बस्तेर भुमकोड लयोर वातोर भारी सुमरे मातोर...गोंडी कविता

जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से विष्णुदेव पद्दा एक गोंडी कविता सुना रहे है:
बस्तेर भुमकोड लयोर वातोर-
भारी सुमरे मातोर-
नंदे जिलांग तल्ला ते जिलिंग-
येरलोर निहिची वातोर-
तल्ला ते पागा नंदे धोत-
बाड़ी ओबे मातोंड-
ताने उडसी मंजा लया-
परके परके वाता...

Posted on: Apr 23, 2018. Tags: VISHNU DEV PADDA GONDI

चार साल पहले हमारे गाँव में पानी का पाईप लाइन बिछ गया, पर अब तक चालू नहीं हुआ है...

आवास पारा, पंचायत-कुकदुर, तहसील-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से कृष्ण कुमार सोनवानी बता रहे है कि उनके पारा में एक हैण्डपम्प है और वो बहुत दूर है उसके कारण पानी लाने में बहुत दिक्कत होती है और तीन चार साल से पूरा गाँव और मोहल्ले में पानी का पाइप बिछा है| लेकिन अभी उसको चालू नहीं किया जा रहा है और न ही सरपंच उसमे ध्यान देते है और न ही किसी को कनेक्शन दिया गया है| सिर्फ मोहल्ले-मोहल्ले में पाइप लाइन बिछा दिया गया है : विधायक@9522898888, 9424108817, सरपंच@9630019712, सचिव@9589888588. अधिक जानकारी के लिए संपर्क@8889983869.

Posted on: Apr 23, 2018. Tags: KRISHNA KUMAR SONVANI SONG VICTIMS REGISTER

विश्व पृथ्वी दिवस पर धरती को बचाने के संकल्प के साथ साइकिल यात्रा शुरू (गोंडी भाषा में)

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी छतीसगढ़ के कांकेर जिले के गाँव दमकसा में गोंडी भाषा, रीति-नीति, प्रकृति, पर्यावरण को बचाने की प्रतिज्ञा करने वाले शेरसिंह आचला के मार्गदर्शन में वहां आस पास के गाँव के गायता, पुजारी, स्कूल के बच्चे, स्कूल मास्टर और वन विभाग के स्टाफ के साथ गाँव के लोग अधिक संख्या में मिल के साइकिल यात्रा का शुभारम्भ पृथ्वी बचाओ नारों के साथ किया| यह यात्रा आसपास के गाँवों से होकर दो दिन के बाद वापस आयेगी| अभी हाल ही में कवर्धा जिले में कृषि विभाग ने खेत की मिटटी की जांच करके बताया की मिट्टी के पोषक तत्वों में कमी आ रही है समय पर इस पर ध्यान नहीं दिया जाने से भविष्य में परेशानी होगी |

Posted on: Apr 23, 2018. Tags: SUMANLATA ACHALA GONDI

किसान स्वर: जैविक खाद से जमीन को जिंदा रख सकते है, लम्बे समय में फसल भी अधिक...

ग्राम-बंसीपुर, ब्लॉक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से ग्राम सरपंच राजाराम सिंह खेती में हो रहे बदलाव और उसके असर के बारे में बता रहे है. वे कह रहे हैं कि रासायनिक खाद जमीन में डालने से 2-5 वर्षो में जमीन की उपजाऊ मिट्टी ठोस बनती जाती है, पत्थर के जैसे उससे निकलने वाले अन्न का स्वाद से भी मीठापन धीरे धीरे गायब होता जाता है. गोबर के खाद जमीन में डालने से जो फसल आती है जैसे धान, मक्का, सब्जी उसमे मीठा स्वाद व पौष्टिकता भी रहता है| रासायनिक खाद से जमीन की उर्वरक क्षमता धीरे धीरे कम होती जाती है. गोबर खाद डालने से बीमारी भी नहीं होती पर रासायनिक खाद से दवा डालना पड़ता है

Posted on: Apr 23, 2018. Tags: BHAN SHAU SONG VICTIMS REGISTER

छेना ते छेना डंगूड छेना निवा तक़दीर ते...गोंडी विवाह गीत

जिला-हरदा (मध्यप्रदेश) से शिवप्रसाद धुर्वे एक गोंडी विवाह गीत सुना रहे है:
छेना ते छेना डंगूड छेना निवा तक़दीर ते-
मतोल बुडाल सेनाल-
छेना ते छेना डंगूड निवा
किस्मत ते मतोल बुडाल सेनाल-
छेना ते छेना डंगूड छेना निवा तक़दीर ते...

Posted on: Apr 23, 2018. Tags: SHIVPRASAD DHURWE GONDI SONG VICTIMS REGISTER

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