री री लोयो रे रे रेला रेला रे रेला...गोंडी गीत
ग्राम-कोडगाँव गुट्टाडी, जिला-कोंडागाँव (छत्तीसगढ़) से खेमजीलाल सोडी एक गोंडी गीत सुना रहे है:
री री लोयो रे रे रेला रेला रे रेला-
री री लोयो रेला रेला रे रेला-
निया टोडी कोरिया-कोरिया रा-
दादो रो निया टोडी कोरिया रो-
री री लोयो रे रे रेला रेला रे रेला...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: KHEMJILAL SODI GONDI
प्रीत लगा लो सेवा गुरु से, जिनका दिया यह चोला है...भजन गीत
ग्राम-कोढ़िया, पोस्ट-केरता, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से हिरमन पोया एक भजन गीत सुना रही है:
प्रीत लगा लो सेवा गुरु से, जिनका दिया यह चोला है-
जग में तुम क्या लेकर आये हो बन्दे, क्या लेकर तू जायेगा-
जग में देने वाला कौन, देंगे देने वाला भोला है-
प्रीत लगा लों सेवा गुरु से, जिनका दिया यह चोला है-
जग में तुम क्या लेकर आये हो बन्दे, क्या लेकर तू जायेगा...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: HIRMAN POYA SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर: अतिसार या पेचिश नाशक घरेलू उपचार...
मोती नगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच.डी.गाँधी आज अतिसार या पेचिश का घरेलू उपचार बता रहे है: सामग्री-सौप 100 ग्राम, सोंठ 100 ग्राम, छोटी हरड़ 100 ग्राम, बड़ी इलायची के दाने 30 ग्राम, बेल (बिलवा) गिरी का गुदा 100 ग्राम, मरौर फली 100 ग्राम और गुलाब के फूल 100 ग्राम, इन सब को साफ़ कर कूट पीसकर चूर्ण बना लेंवे एवं घी में भुनकर रख लेंवे. मात्रा-3 से 5 ग्राम चूर्ण मट्ठा, छाछ या पानी के साथ दिन में दो बार सेवन करे. इसे अनार के रस के साथ भी ले सकते है, लाभ मिलेगा| परहेज-मिर्च मशाला तेल खटाई गरिष्ट भोजन का प्रयोग ना करे. सम्पर्क वैद्य एच.डी.गाँधी@9111061399.
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: HD GANDHI SONG VICTIMS REGISTER
भगवान के मंदिर में, सुनावे बंसी कुआं पार में...भक्ति गीत
ग्राम-कोट्या, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक भक्ति गीत सुना रहे है:
कुआं पार मेरे संगी, संझा की बेला कुआं पार में-
धानु ला लुवे उड़े, ला कौन सी-
भगवान के मंदिर में, सुनावे बंसी-
कुआं पार मेरे संगी, संझा की बेला कुआं पार में-
धानु ला लुवे उड़े, ला कौन सी,
भगवान के मंदिर में, सुनावे बंसी कुआं पार में...
Posted on: Apr 30, 2018. Tags: MEVALAL DEVANGAN SONG VICTIMS REGISTER
चलो जी भोजली, चलो जी मितानिन स्कूल जाबो...छत्तीसगढ़ी शिक्षा कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी छत्तीसगढ़ी में शिक्षा पर एक कविता सुना रहे है:
चलो जी भोजली, चलो जी मितानिन स्कूल जाबो-
घर घरी मा खुले है, इसको पढ़ लिख कर आबो-
स्कूल में खाना मिलत है, खा पीके पढ़बो-
आनि बानी के खेल खेलात है, पढ़त पढ़त खेल आबो-
खेल खेल मा पढ़ लिख के, जम्मो ले आगु बढ़ जाबो-
साफ़ सफ़ाई जम्मो सिखात है, चलाए हवे स्वच्छता अभियान...
