3-4 दिन लगानें से लाभ हो सकता है| प्रसुती संबंधी समस्या में लाभ मिल सकता हैं, नुस्खा उपयोग करने से पहले पूरी जानकारी लें : संपर्क नंबर@9826040015.
Posted on: Jun 19, 2022. Tags: CG HEALTH DEPARTMENT KORIYA SONG
पीड़ितों का रजिस्टर: मेरे बड़े भाई को नक्सलियों ने मुखबीर बता कर मार डाला...
रामदयाल यादव, जो कि पिछले 19 साल से अपना गांव संजयपारा छोड़ कर भानुप्रतापपूर में रहते हैं, बता रहे हैं कि नक्सलियों ने मुखबीर समझ कर उनके बड़े भाई की आमाबेड़ा के पास हत्या कर दी गई थी। उन्हें सरकार से कोई सहायता नहीं मिली है। उनकी मांग है कि उनके बच्चों को नौकरी मिलनी चाहिए जिससे उनका जीवन यापन हो सके। संपर्क नंबर- 9630660684
Posted on: Jun 19, 2022. Tags: BHANUPRATAPPUR CG KANKER MAOIST VICTIM RAMDAYAL YADAV VICTIM REGISTER
एक हाथ में अग्नि रखा दूजे हाथ में पानी...देवी भक्ति गीत-
सेक्टर सी राज नगर जिला-अनुपपु (मध्यप्रदेश) से मारकंडे सिंह जी देवी गीत सुना रहें हैं:
एक हाथ में अग्नि रखा दूजे हाथ में पानी-
मेहरानी राउर हो बांटे अतत कहानी-
देव तोला थाह लगावे ले-
मौका ते उग हरावे ले-
आदि शक्ति तह तू ही माई-
तू ही आदि भवानी-
मेहरानी राउर हो बांटे अतत कहानी...GT
Posted on: Jun 19, 2022. Tags: ANUPPUR HINDI SONG MP
छत्तीसगढ़ी जस गीत : बघवा में चढ़ के आबे वो, दुर्गा दुलौरिन दाई...
ग्राम-गरेज, ब्लाक-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से संमे सरदार एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहा है:
बघवा में चढ़ के आबे वो, दुर्गा दुलौरिन दाई-
दुर्गा दुलौरिन दाई हे महा माया माई-
नौ रूप तोर सजाए वो, दुर्गा दुलौरिन दाई-
बघवा में चढ़ के आबे वो, दुर्गा दुलौरिन दाई-
दुर्गा दुलौरिन दाई हे महा माया माई...
Posted on: Jun 19, 2022. Tags: RAIGARH CG SANME SIRDAAR SONG
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है...गाना
जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से प्राची एक ग़ज़ल सुना रही है:
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है-
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ-
यह जो दुनिया है, वन है कांटो का, तू फुलवारी है-
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ-
दुखन लागी हैं माँ तेरी अँखियाँ-
मेरी निदिया पे अपनी निदिया भी तूने वारी है-
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ...gt
