रे रे नैयो रे रे रे रे ला ये ये नानो ले...गोंडी विवाह गीत -
जयमती कश्यप शादी में गाया जाने वाला एक गोंडी गीत सुना रही हैं :
रे रे नैयो रे रे रे रे ला ये ये नानो ले – आले वेया केला यो ये ये नानो ले—केलों इना कैला यों कैला यों ये नानोली – केलों इना कैला यों कैला यों ये नानोली – रे रे नैयो रे रे रे रे ला ये ये नानो ले...
Posted on: Nov 07, 2017. Tags: TINU NAAG DANTEWADA
सभी ग्रामीण श्रमिक भाई बहनों को श्रम मित्र की मदद से श्रमिक पंजीयन कार्ड बनवा लेना चाहिए...
ग्राम-भोगाम, नयापारा जिला-दन्तेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से उर्मिला नाग बता रही हैं वे एक श्रममित्र हैं अपने काम के लिए ये गाँव में महिलाओं को बैठक में बुलाती हैं और उन्हें अनिवार्य रूप से श्रमिक पंजीयन कार्ड बनाने की सलाह देती है जिससे लोग इनके पास पंजीयन कराने के लिए आते हैं पंजीयन करने के लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकापी और ओरिजनल दोनों पत्र के सांथ 3 फोटो लाने को कहती हैं इन सभी पेपर को ये श्रमिक कार्यालय में जमा करती हैं इसके 3 महीने बाद इन्हें श्रमिक पंजीयन कार्ड प्राप्त हो जाता है इस तरह से ये लोगो को जागरूक कर उनकी मदद करती हैं | सभी अगर श्रमिक पंजीयन कार्ड बना लें तो उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है | उर्मिला नाग@9424157830
Posted on: Nov 07, 2017. Tags: SONG URMILA NAG DANTEWADA VICTIMS REGISTER
Dantewada Bultoo(Bluetooth) Radio in Gondi and Hindi: 07th Nov 2017...
Today Ramesh Kunjam and Lalit Sodi are presenting Bultoo Radio Program in Hindi and Gondi languages in this latest edition of Bultoo radio with stories from Dantewada district of Chhattisgarh. Villagers use their mobile phones to record these songs and reports. They call 08050068000 to record. Now this program can be downloaded by people from their Gram Panchayat office if it has Broadband or from a download center nearby. They can also get it from someone nearby with smartphone and internet and then via Bluetooth.
Posted on: Nov 07, 2017. Tags: DANTEWADA GONDI RAMESH KUNJAM LALIT SODI
हमारे गाँव के तुड़पा जाति के लोग दंतेश्वरी माँ का भोग बनाते थे इसलिए गाँव का नाम भोगाम पड़ा...
ग्राम-टेकनार, जिला-दन्तेवाड़ा (छत्तीसगढ़) से श्यामलाल ग्राम भोगाम जिला-दन्तेवाड़ा के निवासी रेनू नाग के साथ में इस गाँव का नाम भोगाम कैसे पड़ा इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं वे बता रही हैं कि दन्तेवाडा शहर से 6 किलोमीटर दूर एक गाँव है भोगाम इस गाँव में वे रहती हैं, इनके गाँव में पहले तुडपा जाति के लोग रहते थे ये लोग माता दन्तेश्वरी का भोग (प्रसाद) बनाया करते थे इस भोग को बोना भात भी कहते हैं. माता का पहला भोग तुडपा लोग ही दिया करते हैं इसी भोग के बाद ही आगे का कार्य पूजा पाठ किया जाता है इसी भोग के नाम से ही इस गाँव का नाम भोगाम पड़ा, इस प्रकार गाँव का नाम यहां की एक प्राचीन एक परंपरा से जुड़ा हुआ है | श्यामलाल@8889513307
Posted on: Nov 07, 2017. Tags: SHYAMLAL DANTEWADA SONG VICTIMS REGISTER
हमारे पूर्वजों ने जंगल काटकर खेत बनाया, उस पर ही आज भी हम खेती कर जीवनयापन कर रहे हैं ...
सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा आज ग्राम पंचायत-दुगेली, जिला-दन्तेवाड़ा (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां से रूपलाल मरावी गाँव के साथी विजय कुमार कर्मा के सांथ चर्चा कर रहे हैं ये बता रहे हैं कि इस जगह पर कई वर्ष पूर्व हमारे पूर्वज आये, पेड़ो को काटा और रहने और खेती के लिए जगह बनाया जिस पर आज भी वे खेती कर रहे हैं और कमा कर खा रहे हैं. यहाँ सागौन के पेंड़ थे तब से इस जगह पर ये काम कर अपना जीवन यापन करते हैं, अभी भी आसपास घना जंगल है यहां पर आदिवासी जाति मुख्यतः निवास करते हैं सभी मिल जुल कर किसी भी विशेष काम को करने के लिए समय तय करते हैं जैसे कि कब देवी देवता का पूजन करना सांथ ही और अपने रीति परंपराओं को मानते हुए ये अपना जीवन जीते हैं |



