झुमकी रहे बारी का भाजी हो...बैगा गीत
ग्राम-नागाडोबरा, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से रतिराम बैगा एक गीत सुना रहे हैं :
झुमकी रहे बारी का भाजी हो-
राम करेले झुमकी रहे-
कोन भौजी भात रांधे कौन भौजी भात-
छोट भौजी दार रांधे बड़े भौजी भात-
कौन भौजी रांधे बारी के भाजी हो...
Posted on: Feb 24, 2018. Tags: MITHLESH MANIKPURI SONG VICTIMS REGISTER
सरगुजा के डहरा में बेल कांटा घन घन...सरगुजिया डोमकच गीत
ग्राम-बरपटीया, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से धनसाय मरावी एक सरगुजिया डोमकच गीत सुना रहे हैं :
सरगुजा के डहरा में बेल कांटा घन घन-
तोके कंटा गड़े दैईया मोके माया लागे-
कहाँ कर डांग डोरा कहाँ कर बंसी रे-
कहाँ जग भैईया रे लागबो माया फांस-
सरगुजा के डांग डोरा रायपुर के बंसी-
मध्यप्रदेश डगर लागबो माया फांद-
तोर बेटी मोर बेटा जोड़ी मिलाबो रे-
आमा पतई बगई डोरा झुलनी झुलाबो...
Posted on: Feb 24, 2018. Tags: DHANSAI MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
अँधाधुंध अंधियारा रे अब तो अँधाधुंध अंधियारा लाल...होली गीत
ग्राम-सरईमाल, पोस्ट-चांदवानी, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक होली गीत सुना रहे है:
अँधाधुंध अंधियारा रे-
अब तो अँधाधुंध अंधियारालाल-
यह घट भीतर बाघ बगीचा-
अँधाधुंध अंधियारा रे...
Posted on: Feb 24, 2018. Tags: SANTOSH AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
ऊँची पहाड़ नीचे कंकड़ रे शंकर, कैसे करूँ तेरी दर्शन...भजन गीत -
ग्राम-शारदापुर, पोस्ट-सुलसुली, थाना-त्रिकुंडा, विकासखंड-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से रमकोलिया आयाम एक गीत सुना रही हैं :
ऊँची पहाड़ नीचे कंकड़ रे शंकर, कैसे करूँ तेरी दर्शन-
जलवा चढाने से डर मुझे लागे-
जलवा है मछली का जूठा रे शंकर-
दुधवा चढाने से डर मुझे लागे-
दुधवा है बछड़े का जूठा रे शंकर-
फुलवा चढाने डर मुझे लागे-
फुलवा है भौंरे का जुठा रे शंकर...
Posted on: Feb 24, 2018. Tags: RAMKOLIYA AYAM SONG VICTIMS REGISTER
उन नक़ल का करें प्रचार, लड़का तड़पेंय हजार...बघेली कविता
जिला-सिंगरौली (मध्यप्रदेश) थाना+तहसील-माड़ा, पोस्ट-बिन्दूल,ग्राम-जीर से अमोद सिंह गहरवार एक बघेली कविता सुना रहे हैं:
उन नक़ल का करें प्रचार लडिका तड़पेंय हजार-
कहएं तोहिं पास कराउब चाहे कोई बिध अपनाउब-
इतने में जो पास न होउब पुनः मूल्याङ्कन फार्म भराउब-
लड़का कुछ रहें सीधी कुछ रहें सतना कुछ तो रहें बिहार अउ पटना-
कुछ तो रहें बिन ददुआ के दादा और बतावें रहे थे बांदा-
गुस्सा रहे पुलिस तैनात होइगे चोर पुलिस के साथ-
पुलिसव् वाले नक़ल करवावें कुछ का कय चुटका वो पहुँचावे-
नक़ल करवावें रेलम पेल पास हो जैहें खेलय खेल-
लेकिन चेकर जो आवें पइहें तुरतय फार्म भराइन लाईहे-
जब शिक्षक लागें थर्राय सब लड़का लागें कर्राय-
परिवेक्षक जब पानी मंगवावें चपरासी चुटका लय धावे...

