मोला दगा दिये दगा वाली ओ, तै खाले कमाले मजा उडाले का नजर भर देख तो लेले...गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक एक गीत सुना रहे हैं :
मोला दगा दिये दगा वाली ओ, तै खाले कमाले-
मजा उडाले का नजर भर देख तो लेले-
सजा के रुख मा बैठे हे खुसरा, हमर पीरत बने रही का करबो दूसरा-
बोहावत के नरवा मा लेहे पड़वा, हय-
तोर दमके जवानी गड़ाले मडवा-
मोला दगा दिये दगा वाली हो तै खाले कमाले...
Posted on: Sep 18, 2018. Tags: CG CHHATTISGARHI MEWALAL DEWANGAN SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
सालीग्राम सुनो बिनती मोरी, यह बड़ा दान दया कर पाऊं...भजन गीत-
जिला-डिंडौरी (मध्यप्रदेश) से संतोष कुमार अहिरवार एक भजन सुना रहे हैं :
सालीग्राम सुनो बिनती मोरी, यह बड़ा दान दया कर पाऊं-
प्रातः काल उठ मंजन करके प्रण से हितैस स्नान कराऊँ-
चंदन, धूप, दीप, तुलसी दल, बरन-बरन के फूल चढाऊँ-
जल चढ़ावै सुनो बिनती मोरी, यह बड़ा दान दया कर पाऊं-
आप बिराजे चाहूं रतन सिंघासन, घंटा, संख, मिरदंग बजाऊँ...
Posted on: Sep 17, 2018. Tags: BHAJAN DINDORI MP SANTOSH KUMAR AHIRWAR SONG VICTIMS REGISTER
हमारे यहाँ गोंडी बोलने वाले शिक्षक आ जाये तो शिक्षा का स्तर सुधर सकता है, अभी बच्चे नहीं समझते...
ग्राम पंचायत-हान्केर, तहसील-पखांजुर, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से बलराम कुलदीप, लवकुमार और सुरेश आचला सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा के अमर मरावी को बता रहे हैं कि उनके गाँव क्षेत्र में अधिकतर लोग, बच्चे से बूढ़े सभी गोंडी अधिक बोलने वाले हैं, इनके गाँव के स्कूल प्राथमिक या माध्यमिक में ज्यादातर शिक्षक हिंदी, छत्तीसगढ़ी बोलने वाले हैं, वहां के स्कूल में गोंडी बोलने वाले शिक्षक नही है जिससे बच्चों के साथ बातचीत का आदान-प्रदान पूर्ण रूप से नही हो पाता है, इससे पढाई में भी परेशानियां होती है अगर कोई गोंडी बोलने वाले शिक्षक आ जाए तो प्राथमिक विद्यालय में अध्धयन के स्तर में काफी मात्रा में सुधर हो सकता है |
Posted on: Sep 17, 2018. Tags: AMAR MARAVI CG EDUCATION GONDI KANKER KOELIBEDA SONG VICTIMS REGISTER
कोन बने साजा बीजा, कोन बने धवारले...डोमकच गीत
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक डोमकच गीत सुना रहे हैं :
कोन बने साजा बीजा, कोन बने धवारले-
कोन बने धवारगे, कोन बने सरई फूला शिकारी धरालक-
कोन बने सरई फूला, शिकारी धरालय मैना शिकारी धरालय-
साजा बने साजा बीजा, दिक बने धवारगे-
माझे बने सरई फूला, शिकारी डरालक...
Posted on: Sep 17, 2018. Tags: CG DOMKACH MEWALAL DEWANGAN SONG SURGUJA SURGUJIHA VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : गौ मूत्र के आयुर्वेदिक गुण और प्रयोग-
सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी बता रहे हैं, भारत के प्राचीन हिन्दू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, मान्यतानुसार गाय की उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई है, गाय के मूत्र में रोगों से लड़ने की क्षमता होती है, गौ मूत्र में कैल्सियम, सोडियम, पोटेसियम, इंजाइम तथा सभी विटामिन का समावेश होता है, इसमें थायराइड, टीवी, ब्लड प्रेसर, शुगर, चर्म रोग, दमा, खासी तथा कैंसर जनित रोगों में सुबह ताजा गौ मूत्र सेवन करने से लाभ मिल सकता है, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : रमाकांत सोनी@9589906028.
