पहले लगातार बारिश होती थी पानी रुकने का नाम नहीं लेता था, अब बरसात में नाले सूखने लगे हैं...

पहले सात-सात दिन लगातार बारिश होती थी पानी रुकने का नाम नहीं लेता था और अब बरसात में ही नदी-नाले सूखने लगे हैं. ग्राम-भरदा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दीपक बागरी सीजीनेट जन पत्रकारिता यात्रा के दौरान बुजुर्ग निवासी महेश जी से यहाँ की भोगोलिक पारिस्थितिकी के बारे में चर्चा कर रहे हैं ये बता रहे हैं कि राजाओं के समय से यहाँ पर निवास कर रहे हैं उम्र लगभग 80 साल के हैं ये बता रहे हैं इस साल बारिश अच्छी नही हुई है जिसके कारण फसल कमजोर है नदियों की स्थित भी अच्छी नही है फसलो में आई कमी को सिंचाई कर पूरा करने का प्रयास करते हैं आज मौसम में परिवर्तन आ गया है बारिश में सूखा और और ठंडी में भी गर्मी पड़ रही है, आगे क्या होगा पता नहीं | दीपक बागरी@8224846086.

Posted on: Sep 30, 2017. Tags: DEEPAK BAGRI SONG VICTIMS REGISTER

कनके नुका जावा रो ये येलो जेलों...गोंडी गीत

ग्राम-मोहगाँव, तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से उत्तम अटाला एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रे रे लयो रे रेला रे रेला रे रे रेला रे रेला-
कनके नुका जावा रो ये येलो जेलों-
जावा लहकी किम रो ये येलो जेलों-
ईमा बेके दाकि रा ये दादा जेला-
हिपिया पिट्टे जोड़ी रो ये येलो जेलों-
जौवदी पडकी दाको रो ये येलो जेलों...

Posted on: Sep 30, 2017. Tags: SONG UTTAM ATALA VICTIMS REGISTER

आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : कलिहारी जड़ी से पीलिया ठीक करने का उपाय...

ग्राम-धीरी, पोस्ट-जैतपुरी, तहसील-बैहर, जिला-बालाघाट,(मध्यप्रदेश) से जगदीश कुमार मरकाम जड़ी बूटी से पीलिया ठीक करने की विधि बता रहे है.कलिहारी जड़ी प्राय: जंगल झाड़ियो में पाई जाती है इसके फूल लाल-पीले रंग के होते है अधिकतर महिलाएं ‘तीजा त्यौहार’(पोला पंचमी) में जब उपवास रखती है तब इसके फूल को फुलेर बांधती है. कलिहारी की जड़ को खोदकर ले आवे और १० ग्राम की समान मात्रा में तीन टुकड़े कर ले, एक टुकड़े को गले में माला की तरह पहन ले. दुसरे दुकड़े को नहाने वाले पानी को कुनकुना कर जड़ी के टुकड़े को पाउडर कर पानी में डालकर नहा ले, तीसरे टुकड़े को चबाकर खा ले अगर मरीज बच्चा है तो तीसरी विधि बच्चों पर न करे कारण जड़ी बहुत ही कड़वी होती है, इस उपचार को एक ही बार करे बार बार नही करे, जो जड़ी गले में माला के रूप में पहनी होती है उसका असर तब तक रहता है जब तक पीलिया के जीवाणु मर नही जाते, शरीर से हट नही जाते-जगदीश कुमार मरकाम@8717907631

Posted on: Sep 30, 2017. Tags: JAGDISH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER

हरदी चढ़ाउ सिआ के तेल चढ़ाउ हे...बिहार से वज्जिका भाषा में हल्दी विवाह गीत

सुनील कुमार मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार) से वज्जिका भाषा में हल्दी विवाह गीत सुना रहे हैं:
हरदी चढ़ाउ सिआ के तेल चढ़ाउ हे-
बन्नी के गोर देहिआ खूब दमकाउ हे-
बन्नी हमार हए चान के टूकड़ा-
फूल जइसन हए बन्नी के मुखरा-
मुँह सम्हारू सखी हरदी लगाउ हे-
बन्नी के बांह जइसे फूल के डाढ़ी-
गमे गमे बहिआ पर हरदी चढ़ाऊ हे...

Posted on: Sep 30, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

हे बदम डाका ओयना रो हे येलो जेलों...गोंडी गीत

ग्राम-वानरछुआ, पोस्ट-रांगी, तालुका-आरमोरी, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से विनोद अलामी बता रहे है उनके गाँव में आज गोंडी धर्म शिविर का आयोजन किया गया है| उसके संदर्भ में एक गोंडी गीत सुना रहे है:
रे रे लोयो रे रेला रे रेला रे रे लोयो रे रेला-
हे बदम डाका ओयना रो हे येलो जेलों-
लिंगो न डाका ओयना रो हे येलो जेलों-
हे बदम डाका ओयना रो हे येलो जेलों...

Posted on: Sep 30, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VINOD ALAMI

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