लाज बचाओ कृष्ण मुरारी तुम बिन न दूजो कोई...भजन

विकासखण्ड-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से राजेंद्र गुप्ता एक भजन गीत सुना रहे है:
लाज बचाओ कृष्ण मुरारी, तुम बिन न दूजो कोई-
बीच भवंर में आन फंसी हैं नैया मोरी डगमग डोले-
लाज बचाओ कृष्ण मुरारी, तुम बिन न दूजो कोई...

Posted on: Nov 10, 2016. Tags: Rajendra Gupta SONG VICTIMS REGISTER

भ्रष्ट हवे जमाना भ्रष्ट होवे राज...छत्तीसगढ़ी व्यंग्य कविता

राजेन्द्र गुप्ता ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, छत्तीसगढ़ से छत्तीसगढ़ी भाषा में एक व्यंग्य कविता सुना रहे हैं :
भ्रष्ट हवे जमाना भ्रष्ट होवे राज-
बिपक्ष विद्रोही दिखाए ब रोगी नाज-
धन्य है हमर छत्तीसगढ़ के बात-
एखर आधा ठन महेतारी आधा ठन बाप-
भ्रष्ट हवे जमाना भ्रष्ट होवे राज...

Posted on: Nov 09, 2016. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER

किसान स्वर : इस ठण्ड के मौसम में सरसों, अलसी, मसूर, चना, दीर्धकालीन उड़द लगा सकते हैं...

कृषि विस्तार अधिकारी कार्यलय बतौली जिला सरगुजा (छत्तीसगढ़) से प्रकाश गुप्ता और उनके साथ हैं कृषि विशेषज्ञ बुध साय और उनके द्वारा बताया जा रहा है कि वर्तमान मौसमी स्थिति में पानी की कम से कम लागत में सरसों, अलसी, मसूर, चना, दीर्धकालीन उड़द जैसे फसलों को लगाया जाय ताकि अधिक से अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है | ये फसलें ठण्ड के मौसम में एक या दो सिंचाई से ही अच्छी फसल दे सकती हैं और जहाँ पर सिचाई की सुविधा न हो वे पानी वाला पंप प्राप्त करने की योजना का लाभ उठाने के लिए अपने निकटतम कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क करें | सरकार पम्प के साथ साथ पानी पहुंचाने के लिए पाइप भी रियायती दर पर दे रही है । प्रकाश गुप्ता@9584513018

Posted on: Nov 08, 2016. Tags: PRAKASH GUPTA SONG VICTIMS REGISTER

ये धमक मुसर धुमाढाडे...एक गाँव की कहानी...गीतों में

ग्राम पंचायत-धुमाढाड, ब्लाक प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी अपने गाँव की कहानी बता रहे हैं | वे कहते हैं उनके पूर्वज लोग जब वहाँ पर बसने के लिए आये तो चारों ओर ढाड यानी पेड़ थे और लकड़िया काट-काट और जलाकर उन्होंने खेत बनाया और खुद कूट कूट कर भोजन बनाते थे जिसमे बहुत स्वाद था । वे अपने गाँव के बारे में एक गीत सुना रहे हैं
ये धमक मुसर धुमाढाडे-
कहे मना कूटे जुना धान हो-
ये धमक मुसर धुमाढाडे-
दसवना कूटे बीसवाना छाठे-
ये धमक मुसर धुमाढाडे...

Posted on: Nov 06, 2016. Tags: RUPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER

किसान स्वर: इस बार किसान दाल को छोड़कर चरोटा की खेती कर रहे हैं जिसका दाम अच्छा है...

विकासखंड-तमनार, तहसील-तमनार, जिला-रायगड़ (छत्तीसगढ) से राजेंद्र गुप्ता चरोटा की खेती के बारे में बता रहे हैं | उनका कहना है कि उनके यहाँ किसान इस बार उड़द दाल आदि की जगह चरोटा की खेती कर रहे हैं, चरोटा का बाजार में मूल्य ५० से ८० रु प्रति किलोग्राम हो गया है, इसे सहजता से न तो गाय बकरी बैल खाते है, और बड़ी ही सहजता से इसका उपजाव बंजर जैसी भूमि पर भी हो रहा है | वे कहते हैं यह समय समय की बात है कि कब किस फसल की कीमत बढ़ जाए और कब किसकी कम हो जाए । इसकी जानकारी किसानों को होनी चाहिए तब ही वे इसका लाभ ले सकते हैं । चरोटा का वैज्ञानिक नाम कोसिया तोरा है और यह पहले सिर्फ भाजी की तरह स्थानीय उपयोग में लाया जाता था । राजेन्द्र गुप्ता@9993891275

Posted on: Nov 06, 2016. Tags: RAJENDRA GUPTA SONG VICTIMS REGISTER

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