Bultoo Radio in Hindi and Chhattisgarhi languages :16th August 2017...
Today Rakesh Kumar and Geeta Tekam are presenting Bultoo Radio Program in Hindi and Chhattisgadhi languages of in this latest edition of Bultoo radio discussing issues from Adivasi areas. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download center nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via Bluetooth.
Posted on: Aug 15, 2017. Tags: RAKSEH GEETA SONG VICTIMS REGISTER
सजा रहे माँ का द्वार लाल फूलो से गुलाब फूलो से...देवी गीत
ग्राम पंचायत-धुमाडाड, कड़चोलापारा,विकासखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी 15 अगस्त के अवसर पर स्कूल के बच्चे सोनावती मरावी, सविता मरावी, कुमारी प्रिया पटेल, मानती श्याम के सांथ एक गीत सुना रहे हैं :
सजा रहे माँ का द्वार लाल फूलो से गुलाब फूलो से-
माँ के द्वारे अंधा पुकारे-
अंधा को आंख दे दो माँ अपनी दयालू हांथ से-
माँ के द्वारे लंगड़ा पुकारे-
लंगड़ा को पैर दे दो माँ अपनी दयालू हांथ से...
Posted on: Aug 15, 2017. Tags: ROOPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
वह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल दूर नहीं है...कविता -
सुनील कुमार राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की रचना सुना रहे हैं:
वह प्रदीप जो दीख रहा है झिलमिल, दूर नहीं है-
थककर बैठ गये क्या भाई! मंजिल दूर नहीं है-
अम्बर पर घन बन छायेगा-
ही उच्छवास तुम्हारा-
और अधिक ले जाँच-
देवता इतना क्रूर नहीं है-
थककर बैठ गये क्या भाई!
मंजिल दूर नहीं है...
Posted on: Aug 15, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : बवासीर का घरेलू इलाज -
ग्राम व पोस्ट-अंजनी, विकासखण्ड-मवई, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से वैद्य सग्गन शाह मरकाम आज बवासीर की बीमारी से पीड़ितों को देशी औषधि से उपचार के बारे में बता रहे हैं, वे बता रहे हैं कि ग्रामीण इलाकों में बहुत से साथियों को बवासीर की बीमारी होती है और इस रोग के कारण उनका जीवन बहुत दुखद हो जाता है. इसके इलाज की विधि इस प्रकार है: मुनगा या सहजन की पत्ती और सुरणकन्द को मिलाकर बारीक़ पीस ले और इसके बाद इसे अच्छा सा पानी में घोल ले और इसे छान ले, अब इसको दूध के साथ मिश्रण कर रोजाना ख़ाली पेट सुबह सुबह 15 दिनों तक पीने से निश्चित ही बवासीर की बीमारी में लाभ मिलेगा | सग्गन शाह मरकाम@9479003194
Posted on: Aug 15, 2017. Tags: SAGGAN SHAH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER
गोंड समुदाय के कोलांग नृत्य के बारे में जानकारी
मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार गोंड समुदाय के कोलांग नृत्य के बारे में जानकारी दे रहे है और कह रहे हैं कि जिस समाज में गीत, संगीत नृत्य नही वह समाज पशु समान होता है और गोंड समुदाय के महत्वपूर्ण कोलान्ग इदना नृत्य के बारे में बता रहे हैं. कोलान्ग शब्द कोला से बना है, जिसका अर्थ डंडा से लिया जाता है कोलान्ग नाच में छड़ का प्रयोग किया जाता है इसीलिए गोंडी में कोलांग इदना कहते है. पौष पूर्णिमा के समय युवको का नृत्य दल एक दूसरे के गाव में एक सप्ताह नाचने जाते है, नाच दल का नेतृत्व करने वाले को ‘पाटा गुरु” के नाम से जाना जाता है. नाच दो दलों में गोल घेरे में आमने सामने होता है आमने सामने खड़े होकर एक दूसरे के डंडे को पीटते है गीत शुरु होते ही नाच चालू हो जाता है. सुनील@9308571702
