अरे गोंडवाना गौरव राजा, अरे गोंडवाना गौरव राजा...गोंडवाना बलिदान गीत

ग्राम जाम, ग्राम पंचायत भालेवाड़ा, विकासखंड-घन्सोर जिला-सिवनी (म.प्र.) से चरण सिंह गोंडवाना के राजा शंकरशाह के बलिदान पर एक गीत सुना रहें हैं:
अरे गोंडवाना गौरव राजा, अरे गोंडवाना गौरव राजा-
शंकरशाह मोर भैया, जेवके बुधद्ये रघुनाथ-
अटारा सौ सतावन की पिछली है इतिहास-
बावन गढ़ के राज संभाले राजा शंकर शाह-
गोंडवाना के राज चलावें जनता हम साथ
कोई ना मरता भूखा जग में, कोई ना मरता प्यास-
अरे गोंडवाना गौरव राजा...

Posted on: Sep 22, 2016. Tags: CHARAN SINGH SONG VICTIMS REGISTER

Bultoo Radio from Chhattisgarh in Chhattisgarhi languages: 22nd Sept 2016...

Today Raman Singh is helping us listen to reports and songs from Chhattisgarh in this latest edition of Bluetooth radio program in Chhattisgarhi and Pahadi Korwa languages. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download centre nearby. They can also get it from someone with smartphone and internet and then via bluetooth.

Posted on: Sep 22, 2016. Tags: CHHATTISGARH RAMAN SINGH THAKUR SONG VICTIMS REGISTER

घर में बाते एकांत, मै रटने लगा डार्विन का सिद्धांत...व्यंग्य

ग्राम-सर्नाड़ी, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से जसवंत सिंह एक व्यंग्य कविता सुना रहे है:
घर में बाते एकांत, मै रटने लगा डार्विन का सिद्धांत
क्या हमारे पूर्वज बन्दर थे और जब मै रट रहा था तो पिताजी अन्दर थे-
वे आए और चिल्लाए क्या करता है, पूर्वज को बन्दर कहता है-
सोचा था पढेगा लिखेगा बाप दादों का नाम रोशन करेगा-
नाम रोशन तो दूर उलटे बता रहा उनको लंगूर-
पिताजी ने एक खींच के हाँथ दिया मैंने डार्विन साहब को याद किया-
कि आप तो मर गए मेरी जान को मुसीबत कर गए...

Posted on: Sep 19, 2016. Tags: Jaswant Singh SONG VICTIMS REGISTER

मैं बंदत हों दिन रात मोर धरती मईया जय होए तोर...छत्तीसगढ़ वंदना गीत

ग्राम-माजा, पोस्ट-सरभोका, ब्लाक-रामानुजनगर, जिला-सूरजपुर के लक्ष्मण सिह एक छत्तीसगढ़ वंदना गीत सुना रहे हैं :
मैं बंदत हों दिन रात मोर धरती मईया जय होए तोर-
मोर छईन्या भूईंया जय होए तोर – सूत उठ के बड़े बिहनिया तोरे पईया लागों – सूरज जोत मा करों आरती गंगा पाव पखारों – तोर काया मा फुल चढ़ावों –
मोर धरती मईया जय होए तोर – मोर छईन्या भूईंया जय होए तोर-
तही हमन के सुख दुःख – आऊ ये जिनगी के भेरा – तोर मया में जग बिलरौं – मोर धरती मईया जय होए तोर – राजा प्रजा देवी देवता तोर कोरा में आइन – जईसन सेवा करीन तोर – वोईसनेच फल ला पाइन – तोर बलिहारी मैं जावों – मोर धरती मईया जय होए तोर...

Posted on: Sep 17, 2016. Tags: Lakshaman Singh SONG VICTIMS REGISTER

हाय रे, छूट गये सरगुजा राज कैसे करि भाई...करमा गीत

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक पारंपरिक गीत सुना रहे हैं:
हाय रे, छूट गये सरगुजा राज कैसे करि भाई, तो छूट गाये-
छुटा हमरा कर्मा रंज्जा वह रे, छूटा जंगल झाड़-
छूटा ता हमार रिवाज भाई, कैसे करि भाई-
छूट गये सरगुजा राज कैसे करि भाई...

Posted on: Sep 14, 2016. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »