शासकीय छात्रावास में महीने से पानी की समस्या, दृष्टिबाधित विद्यार्थी भी दूर से पानी लाने मज़बूर...
शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान या आई टी आई रीवा (मध्यप्रदेश) से शिव कुमार बता रहे हैं कि उनके शासकीय छात्रावास में एक महीने से पानी की समस्या है,जिसके कारण सभी दृष्टिबाधित छात्रों को 2 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है, जिससे उन्हें समय से क्लास जाने में दिक्कत होती है, उन्होंने प्रबंधक से इस संबंध में बात की, लेकिन प्रबंधक महोदय का कहना है हम कुछ नही कर सकते, इस समस्या से छात्रावास के सभी विद्यार्थी परेशान हैं इसलिए वे सीजीनेट के सभी सुनने वाले सांथियो से अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबर में बात कर समस्या का निराकरण करने में मदद करे| छात्रावास अधीक्षक@9981661313. शिव कुमार@9644778008.
Posted on: Mar 12, 2018. Tags: SHIV KUMAR SONG VICTIMS REGISTER
लगनिया, लगनिया, लगानिया....भिखारी ठाकुर का भोजपुरी गीत
सुनील कुमार मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से भिखारी ठाकुर रचित एक भोजपुरी गीत सुना रहे हैं :
लगनिया, लगनिया, लगानिया –
कहिया लगीयन सीता राम में लगनिया कहिया लगनियन – कुछ दिन बीत गईले करत सनिया पनिया – कुछ दिन बीते छूरा कैची न रहनिया – गंवा गई, जाई खाई, चिट्ठी, नेवतनिया – लिखे के सिखौलन भगवान साहू बनिया...
Posted on: Mar 12, 2018. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
नंद के नंदा आनंद कंदा बाल मुकुंदा हे जगवंदा...भजन
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडिहारी एक भजन गीत सुना रहे हैं :
नंद के नंदा आनंद कंदा बाल मुकुंदा हे जगवंदा
जब-जब बढा धरती का भार तूने लिया अवतार
कली काल का हुआ विस्तार, कब लोगे अवतार
नंद के नंदा आनंद कंदा हे बाल मुकुंदा हे जग वंदा...
Posted on: Mar 12, 2018. Tags: KANHIYALAL PADIHARI SONG VICTIMS REGISTER
होता है सारे विश्व का कल्याण यज्ञ से...यज्ञ महिमा गीत
बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार कुछ पंक्तियों के माध्यम से यज्ञ की महिमा सुना रहे हैं :
होता है सारे विश्व का कल्याण यज्ञ से-
जल्दी प्रसन्न होते हैं भगवान यज्ञ से-
ऋषियों ने ऊँचा माना है स्थान यज्ञ का-
भगवान का यह यज्ञ है भगवान यज्ञ का-
जाते हैं देवलोक में इंसान यज्ञ से-
होता है सारे विश्व का कल्याण यज्ञ से...
Posted on: Mar 12, 2018. Tags: SONG SURESH KUMAR VICTIMS REGISTER
दहेज निषेध क़ानून 1961 में बना पर अब भी जारी, इसे नष्ट करने के लिए कानून बनाना काफी नही...
ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-टीकमगढ़ (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाहा बता रहे हैं, दहेज प्रथा हमारे समाज में प्राचीन समय से व्याप्त एक संक्रामक बीमार की तरह है, जो हमारे समाज को नष्ट कर रहा है, गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरित मानस के अनुसार में उस समय दहेज़ का स्वरुप ऐसा नही था, बल्कि यह कन्या पक्ष द्वारा खुशी से वर पक्ष को दिया गया उपहार होता था, इस पर कोई दबाव नही होता था, सन 1961 के दहेज विरोधी अधिनियम के अनुसार दहेज़ लेना और देना दोनों ही दण्डनीय अपराध है लेकिन आज भी ये कुप्रथा चल रही है उनका कहना है कानून बनाने मात्र से सामाजिक बुराई खत्म नही हो सकती इसके लिए समाज को स्वयं ही आगे आना होगा| मनोज कुशवाहा@9516058859.

