लोग गंदा पानी पीकर बीमार पड़ रहे हैं, एक साल से अधिकारी हैंडपंप के लिए आवेदन नहीं सुन रहे...
ग्राम-दबनपुर, ब्लॉक-कोटा, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से सीमांचल आचार्य बोल रहे हैं कि गाँव में पेय जल हेतु पिछले वर्ष 2016 में वार्ड नम्बर 3 की पीने की पानी की व्यवस्था को लेकर आवेदन किया था, उसी आवेदन को ग्राम सभा में प्रस्ताव पास कर गाँव की महिलाओ द्वारा सीईओं हिमांशु गुप्ता कोटा को आवेदन दिया गया था उसी आवेदन की प्रति को पीएचई विभाग तखतपुर इंजिनियर श्री मिश्रा जी को भी भेजा गया था, पर उस पर कोई काम नही हुआ है, लोग गंदा पानी पीकर बीमार पड़ रहे हैं. सीजीनेट सुनने वाले साथियों से अनुरोध है कि कृपया फोन कर दबाव बनाए... पीएचई विभाग तखतपुर मिश्रा जी@09584538847. ब्लॉक अधिकारी@08817026823. शिकायत कर्ता@8839375278.
Posted on: Sep 09, 2017. Tags: SEEMANCHAL ACHARYA SONG VICTIMS REGISTER
भाजपा के राज में, जनता परेशान...कविता
ग्राम-देवरी, पोस्ट थाना-चंदोरा, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया स्वरचित कविता सुना रहे है:
भाजपा के राज में,जनता परेशान-
थोड़ा सा साइन करत है, उकर लेत है, दान-
दो पैसा के नौकर बन गए, उनकर बढ़ गए शान-
भाजपा के राज में जनता परेशान-
नई सोच है मानो मानो, एक समान-
जनता मन ला अनपढ़ समझ के, उनकर लेत है प्राण-
भाजपा के राज में जनता परेशान...
Posted on: Sep 09, 2017. Tags: KAILASH POYA SONG VICTIMS REGISTER
ओ शिल्पी, ओ शिल्पी...गीत
ग्राम-छतरपुर, पोस्ट-गजराज, विकासखण्ड- घुगरी, जिला-मंडला (मध्यप्रदेश) से मोहन मरावी शिक्षक दिवस 5 सितम्बर को लेकर गीत सुना रहे है गीत के माध्यम से शिक्षक को शिल्पकार के रूप में देख रहे है:
ओ शिल्पी,ओ शिल्पी-
तुमको अपनी मूर्ति कला का रंग दिखाना है-
तुझे तो मूर्ति बनाना है, तुझे तो मूर्ति बनाना है-
सत्यम शिवम् सुन्दरम का, नव अलख जगाना है-
कितने अनपढ़ पत्थर तेरे पास, धरोवर है-
सुन्दर मूरत बनने को सब, कितने आतूर है-
अपनी मूर्ति कला से, सबको सुन्दर बनाना है-
विश्व विधाता में पूरा मनुष्य बनाये है-
किन्तु तुझको इनको सच्चा मनुष्य बनाना है-
ओ शिल्पी,ओ शिल्पी...
Posted on: Sep 09, 2017. Tags: MOHAN MARAWI SONG VICTIMS REGISTER
आबे तै आबे गोरी ओ...कर्मा गीत-
ग्राम-धनवली नवापारा, पोस्ट-अधवानी, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से विष्णु भैना एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
आबे तै आबे गोरी ओ – हामर गांव मा कर्मा होवथे-
कदम तरी छाव मा नेवरी हमर गांव मा-
भैया भौजी मिल के संगी नाचत है कर्मा-
मयूर पंख लगा के संगी मादर के सुर मा-
तय हा ददरिया गावे मैं तोरे संग गाऊं-
औ नाच लेब दोनों संग मा-
आबे तै आबे गोरी ओ...
Posted on: Sep 09, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VISHNU KUMAR BHAINA
देख ले नज़र से अपना हम, जिन्दगी गरीब के...कविता
ग्राम-परमेश्वरपुर, ब्लॉक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से हरिश्चन्द्र गीत सुना रहे है:
देखनि नज़र से अपना हम, जिन्दगी गरीब के-
जेकरा जबन बा मिलल, अपना नसीब से-
केहू करेला मजदूरी, केहू झरिया ला केहू कोढ़े-
लाज शरम के छोड़ी, वो करेला जी हुजूरी-
बाकि हो ना ताज महल, कोनो गरीब के-
देखनि नज़र से अपना हम, जिन्दगी गरीब के...
