हाय रे हाय रे ऋषि मन पहारे करिन पूजा..सरगुजिया गीत
ग्राम-पलडा, पोस्ट-कोटेया, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से राकेश कुमार यादव एक गीत सुना रहे हैं :
हाय रे हाय रे ऋषि मन पहारे करिन पूजा-
बड़ा भारी छत्तीसगढ़ सरगुजा संगी-
छत्तीसगढ़ ला कहिथे गोरी धान के कटोरा-
सरगुजा में देवी देवता करिन है बसेरा-
धन हमर छत्तीसगढ़ के माटी महान हो-
हाय रे संगी हो ऋषि मन पहारे करिन पूजा...
Posted on: Mar 11, 2018. Tags: RAKESH KUMAR YADAV SONG VICTIMS REGISTER
ओप्पो के मोबाईल मा रानी जियो के सिम लगा ले ना ओ...छत्तीसगढ़ी गीत
ग्राम-दुर्लापुर, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से लक्ष्मी चंदेल एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं:
ओप्पो के मोबाईल मा रानी जियो के सिम लगा ले ना ओ-
अरे तोर मोर बात हो जाही दिन रात ओ-
वीडियो कॉल कर के टूरी करत रइबो एदे बात ओ-
एक दूसर के चेहरा ला देखत रईबो दिन रात ओ-
कबहूं मारत रईबे मिस कॉल कबहूं कॉल तै करथस ओ-
हेलो हेलो कहके टूरी मिस कॉल तै मोला मारथस ओ...
Posted on: Mar 11, 2018. Tags: LAKSHMI CHANDEL SONG VICTIMS REGISTER
ग्राम सभा मुहल्ला सभा के स्थापना दिवस मनाये...संगठन गीत -
ग्राम सभा मुहल्ला सभा के स्थापना दिवस मनाये – सब मिल सोचियो न्याय दिला तई आनंद भाई – वार्ड पंच के एकता हम सबके भाय – संगठन बनतई सुजीत भईया, संगठन बनतई उदय भईया – वार्ड के विकास कराय घर-घर में सुख शांति आए – समस्या दूर भगाय सब मिल सोचियो – न्याय दिलातई आनंद भाई – संगठन बनतई संजू दीदी सब के विकास कराय – घर-घर में सुख शांति आय तइ समस्या दूर भगाय –
संगठन बना तइ सुनील भईया सांस्कृतिक आंदोलन चलाय...
Posted on: Mar 09, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
झनी रो तै झनी रो मोर कोरा के बेटी...बेटी गीत
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक बेटी गीत सुना रहे हैं :
झनी रो तै झनी रो मोर कोरा के बेटी-
मै तोला जनम करे हों तोला मै पालूं पोसू ओ-
मोर कोरा मा धरिके तोला दूध पियाहूँ-
तोला पढ़ाहूं लिखाहूँ आगू बढाहूँ-
तोर गोड मा तोला खड़े करहुं-
बडबिहा करके तोला डोली मा बिठाहूँ – रेंगे के डहर ला घलो मै बताहूँ ओ...
Posted on: Mar 09, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIHARI SONG VICTIMS REGISTER
उत्तर छत्तीसगढ़ के आदिवासी गाँव से चरवाहे की बांसुरी की धुन...
ग्राम-धूमाडांड, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से गीता टेकाम के सांथ आज उनके साथी ग्रामवासी रुपसाय हैं जो एक चरवाहा है और गाय चरते हुवे अपने मनोरंजन के लिए बांसुरी बजाते है और आज ये सीजीनेट सुनने वालो साथियों को भी अपनी बांसुरी की धुन सुना रहे है...

