हमारे मोहल्ले में पानी की बहुत समस्या है, शिकायत करने पर भी कोई ध्यान नहीं है देते है...
दवाई टोला, कुसरा टोला, ग्राम-सरईमाल, जनपद-समनापुर, जिला-डिंडोरी (म.प्र.) से रमेश बता रहे है कि उनके टोला में पानी की बहुत समस्या है तीन किलोमीटर दूर लदवानी से पानी लाकर पीते है या नदी नालो का पानी पीते है उसके लिए कई बार पंचायत में शिकायत कर चुके है लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहे है. वे सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे है कि इन अधिकारियो से बात करके उनके टोला में पानी की सुविधा करवाए: कलेक्टर@8085452555, C.E.O.@9981091500, P.H.E. विभाग@9894037985, सरपंच@7772907696, सचिव@8223910322. संतोष@9617593272.
Posted on: Jan 30, 2018. Tags: RAMESH KANHAIYALAL MARKO SONG VICTIMS REGISTER
तारती तारको कस तारा बैठेला आबे हमार पारा...विवाह गीत
ग्राम-हिरिचुआ, पंचायत-डेढ़खोह्का, ब्लाक-चारामा, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से सुशीला गावडे एक विवाह गीत सुना रही है:
तारती तारको कस तारा-
बैठेला आबे हमार पारा-
चना बहारा बैठेला आबे हिरिचुआ-
पुटू के बेकी बेकू का बे-
तोरे न के नगदेर वारी करिया वला बल्लू-
करिया वला बल्लू रे...
Posted on: Jan 30, 2018. Tags: SONG SUSHILA GAWADE VICTIMS REGISTER
माटी हमारी पूजा हमारी वंदन...गीत
ग्राम-मुर्ता, जिला-बेमेतरा (छत्तीसगढ़) से रूप सिंह साहू एक गीत सुना रहे हैं:
मां भारती की स्वर्णिम माटी हमें है समदन-
माटी हमारी पूजा हमारी वंदन-
वो धन्य जो जननी इसका वली-
धरा सुखदायनी पर वरदायनी धरा पर-
कभी राम इसमे खेले कभी खेले इसमे नन्दन-
माटी हमारी पूजा माटी हमारी वन्दन...
Posted on: Jan 30, 2018. Tags: ROOP SINGH SAHU SONG VICTIMS REGISTER
हे सरस्वती माई तेह मोरो सभा में आना...भजन गीत
ग्राम पंचायत-पकनी, विकासखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से देवनारायण एक सरस्वती भजन गीत सुना रहे हैं:
हे सरस्वती माई तेह मोरो सभा में आना-
वीणा बजावत राज-रजावत गा मोर तीर माँ आना-
मोर सभा में आना सरस्वती मैया-
पहली सुमरनी सरस्वती दूसरा में धरती माई
येला अर्जी ला हे बालक दूसरा धरती माई...
Posted on: Jan 30, 2018. Tags: DEVNARAYAN SURAJPUR SONG VICTIMS REGISTER
शुभ होके सबके सकरात, दोस्त बने दुश्मन के जात...रचना -
सुनील कुमार मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से महेश ठाकुर चकोर एक
का रचना सुना रहे हैं:
शुभ होके सबके सकरात-
दोस्त बने दुश्मन के जात-
गले मिले भाई से भाई-
बिना मिल्लत बाढे कठनाई-
बाप माई के बढ़ो मान-
भोर भइल जाता अपमान-
जात धर्म के भागो झगडा-
दिखते मारल जाओ लबरा...

