हर्ष न्यौछावर कर दे सर्वस्व, हमारा प्यारा भारत वर्ष...
ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ़, (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाहा कह रहे हैं, कभी अपने देश की बुराई नही करना चाहिये, भारतीय समाज को जातियों में नही बांटा जा सकता, हमारा देश अनेकता में एकता का प्रतीक है| भरतीय समाज में नारियों का बहुत बड़ा योगदान रहा है रानी लक्ष्मी बाई, अवंती बाई, कल्पना चावला देश के लोगो के लिए एक प्रेरणा है| संगीत के क्षेत्र में भी भारत विश्व में किसी से कम नही है, यह देश एक हीरे के सामान है, जिसमे न्योछावर होने वाले अनेको देश भक्त है:
जियें तो सदा इसी के लिए यही सदा अभिमान रहे यह – हर्ष न्यौछावर कर दे सर्वस्व, हमारा प्यारा भारत वर्ष...
Posted on: Mar 12, 2018. Tags: MANOJ KUMAR KUSHWAHA SONG VICTIMS REGISTER
वनांचल स्वर : चेहरे के कील मुहासे को दूर करने के लेप बनाने की विधि
रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच.डी. गांधी चेहरे में होने वाले कील मुहासे को दूर करने का लेप बनाने की विधि बता रहे हैं, एलोवेरा जिसे गवार पाटा और घृत कुमारी के नाम से भी जाना जाता है, इसका गुदा एक चम्मच, गुलाब जल एक चम्मच, शहद एक चम्मच, हल्दी एक चुटकी, नीबू का रस 30 बूंद इन सब को एक कटोरी में लेकर मिला ले, उसके बाद एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी मिला लें, और सेमर के कांटे 10 नग पीसकर मिला ले, उसके बाद चेहरे पर लगाकर 5 मिनट तक हल्के हाथ से मसाज करें, 15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें, प्रतिदिन ऐसा करने से चेहरे के कील मुहासे दूर हो सकते हैं, खाने में तेल, खटाई, मिर्च, मसाला, गरिष्ठ पदार्थ का प्रयोग ना करें| वैद्य एच.डी. गांधी@9111061399.
Posted on: Mar 12, 2018. Tags: HD GANDHI SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER
ऐ धरती के रहने वालो धरती को स्वर्ग बनाना है...प्रेरणा गीत
जिला-बड़वानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
ऐ धरती के रहने वालो धरती को स्वर्ग बनाना है-
ये स्वर्ग कही यदि उपर तो, उसको इस भू पर लाना है-
हे स्वर्ग लोक इस धरती पर, ऊपर अथवा अन्यत्र नही-
तुम उसको यहीं तलाश करो, जाओ न ढूंढने ओर कहीं-
अपने पुरुषार्थ रत्नों से कर दो उसका निर्माण यहीं-
यह आशा का सन्देश तुम्हे इस भू मंडल पर फैलाना है-
पिता-पुत्र, पति-पत्नी, भाई-बहन में हो प्यार जहाँ...
Posted on: Mar 12, 2018. Tags: SONG SURESH KUMAR VICTIMS REGISTER
लालच नही करना चाहिए, जो हमारा है वो हमें किसी भी रूप में हो, मिल ही जाता है...कहानी
एक गाँव में तीन दोस्त थे एक मूर्तिकार दूसरा चित्रकार और तीसरा ब्राम्हण था ब्राहमण तंत्र-मंत्र में निपुण था, वे जिस जगह रहते थे, धंधा ठीक से नही चलने के कारण उन्होंने दूसरे जगह जाने का सोचा और जगह छोड़कर जाने लगे, जाते हुए तीनो एक शहर में रुके, वहां चोर-लुटेरे बहुत थे, इसलिए तीनो ने 4-4 घंटा जागकर रात बिताने का तय किया, पहले मूर्तिकार ने पहरा दिया, फिर चित्रकार ने उसके बाद ब्राहमण ने, मूर्तिकार सोचा क्यों ना काम किया जाय और एक सुंदर मूर्ति बनाया, जब चित्रकार की बारी आई तो उसने रंगकर उसे और सुंदर बना दिया, उसके बाद ब्राम्हण ने अपने मंत्र विद्या से उसे जीवित कर दिया, जिससे मूर्ति एक सुंदर कन्या में परिवर्तित हो, लेकिन अब तीनो में उसे पाने को लेकर विवाद होने लगा, तब तीनो एक न्यायाधीश के पास पहुंचे और अपनी समस्या बताई न्यायाधीश ने कहा गढ़ने वाला तो माता-पिता होता है, जीवन देने वाला भगवान होता है, और सजाने वाला पति होता है इसलिए कन्या सजाने वाले को मिलना चाहिए|इससे हमें सीख मिलती है किसी चीज का लालच नही करना चाहिए, जो हमारा है वो हमें ही मिलता है चाहे वो किसी भी रूप में हो| कन्हैयालाल पडिहारी@9981622548.
Posted on: Mar 12, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIHARI SONG VICTIMS REGISTER
ऐ हे हे हाय रे करेला चानी यार, मोला ऐ सुहावय करेला चानी यार...करमा गीत
ग्राम-लुडूटोला, पंचायात-दमगढ़, थाना-कुकदुर, विकासखंड-पंडरिया, जिला-कबीरधाम, (छत्तीसगढ़) से भुकलराम एक करमा गीत सुना रहे हैं :
ऐ हे हे हाय रे करेला चानी यार-
मोला ऐ सुहावय करेला चानी यार-
करेला हा करू लागे कुंदरू हा किरिच लागे-
मोला ये सुहावय यार-
नीबू हा खट्टा लागे संतरा हा मीठ लागे-
मोला ऐ सुहावय करेला चानी यार...
