मोरे मडला गढ़ माटी ला बंदो जीयत मरत के साथी...गीत
ग्राम-सालीवाडा, तहसील-नैनपुर, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से कलीराम धुर्वे
एक गीत सुना रहें है:
मोरे मडला गढ़ माटी ला बंदो जीयत मरत के साथी-
जीयत मरत साथी है धरती जीयत मरत के साथी-
माटी के चोला माटी में मिलबे अमर बने है कहानी-
अमर बने कहानी वों दाई अमर बने है कहानी-
मोरे मडला गढ़ माटी ला बंदो जीयत मारत के...
Posted on: Feb 07, 2018. Tags: KALIRAM DHURWEY SONG VICTIMS REGISTER
अपना गावं भी अब तो नहीं लगता अपना...झारखंड से कविता
बीरेंद्र कुमार महतो जिला-रांची (झारखंड) से एक स्वरचित कविता सुना रहे हैं जिसका शीर्षक है चाह :
अपना गावं भी अब तो नहीं लगता अपना-
उजाड़ औार वीरान हर तरफ-
सिर्फ बंजर पड़े हैं सारे के सारे खेत-
बूढी दादी भी अब तो नहीं सिझाति धान-
हुआ करती थी कभी वो सूने खलिहानो की शान-
खाली ढन-ढन पड़े हैं सारे के सारे बासन बर्तन-
चूल्हे पर भी नहीं दिखते ताव...
Posted on: Feb 07, 2018. Tags: Birendra Mahto SONG VICTIMS REGISTER
जाहि विधि राखे गुरु ताहि विधि रहिये...भजन
राजेंद्र गुप्ता, तमनार, जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से तबले के साथ एक भजन सुना रहे हैं, वे बहाजन गाने के साथ तबला खुद ही बजाते हैं:
श्री गुरु कहिये श्री गुरु कहिये-
जाहि विधि राखे गुरु ताहि विधि रहिये-
मुख्य में श्री गुरु नाम गुरु सेव हाथ में-
तुम अकेले नहीं बन्दे गुरु जी हैं साथ में-
साधु संग गुरु रंग अंग-अंग रंगिये-
जाहि विधि...
जिंदगी की डोर है गुरु जी की डोर में-
महलों में रखे चाहे झोपड़ी में वास दें...
Posted on: Feb 07, 2018. Tags: Rajendra Gupta SONG VICTIMS REGISTER
जुग जुग जिओ हो ललनवा भवनवा के बाद बाजल हो...सोहर गीत
ग्राम पंचायत-भेल्वाडीह, तहसील -बलरामपुर,जिला-बलरामपुर(छ.ग) से अनूपराम सोहर गीत सुना रहे हैं यह गीत बच्चे के जन्म के समय गाया जाता है :
जुग जुग जिओ हो ललनवा भवनवा के बाद बाजल हो – हो ललना लाल होही फुलवा के दीपक मनवा में आस लागल हो – आजी के रतिया सुहावन दनिया मन भावन वो – हो ललना दिदिया के होल हो जनमवा हो...
Posted on: Feb 07, 2018. Tags: Anoopram Balrampur SONG VICTIMS REGISTER
धन से ओरिया अमर फल पाये...लोक गीत
ग्राम-शंकरपुर, पोस्ट-सोनगरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से श्यामबती श्यामले एक गीत सुना रहें हैं:
धन से ओरिया अमर फल पाये-
बन से बइर ला प्रेमी संगे खाये-
राजा घर गाज धूमे लेगुड हनुमना-
देवमुनी छतर पुरे रमसी भगवाना-
धनी के लाख पुरे पथरा के छानी-
उत्तर दक्षिन बहे निर्मल पानी...
