A traditional Rajasthani send off song for a married girl
मां समझावे लाडली ने
थारो पति परमेश्वर जान
कन्या म्हारी स्याणी है
ससुरा थारो देवता है बेटी
थारी सासु यमुना दुलार
कन्या म्हारी स्याणी है
पतिरा पहले भोजन मत करजे बेटी
तू वीज्ये चरन आधार
देवरानियां जेठाणियां हिल मिल रह्येजे
ग्योडी बात बण जाए
Posted on: Oct 28, 2010. Tags: Santosh Vaishnav
पेडों के साथ गई, पेडों की छाँव रे : नर्मदा आंदोलन को समर्पित एक गीत
देखो देखो देखो देखो, उजड़ गए गाँव रे ।
पेडों के साथ गई, पेडों की छाँव रे॥
हम माझी बन खेते रहे, समय की धार को ।
जाने काये डुबो दई, हमरी ही नाव रे॥
खेत हमरा जीवन है, धरती हमरी माता है।
इनसे हमारा सात जन्मों का नाता है॥
बांध तुम बनाते हो, हमें क्यूँ डुबाते हो।
हमारे खेतों में क्यूँ, बारूदें बिछाते हो॥
अपने स्वार्थ को विकास कह के तुमने। 2
हमरा तो लगा दिया, जीवन ही दाँव रे॥
पेडों के साथ गई........................................।
पुरखों से जीव और, हम साथ रह रहे।
पत्थरों को चीर कर, प्रेम झरने बह रहे॥
हम जंगल में जीते हैं, हमें क्यूँ भगाते हो।
पर्यावरण के झूठे आंसू क्यों बहाते हो॥
हमरी रोजी,हमरी बस्ती छीन कर सरकार ने ।
अपनों से दूर कर, कैसा दिया घाव रे॥
पेडों के साथ गई........................................।
प्रशांत दुबे
Posted on: Oct 18, 2010. Tags: Prashant Dubey
दिल्ली में अब काम नहीं, क़ाम-न-वेल्थ है
सर पर गठरी
हाथ में छोटे से बच्चे की छोटी छोटी उंगलियां और एक बच्चा गोद में
सूखा पडा गांव में, जीने की कोई गारंटी नहीं
वहां खचाखच भरा प्लेटफॉर्म, और दिल्ली जाने की मची है होड
पारा चालीस पार, स्टेशन पे पानी नहीं
असमंजस में मां, कि पानी ढूंढे या रेल
मैली कुचैली सी एक थैली में एक छोटी सी पोटली
और उस पोटली में छुपा है एक खजाना
चालीस रूपए के कुछ बंधे नोट और कुछ एक सिक्के
और साथ में है बासी रोटियों का खजाना
जब जब बिलखेंगे बच्चे, देखेंगे मां की ओर बढी हुए आंख से
दे दी जाएगी चूसने को यही रोटी लॉलीपॉप की तरह
रेल आई, वह कब चली, पता नहीं, भीड तो बहुत थी
कहने को तो रेल बहुत बडी थी, बीस डिब्बे रहे होंगे
पर उसे और उसके जैसों के लिए दो ही डिब्बे थे
एक इंजन से लगा और एक पीछे को
जब झपकी खुली तो मथुरा में कुछ गिनती चल रही थी
लोगों की
सबको उतारा जा रहा है वहीं पर
क्योंकि दिल्ली में अब काम नहीं है
वहां काम-न-वेल्थ है
वह खडी है प्लेटफार्म पर और सोच रही है कि जाए तो जाए कहां
क्योंकि दिल्ली में अब काम नहीं क़ामनवेल्थ है
प्रशांत दुबे
Posted on: Oct 13, 2010. Tags: Prashant Dubey
Demonstration against BSNL for bad services in Dantewada
Posted on: Jul 14, 2010. Tags: DANTEWADA MANOJ SHALIWAL SONG VICTIMS REGISTER
Dantewada: Police killed 2 Naxals, Village head says they were innocent
Himanshu Kumar of Vanvasi Chetna Ashram has sent an interview with Gujjobai Sarpanch of a village Gumiapal in Dantewada district where police had earlier today claimed to have killed 2 naxals in an encounter. Police had also claimed that they have recovered a country made pistol and tiffin bomb but the Sarpanch of the village says 2 innocent people were killed after being woken up from their homes and police also burnt their houses.
