लगनिया, लगनिया, लगानिया....भिखारी ठाकुर का भोजपुरी गीत
सुनील कुमार मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से भिखारी ठाकुर रचित एक भोजपुरी गीत सुना रहे हैं :
लगनिया, लगनिया, लगानिया –
कहिया लगीयन सीता राम में लगनिया कहिया लगनियन – कुछ दिन बीत गईले करत सनिया पनिया – कुछ दिन बीते छूरा कैची न रहनिया – गंवा गई, जाई खाई, चिट्ठी, नेवतनिया – लिखे के सिखौलन भगवान साहू बनिया...
Posted on: Mar 12, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
नंद के नंदा आनंद कंदा बाल मुकुंदा हे जगवंदा...भजन
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक भजन गीत सुना रहे हैं :
नंद के नंदा आनंद कंदा बाल मुकुंदा हे जगवंदा
जब-जब बढा धरती का भार तूने लिया अवतार
कली काल का हुआ विस्तार, कब लोगे अवतार
नंद के नंदा आनंद कंदा हे बाल मुकुंदा हे जग वंदा...
Posted on: Mar 12, 2018. Tags: KANHIYALAL PADIHARI SONG VICTIMS REGISTER
होता है सारे विश्व का कल्याण यज्ञ से...यज्ञ महिमा गीत
बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार कुछ पंक्तियों के माध्यम से यज्ञ की महिमा सुना रहे हैं :
होता है सारे विश्व का कल्याण यज्ञ से-
जल्दी प्रसन्न होते हैं भगवान यज्ञ से-
ऋषियों ने ऊँचा माना है स्थान यज्ञ का-
भगवान का यह यज्ञ है भगवान यज्ञ का-
जाते हैं देवलोक में इंसान यज्ञ से-
होता है सारे विश्व का कल्याण यज्ञ से...
Posted on: Mar 12, 2018. Tags: SONG SURESH KUMAR VICTIMS REGISTER
दहेज निषेध क़ानून 1961 में बना पर अब भी जारी, इसे नष्ट करने के लिए कानून बनाना काफी नही...
ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाहा बता रहे हैं, दहेज प्रथा हमारे समाज में प्राचीन समय से व्याप्त एक संक्रामक बीमार की तरह है, जो हमारे समाज को नष्ट कर रहा है, गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरित मानस के अनुसार में उस समय दहेज़ का स्वरुप ऐसा नही था, बल्कि यह कन्या पक्ष द्वारा खुशी से वर पक्ष को दिया गया उपहार होता था, इस पर कोई दबाव नही होता था, सन 1961 के दहेज विरोधी अधिनियम के अनुसार दहेज़ लेना और देना दोनों ही दण्डनीय अपराध है लेकिन आज भी ये कुप्रथा चल रही है उनका कहना है कानून बनाने मात्र से सामाजिक बुराई खत्म नही हो सकती इसके लिए समाज को स्वयं ही आगे आना होगा| मनोज कुशवाहा@9516058859.
Posted on: Mar 12, 2018. Tags: MANOJ KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER
सुना रे सुना रे भैया रे बहिनी मोर...सरगुजिया गीत
ग्राम पंचायत-शारदापुर, खुटनापारा, पोस्ट-सुलसुली, विकासखंड-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से महीलाल रंते एक सरगुजिहा गीत सुना रहे हैं :
सुना रे सुना रे भैया रे बहिनी मोर-
अपन दुःख कतको सुनावे भाई सुना रे बहिन मोर-
सुख के खुसिया मनावे तै सुना रे बहिन मोर-
दुखिया के दुःख में जलावे तै सुना रे बहिनी मोन-
बनल के सब तो बलवे सुना रे बहिन मोर-
बिगड़ल के एको ना सुहावत सुना रे बहिन मोर...

