कश्मीर जिगर के तुकडा काहे हिंदुस्तान...गीत-

ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल एक गीत सुना रहे हैं:
कश्मीर जिगर के तुकडा काहे हिंदुस्तान-
जिया मोर जान मारे ओ-
दूध जब मंगवा ता खीर देहूं साथी-
कश्मीर मंगवा ता चीर देब छाती-
कश्मीर जिगर के तुकडा काहे हिंदुस्तान-
जिया मोर जान मारे ओ...

Posted on: Jul 19, 2019. Tags: CG DURGESH PATEL SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

राम लखन बोये हे जवारा हो माई, मातेश्वरी तोर भुवन मा...गीत-

ग्राम-नीलकंठपुर, पंचायत-गोरगी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक कविता सुना रहे हैं :
राम लखन बोये हे जवारा हो माई, मातेश्वरी तोर भुवन मा-
मातेश्वरी तोर भुवन मा ओ दाई, दुर्गा ओ तोर भुवन मा-
तीनो लोक गूंजे जयकारा ओ माई तोरे भुवन मा-
कौन जोते तोरे खेत महामाई, कोन बोये फुलवरिया-
कौन जलावे कलश में दियना...

Posted on: Jul 18, 2019. Tags: CG JAGDEV PRASAD POYA SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

लेती नहीं दवाई माँ, जोड़े पाई-पाई माँ...कविता-

मालिघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कविता सुना रहे है :
लेती नहीं दवाई माँ, जोड़े पाई-पाई माँ-
दुःख थे पर्वत, राई माँ, हारी नहीं लड़ाई माँ-
इस दुनियां में सब मैले हैं, किस दुनियां से आई माँ-
दुनिया के सब रिश्ते ठंडे, गरमा गरम रजाई माँ-
जब भी कोई रिश्ता उधड़े, करती है तुरपाई माँ-
बाबू जी तनख़ा लाये बस, लेकिन बरक़त लाई माँ-
बाबूजी थे सख्त मगर, माखन और मलाई माँ-
बाबूजी के पाँव दबा कर, सब तीरथ हो आई माँ-
नाम सभी हैं गुड़ से मीठे, मां जी, मैया, माई, माँ...

Posted on: Jul 18, 2019. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR POEM SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

पीपल के पान डोलत नई ओ...छत्तीसगढ़ी गीत-

ग्राम-कोटया, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
पीपल के पान डोलत नई ओ-
क्या होगें टुरी ला बोलत नई ओ मोरे झूल तरी-
मोरे झूल तरी गे दाई गारी सेमर फुलगे-
सेमर फुल गे आगाश मानि निचट के घडी नरवा मा-
नरवा मा अगुर ले यार नरवा मा अगुर ले यार-
पीपल के पान डोलत नई ओ...

Posted on: Jul 18, 2019. Tags: CG MEWALAL DEVANGAN SONG SURJUJA VICTIMS REGISTER

दारू के बोतल ला, गांजा के चिलम ला तोड़ दो...गीत-

नीलकंठपुर, पंचायत-गोरगी, पोस्ट-डिज़ावाल, तहसील, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक गीत सुना रहे हैं :
दारू के बोतल ला, गांजा के चिलम ला तोड़ दो-
अउ गांजा दारू पीना छोड़ दूरा छोड़ दो-
दारू पीना छोड़ो भईया, गांजा पीना छोडो भईया-
डब-डब अईसे दारू चूवे, दारु अईसे चुवाय देहे-
चिलम से गांजा अईसे उड़े, वईसे धुंवा उड़ाय देहे...

Posted on: Jul 17, 2019. Tags: CG JAGDEV PRASAD POYA PRATAPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

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