गोंडवाना राज्य मांगने के लिए पहली बैठक 1917 में हुई तब से यह आंदोलन लगातार चल रहा है...

जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से बालकेन के साथ आज उत्तम अटला जुड़े हैं जो गोंडी और हिंदी मिश्रित भाषा में गोंडवाना राज्य के लिए हो रहे आंदोलन का इतिहास बता रहे हैं वे बता रहे हैं कि गोंडवाना राज्य के लिए पहली बैठक सन 1917 में हरई में हुई सन 1927 और 1930 में भी बैठक हुई, 1933 में राजा द्वारसिंह ने इस मांग के लिए 18 हजार का एक कोष की स्थापना की, नारायण सिंह उइके, हरी सिंह देव कंगाली माझी ,राजा नरेश सिंह, शीतल मरकाम इस तरह के महापुरुष इस कोष के सहभागी बने और 1959 में कांग्रेस के नेताओं ने भी गोंडवाना राज्य गठन का समर्थन किया था नारायण सिंह उइके इस मंडल के अध्यक्ष रहे और 1975 से गोंडवाना अलग राज्य की मांग कर आन्दोलन कर रहे है...

Posted on: Aug 30, 2017. Tags: BAALKEN SONG VICTIMS REGISTER

पानी का संकट : यदि समाज पूर्वजों द्वारा दिखाए रास्ते पर चले तो स्थितियां सम्भाली जा सकती हैं...

ग्राम-मालीघाट,जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार अनुपम मिश्र के पानी पर किए गए कार्य के महत्व को बता रहे हैं. प्रसिद्ध जल वैज्ञानिक अनुपम मिश्र जीवन भर जल संरक्षण के लिए प्रयत्नशील रहे हैं. मिश्र ने बड़ते जल संकट को देखते हुए कहा था कि अगर जल संचित करने में ध्यान नहीं दिया गया तो अगली लड़ाई पानी के लिए ही होगी इससे मानव सभ्यता का विनाश संभव है यदि समाज पूर्वजो द्वारा दिखाए रास्ते पर चले तो स्थितियां सम्भाली जा सकती हैं. वे इस माह प्रकाशित एक पत्रिका के विशेषांक के बारे में बता रहे हैं जिसमे अनुपम मिश्र के कार्य पर लेख लिखे गए हैं. वे सभी सीजीनेट श्रोताओं से यह आग्रह कर रहे हैं कि आप अपने अच्छे पुस्तकालय विकसित करें और ऐसी पुस्तकों का संग्रह करें...सुनील@9308571702

Posted on: Aug 30, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

कोयलिया बोली रे अम्बुआ के डाल मा, कोयलिया बोली रे...करमा गीत -

ग्राम-ताराडांड, जिला-अनूपपुर, (मध्यप्रदेश) से गायक राजूराम पटेल एवं मुन्नीलाल ढीमर बांसुरी बजा रहे हैं और एक कर्मा गीत सुना रहे है:
कोयलिया बोली रे अम्बुआ के डाल मा, कोयलिया बोली रे-
महुआ बिनत वा श्याम मिलकर बैर बिनत वा राम-
कोयलिया बोली रे अम्बुआ के डाल मा, कोयलिया बोली रे-
का बची का जंगल झाड़ी, का नदिया पहाड़-
तौर मौर मन हवी तो का करी सरकार-
कोयलिया बोली रे अम्बुआ के डाल मा, कोयलिया बोली रे...

Posted on: Aug 30, 2017. Tags: BABULAL NETI SONG VICTIMS REGISTER

गर्म हवाओं के झोंके हैं अच्छे दिन, सचमुच धोखे ही धोखे हैं अच्छे दिन...गजल-

मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार महेश कटारे सुगम की गजल सुना रहे है:
गर्म हवाओं के झोंके हैं अच्छे दिन-
सचमुच धोखे ही धोखे हैं अच्छे दिन-
बढ़ी कीमतों से रातों की नींद उड़ी-
देख देख कर सब चोंके हैं अच्छे दिन-
अच्छे दिन आएं न आएं क्या मतलब-
सत्ता पाने के मौके हैं अच्छे दिन-
चमकदार वादों रंगों से पुते हुए-
सुन्दर से खाली खोके हैं अच्छे दिन-
क्या बतलाये सुगम खबर तो सबको है-
किसने आने से रोके हैं अच्छे दिन...

Posted on: Aug 30, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

ले मशाले चल पड़े है, लोग मेरे गाँव के, अब अँधेरा जीत लेंगे, लोग मेरे गाँव के...गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक जागृति गीत सुना रहे हैं :
ले मशाले चल पड़े है, लोग मेरे गाँव के-
अब अँधेरा जीत लेंगे, लोग मेरे गाँव के-
पूछती है झोपड़ी और, पूछते है खेत भी-
कब तलक लूटते रहेंगे, लोग मेरे गाँव के-
ले मशाले चल पड़े है, लोग मेरे गाँव के-
बिन लड़े कुछ भी नही मिलता यह जानकर-
अब लड़ाई लड़ रहे है, लोग मेरे गाँव के – लाल सूरज अब उगेगा, देश के हर गाँव में-
अब इकट्टा हो चले है, लोग मेरे गाँव में...

Posted on: Aug 30, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

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