वनांचल स्वर : यहां महिला-पुरुष एक साथ मिलकर खेती का सब काम करते हैं, हल भी चलाते हैं...

ग्राम-मेकावाही, पंचायत-शंकरनगर, प्रखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से अमर मरावी के साथ में आज गाँव की महिलाएं शांति, रमीता, प्रियंका और तुलसी बोगा हैं जो बता रहे हैं कि इस क्षेत्र में पुरुषों के साथ महिलाएं भी नागर फांदते हैं या हल चलाने का काम करती हैं, वे रोपा के समय में चिक्खल (जमीन रोपा लगाने योग्य जमीन बनाने) का काम भी करती हैं, सभी रोपा गाड़ने का काम भी करते हैं. घर में पुरुष होने के बाद भी महिलाएं जुताई करती हैं, वे प्रातः काल उठकर सभी तरह के काम झाड़ू लगाना, पानी भरना, खाना बनाना, उसके बाद हल चलाने और रोपा लगाने अपने-अपने खेतों में जाते हैं, ये सब, सभी महिला-पुरुष मिल जुलकर काम करते हैं |

Posted on: Sep 04, 2018. Tags: AGRICULTURE AMAR MARAVI CG KANKER KOYLIBEDA SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर : सर्दी जुकाम का घरेलू उपचार

प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच.डी.गांधी आज हम सभी को सर्दी जुकाम या नजला का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं, वे कह रहे हैं कि 250 ग्राम दूध, 1 चम्मच हल्दी का चूर्ण, 50 ग्राम गुड़, 12 नग तुलसी पत्ती, 6 नग काली मिर्च ये सब को पीसकर चूर्ण बना ले, 1 पाव दूध में इसे उबाले और उबाल कर इसको गुनगुना रहते हुए रात में सोने के पहले सेवन करे, इससे सर्दी, जुकाम, नजला हल्का बुखार आदि में लाभ होता हैं| ठंडी चीजों के सेवन से बचे तथा नशा न करें | इस तरह हम अपने आस पास पाए जाने वाले वनस्पतियों की मदद से स्वस्थ रह सकते हैं यदि हम उनके गुणों के बारे में जाने और इस तरह पैसे की भी बचत कर सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क नम्बर @9111061399

Posted on: Sep 03, 2018. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर: तुलसी के औषधीय गुण...

वैद्य रमाकांत सोनी, सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छतीसगढ़) से आज हम सभी को तुलसी के पौधे के औषधीय गुण के बारे में बता रहे हैं जो लगभग हर घर में पाया जाता है, हिन्दू परम्परा में इसकी पूजा की जाती है और इसे हर आँगन में लगाने की सलाह दी जाती है : तुलसी एक उत्कृष्ट रसायन है, इसे वैज्ञानिकों ने भी एक अद्भुत औषधि माना है इसे धर्म शास्त्रों में भी पवित्र माना गया है| यह सर्दी जुखाम, खांसी, एसिडिटी, ज्वर, दस्त, हिचकी, वमन, मुख की दुर्गंध, पेचिस के लिए अत्यंत लाभकारी है, यह रक्त में फैले विषैले तत्वों को साफ़ करता है| यह कीटनाशक है यह शरीर के लिए स्फूर्ति वर्धक है, जो शरीर को स्वस्थ रखता है| वैद्य रमाकांत सोनी@9589906028.

Posted on: Sep 03, 2018. Tags: CG MUNGELI RAMAKANT SONI SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर: हिस्टिरिया या मिर्गी का घरेलू उपचार...

ग्राम-रहंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा हिस्टिरिया (मिर्गी) रोग का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं: हिस्टिरिया (मिर्गी) यह बहुत पुरानी बीमारी है, ये अधिकतर महिलाओं को गर्भ के समय में होता है, इसके निदान के लिए, 4 चम्मच जटामासी के जड़ का चूर्ण, 2 चम्मच वच का चूर्ण, 1 चममच काला नमक, आधा चम्मच शहद के साथ नियमित रूप से दिन में 3 बार लगातार 1 सप्ताह तक सेवन करने से बीमारी से छुटकारा मिल सकता है,
सावधानी: महिलाओं को मानसिक तनाव नही लेनी चाहिये| यह औषधि हमारे पर्यावरण में आसपास ही मिल जाता है, ये इलाज बिना कोई शुल्क दिए ही घर में कर सकते हैं:
संपर्क नम्बर@9893327457.

Posted on: Sep 02, 2018. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA HEALTH MUNGELI SONG SWASTHYA SWARA VICTIMS REGISTER

वनांचल स्वर: पहले लोग कोदो, कुटकी खाते थे तंदरुस्त रहते थे, अब चावल खाकर कमज़ोर हो रहे हैं ...

ग्राम-पैयवारी, पंचायत-कढाई खुदरा, ब्लाक-अन्तागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से ग्रामीण दयाल सिंह और नरसू राम दुग्गा कृषि के बारे में बता रहे है कि, जैविक कृषि में हम लोग धान, कोदो, कुटकी, उड़द, कुल्थी का खेती करते है, जिससे हम अधिकतर लोग बेचने के लिए उगाते हैं, बेचने से जितना बचता है मुर्गियों को खिला देते हैं, जबकि ये स्वयं को खाना चाहिए, पूर्वज लोग कोदो कुटकी खाते थे और तन्दरूस्त रहते थे, हम लोग नही खा रहे हैं, हमारे अभी के लोगो में पहले के लोगों जैसा ताकत नही है, हमे भी कोदो कुटकी खाना चाहिए, जिससे शरीर में ताकत के साथ-साथ स्फूर्ति भी बना रहे, कोदो में अनेक प्रकार के बीमारियों से लड़ने की क्षमता होती है, इसलिए कोदो कुटकी लोगों को खाना चाहिए

Posted on: Sep 02, 2018. Tags: AGRICULTURE AMAR MARAVI ANTAGARH CG KANKER SONG VANANCHAL SWARA VICTIMS REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »